बिहार में कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिली थी और 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक राजधानी पटना सहित राज्य के अधिकतर जिलों में धूप निकले और तापमान में 5 से 6 डिग्री की वृद्धि हुई. जिसके कारण बिहार वासियों को ठंड से थोड़ी राहत मिली थी. लेकिन शनिवार 3 जनवरी से एक बार फिर कड़ाके की ठंड बिहार में दस्तक दे दिया है. जिससे 5 से 7 डिग्री की तापमान की गिरावट आ चुकी है. तो जिला प्रशासन ने अपने निर्णय में फेर बदल करते हुए प्ले स्कूल, आंगनबाड़ी से लेकर क्लास 8 तक के शिक्षण संस्थानों को 8 जनवरी तक बंद करने का निर्देश दे दिया है. बिहार इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। इससे आम जनजीवन प्रभावित है। मौसम विभाग ने आज यानी रविवार को राज्य के सभी 38 जिलों में घना कोहरा और कोल्ड डे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
पटना का न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 3.6 डिग्री सेल्सियस का अंतर रह गया। पटना राज्य में सबसे ठंडा रहा। राज्य में सबसे अधिक तापमान डेहरी और बांका में 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यहां का न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, अभी कड़ाके की ठंड जारी रहेगी। धीरे-धीरे शीतलहर चलना शुरू होगा। इससे ठिठुरन और बढ़ेगी। दस जनवरी तक कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है।
अधिक ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन ने आगामी 8 जनवरी तक सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है. पटना जिलाधिकारी ने कल तीन जनवरी को देर शाम अचानक निर्णय लेते हुए लेटर जारी किया और आज 4 जनवरी से आगामी 8 जनवरी तक प्ले स्कूल, आंगनबाड़ी से लेकर क्लास 8 तक के सभी तरह के स्कूलों को बंद करने का निर्देश दिया है. तो क्लास 8 से ऊपर सभी शैक्षणिक संस्थानों को 10:30 बजे से 3:30 बजे तक खोले रहने का निर्देश दिया गया है.
जिला प्रशासन ने पहले 23 दिसंबर से 26 दिसंबर तक सभी स्कूलों का बंद रखने का निर्देश दिया था. लेकिन ठंड से राहत नहीं मिलने पर 27 दिसंबर से 30 दिसंबर तक सभी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया. उसके बाद भी ठंड से राहत नहीं मिलने पर 31 दिसंबर से 2 जनवरी तक स्कूल बंद किया गया लेकिन धूप निकलने और ठंड से थोड़ी राहत मिलने के बाद 2 जनवरी को जिला प्रशासन ने प्ले स्कूल आंगनबाड़ी से लेकर क्लास 5 तक के लिए सभी स्कूलों को 5 जनवरी तक बंद रखने का निर्णय लिया था. लेकिन अचानक शनिवार को ठंड में वृद्धि होने की वजह से बीच में ही निर्णय लेते हुए आगामी 8 जनवरी तक स्कूल बने रखने का निर्देश दे दिया है.
आगामी तीन दिनों तक जारी रहेगा ठंड का कहर- मौसम विभाग
मौसम विभाग के अनुसार पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी से शुरू हो गई है जिसकी वजह से बिहार में शनिवार को ठंडी पछुआ हवा का प्रवाह करीब 15 किलोमीटर के बीच रहा. आज 4 जनवरी रविवार को भी राजधानी पटना सहित राज्य के अधिकांश जिलों में सर्द पछुआ हवा के साथ अधिक ठंड रहने की संभावना है और दिन के तापमान में गिरावट रहेगी. अधिकांश जिलों में आज धूप नहीं निकलने की पूरी संभावना बन रही है. मौसम विभाग के अनुसार आगामी तीन दिनों तक इस ठंड से राहत मिलने की संभावना नहीं है.
पटना समेत इन जिलों में जारी रहेगा ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग में आज सुबह से पटना सहित 5 जिलों में अत्यधिक कुहासा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इनमें पटना के अलावा नालंदा, जहानाबाद , शेखपुरा और लखीसराय जिला शामिल है. तो 24 जिलों में येलो कलर जारी किया गया है इनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, वैशाली, गयाजी, नवादा, जमुई , बांका, भागलपुर, मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, पूर्णिया किशनगंज और कटिहार में घना कुहासा की चेतावनी दी गई है जो आज दिन के 10 से 11:00 बजे तक के बीच रहने की पूरी संभावना है.
15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी हवा
बीते शनिवार को पटना सहित अधिकांश जिलों में सुबह में घना कोहरा छाया रहा. दिनभर धूप नहीं निकलने और 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बर्फीली हवा चलने से शीतलहर जैसी स्थिति रही. पटना के अधिकतम तापमान में 5.2 डिग्री की गिरावट के साथ 14.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 1.8 डिग्री की बढ़ोतरी के साथ 10.8. डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया. राज्य में शनिवार को 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द पछुआ चली और घना कोहरा छाया रहा.
अधिकतम तापमान में 7 डिग्री तक की गिरावट से शीतलहर जैसे हालात रहे. हालांकि, ज्यादातर शहरों के न्यूनतम तापमान में 5.5 डिग्री तक की बढ़ोतरी हुई. दिन का सबसे अधिक तापमान बांका और सासाराम के डेहरी में 20.6 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि सबसे कम अधिकतम तापमान मधुबनी में 13.4 डिग्री सेल्सियस रहा. जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान भागलपुर के सबौर में 6.4 डिग्री सेल्सियस रहा तो न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस से 12.7 डिग्री के बीच दर्ज की गई. शनिवार को कुहासे के कारण सबसे कम न्यूनतमदृष्टया फारबिसगंज में 50 मीटर दर्ज किया गया.
सर्द पछुआ हवा ने बढ़ाई ठंड
मौसम विभाग के अनुसार, ऊपरी हिमालय क्षेत्र में हो रही बर्फबारी और राजस्थान की ओर से आ रही ठंडी पछुआ हवा का सीधा असर बिहार के मौसम पर पड़ रहा है। इन सर्द हवा के कारण राज्य के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। हवा की रफ्तार तेज होने से ठंड बढ़ गई है, जिससे लोगों को घरों से बाहर निकलने में काफी परेशानी हो रही है।
आने वाले दिनों में पटना में कैसा रहेगा मौसम
राजधानी पटना में सुबह से ही घना कोहरा छाया हुआ है। दिनभर ठंडी हवाएं चलने के कारण तापमान में बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है। लोग अलाव, हीटर और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग ने पटना में भी अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के हालात बने रहने की चेतावनी दी है।
हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मरीज बढ़े, 3 दिन में 25 मौतें
भीषण ठंड की वजह से राजधानी के प्रमुख अस्पतालों में हार्ट अटैक, ब्रेन हेमरेज, सीओपीडी के मरीज भरे पड़े हैं। आईसीयू और एचडीयू भर चुकी हैं। इमरजेंसी वार्ड भी फुल हैं। हालत यह है कि नए गंभीर मरीजों को निराश होकर निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। PMCH, IGIMS में तो बरामदा और हॉल में भी ट्रॉली पर लिटाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है। स्थिति नियंत्रित होने पर अन्य अस्पतालों में भेजा जा रहा है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के केस 30 प्रतिशत तक बढ़े हैं। IGIMS के अधीक्षक डॉ. मनीष मंडल ने बताया कि तीन दिन में ब्रेन हेमरेज और हार्ट अटैक के 15 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि 25 का इलाज चल रहा है।
25 जिलों कोल्ड डे रहा
पटना सहित दक्षिण-पश्चिम और उत्तरी बिहार में सुबह नौ बजे तक घना कुहासा छाया रहा। घना कुहासे के साथ तेज पछुआ हवा ने ठिठुरन बढ़ा दी। स्थिति यह रही की दिनभर कहीं भी धूप नहीं दिखी।
ठंडी हवा ने लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया। इससे पटना समेत 25 जिलों में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। राज्य में सबसे अधिक तापमान डेहरी और बांका में 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
सबसे कम न्यूनतम तापमान भागलपुर के सबौर में 6.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। घना कुहासे के कारण फारबिसगंज सबसे कम न्यूनतम विजिबिलिटी 50 मीटर दर्ज की गई।
क्या होता है कोल्ड डे?
जब दिन के समय अधिकतम तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाता है और धूप नहीं निकलती, तो उस स्थिति को कोल्ड डे कहा जाता है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जब अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस या उससे कम हो जाता है, तब कोल्ड डे की स्थिति मानी जाती है।







