बिहार सरकार ने विकास के अगले चरण की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए सात निश्चय योजना 3.0 को मंजूरी दे दी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को हरी झंडी दी गई. सरकार का दावा है कि सात निश्चय-1 (2015-2020) और सात निश्चय-2 (2020-2025) के तहत निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के बाद अब सात निश्चय-3 के जरिए बिहार को देश के सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने का रोडमैप तैयार किया गया है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 24 नवंबर 2005 से राज्य में कानून का राज स्थापित हुआ है और बीते 20 वर्षों से सभी वर्गों और क्षेत्रों के समावेशी विकास के लिए लगातार काम किया गया है. उन्होंने भरोसा जताया कि सात निश्चय-3 के प्रभावी क्रियान्वयन से “विकसित बिहार” का सपना साकार होगा.
पहला निश्चय: दोगुना रोजगार–दोगुनी आय
सात निश्चय-3 का पहला लक्ष्य राज्य की प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करना है. इसके तहत अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए अलग से युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग का गठन किया गया है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए 10 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है, जिसे आगे बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की मदद मिलेगी. जाति आधारित गणना और सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण में चिह्नित 94 लाख गरीब परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार योजनाओं से जोड़ा जाएगा.
दूसरा निश्चय: समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार
उद्योगों को गति देने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन उच्चस्तरीय समितियां बनाई गई हैं. लक्ष्य है बिहार को पूर्वी भारत का टेक हब और विश्वस्तरीय कार्यस्थल के रूप में विकसित करना. सरकार ने अगले पांच वर्षों में 50 लाख करोड़ रुपये के निजी निवेश का लक्ष्य तय किया है. सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे. साथ ही, बंद पड़ी 9 चीनी मिलों को फिर से चालू करने और 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने का फैसला लिया गया है.
तीसरा निश्चय: कृषि में प्रगति–प्रदेश की समृद्धि
किसानों की आय बढ़ाने के लिए चौथे कृषि रोडमैप (2024-2029) को और तेज किया जाएगा। मखाना उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ावा देने के लिए अलग मखाना रोडमैप तैयार किया जाएगा. डेयरी और मत्स्य पालन पर खास फोकस रहेगा. सभी गांवों में दुग्ध उत्पादन समितियों और हर पंचायत में “सुधा” बिक्री केंद्र खोलने की योजना है. साथ ही, हर खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचाने का काम तेज होगा.
चौथा निश्चय: उन्नत शिक्षा–उज्ज्वल भविष्य
राज्य में अलग उच्च शिक्षा विभाग का गठन किया गया है. पुराने प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके अलावा, बिहार में नई एजुकेशन सिटी के निर्माण का भी निर्णय लिया गया है.
पांचवां निश्चय: सुलभ स्वास्थ्य–सुरक्षित जीवन
प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र और जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा. दूरदराज के इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए डॉक्टरों को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा और सरकारी चिकित्सकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने की नीति लाई जाएगी.
छठा निश्चय: मजबूत आधार–आधुनिक विस्तार
शहरी क्षेत्रों के विस्तार, नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और नए आधुनिक शहरों के विकास पर जोर दिया जाएगा. शहरों में कनेक्टिविटी के लिए 5 नए एक्सप्रेस-वे, ग्रामीण सड़कों का दो लेन चौड़ीकरण, सोलर पैनल के जरिए सौर ऊर्जा को बढ़ावा और पर्यटन स्थलों के विकास की योजना शामिल है. पटना में विश्वस्तरीय स्पोर्ट्स सिटी और सभी जिलों में खेलों के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे.
सातवां निश्चय: सबका सम्मान–जीवन आसान
अंतिम निश्चय के तहत आधुनिक तकनीक, नवाचार और संवेदनशील सुशासन के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान बनाने पर फोकस रहेगा.







