ADVERTISEMENT
Tuesday, August 4, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

नीतीश सरकार की नई टीम तैयार, भाजपा ने सबसे अधिक 6 नए चेहरों पर खेला दांव………

UB India News by UB India News
November 23, 2025
in पटना, बिहार
0
नीतीश सरकार की नई टीम तैयार, भाजपा ने सबसे अधिक 6 नए चेहरों पर खेला दांव………

RELATED POSTS

बीजेपी शासित बिहार, मप्र और गुजरात की दतिया, बांकीपुर और मांजलपुर विधान सभा सीटों पर उपचुनाव के परिणामो के क्या है मायने ………..

30 सालों तक तक भगवा रंग रंगी बांकीपुर कैसे पीले रंग से सरोबार हो गई ……………….

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. 74 साल के नीतीश कुमार पहली बार 2000 में मुख्यमंत्री बने थे, लेकिन उनकी सरकार सिर्फ आठ दिन में गिर गई थी. इसके बाद वे 2005 में फिर मुख्यमंत्री बने और 2014 तक लगातार सत्ता में रहे. 2014 लोकसभा चुनाव में जेडीयू के खराब प्रदर्शन की जिम्मेदारी लेते हुए उन्होंने इस्तीफा दिया, लेकिन कुछ समय बाद वे फिर से मुख्यमंत्री बन गए.
अब बात करते हैं उनकी नई कैबिनेट की. इस बार कैबिनेट में कई पुराने और कुछ नए चेहरे शामिल किए गए हैं. कुल 26 मंत्रियों ने शपथ ली. सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा एक बार फिर से उप मुख्यमंत्री होंगे. कैबिनेट में कुल तीन महिलाओं को जगह दी गई है. ये हैं- लेशी सिंह, रमा निषाद और श्रेयसी सिंह. इसके अलावा एलजेपी (रामविलास) के 2 मंत्री, हम (HAM) का 1 मंत्री और आरएलएम का 1 मंत्री भी कैबिनेट में शामिल किया गया है.
भाजपा से आए नए चेहरे चुनावी सफलता और संगठन में पकड़ के दम पर आगे बढ़े, जबकि जदयू और लोजपा-रामविलास ने अपने जातीय आधार को कैबिनेट में मजबूती दी है।

राम कृपाल यादव: पाटलिपुत्र से मंत्री पद तक यादव राजनीति को बड़ा संदेश

राम कृपाल यादव की कैबिनेट में एंट्री RJD को पारंपरिक यादव वोट बैंक पर NDA की सेंधमारी मानी जा रही है। पटना के गोरिया टोली के रहने वाले रामकृपाल यादव पहली बार नीतीश सरकार में मंत्री बने हैं।

स्टूडेंट लाइफ में पॉलिटिकल करियर की शुरुआत उन्होंने पटना के AN कॉलेज में छात्र संघ के अध्यक्ष चुनाव जीतकर की। फिर मगध यूनिवर्सिटी के सीनेट मेम्बर बने।

इसके बाद पटना नगर निगम का चुनाव लड़े और वार्ड पार्षद, दो बार पटना के डिप्टी मेयर रहे। एक समय रामकृपाल यादव राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के हनुमान कहे जाते थे। राजद में रहते हुए दो बार MLC बने। बिहार राज्य धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष भी बनाए गए।

साल 2014 में राजद छोड़ बीजेपी में आए और पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से सांसद बने। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली सरकार में पहली बार केंद्रीय मंत्री बने।

अब तक रामकृपाल यादव 5 बार लोकसभा सांसद और एक बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं। 2024 का लोकसभा चुनाव वो लालू की बेटी डॉ. मीसा भारती से हार गए थे।

इस बार बीजेपी की टिकट पर फिर दानापुर सीट से विधानसभा चुनाव लड़े और राजद के रीतलाल यादव को 29 हजार वोटों से हराकर जीते। अब बिहार की नई NDA सरकार में मंत्री बने हैं।

श्रेयसी सिंह: खेल से राजनीति तक, महिला नेतृत्व का नया चेहरा

लगातार दूसरी बार विधानसभा का चुनाव जीतने वाली श्रेयसी सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग खिलाड़ी हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की बेटी हैं। पिता जदयू से जुड़े थे।

मां भी पूर्व सांसद हैं। राजनीति में इनकी एंट्री पहले से ही आकर्षण का केंद्र थी, लेकिन इस विधानसभा चुनाव की जीत ने उन्हें युवा और महिला नेतृत्व का मजबूत चेहरा बना दिया।

श्रेयसी सिंह ने जमुई सीट से RJD प्रत्याशी को 54,000 वोटों से हराकर जीत दर्ज किया है। श्रेयसी की साफ-सुथरी छवि, खेल उपलब्धियों और महिला मतदाताओं में लोकप्रियता ने उन्हें जीत दिलाई।

अब श्रेयसी सिंह को मंत्री बनाकर NDA ने महिला वर्ग को बड़ा संदेश भेजा है। वो महिला विकास, खेल, युवा मामलों या पर्यटन जैसे विभागों में प्रभावी कार्य कर सकती हैं।

लखेंद्र रौशन पासवान: BJP का नया युवा OBC-पासवान चेहरा

लखेंद्र रौशन पासवान ने बहादुरगढ़ विधानसभा सीट से बड़ी जीत दर्ज कर भाजपा में उभरते हुए नेता के रूप में अपनी जगह बनाई है। पासवान समाज में भाजपा की पैठ बढ़ाने की रणनीति का वह सेंटर प्वाइंट बनेंगे।

उनकी छवि जमीनी नेता की रही है। पंचायत, जिला परिषद और युवा मोर्चा स्तर पर उनकी मजबूत पकड़ है।

लखेंद्र की पहुंच पार्टी के निचले स्तर के कार्यकर्ताओं तक है, जिससे वे प्रशासन और संगठन के बीच एक मजबूत पुल बन सकते हैं। वे ग्रामीण विकास, खाद्य आपूर्ति, श्रम या युवा विभाग में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं।

रमा निषाद: निषाद समाज की नई आवाज

मुजफ्फरपुर जिले के औराई सीट से चुनाव जीतने वाली रमा निषाद दो बार के सांसद अजय निषाद की पत्नी हैं। वार्ड पार्षद से लेकर विधायक बनने का सफर वो तय कर चुकी हैं। वह भाजपा के निषाद-मछुआरा समाज की सबसे प्रमुख महिला चेहरा बनकर उभरी हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जीत दर्ज कर रमा निषाद ने अपने क्षेत्र और संगठन में मजबूत चेहरा बनकर उभरीं हैं। उनकी इस जीत ने क्षेत्र में महिला-OBC वोटों का नया समीकरण तैयार कर दिया है। बिहार में निषाद समुदाय की करीब 5.5 प्रतिशत की आबादी है।

इस जाति को पहले राजद-कांग्रेस का वोट माना जाता था। रमा निषाद की सामाजिक सक्रियता, SHG समूहों से जुड़ाव और नदी–मछुआरा विवादों में हस्तक्षेप ने उन्हें लोकप्रिय बनाया। वे मत्स्य विभाग, महिला विकास या परिवहन में प्रभावी मंत्री साबित हो सकती हैं।

अरुण शंकर प्रसाद: BJP का सबसे भरोसेमंद प्रशासनिक चेहरा

अरुण शंकर प्रसाद भाजपा के ऐसे नेताओं में शामिल हैं, जिनकी पकड़ शहरी, उच्च जाति और मध्यम वर्ग के वोटर पर है। उनका संगठन में सालों का अनुभव, वार्ड स्तर की राजनीति और भाजपा के भीतर उनकी मजबूत स्वीकार्यता ने उन्हें कैबिनेट का स्थिर चेहरा बनाया है। 2025 में अपने क्षेत्र में रिकॉर्ड जीत दर्ज करना उनके जनाधार का संकेत है।

भाजपा–जदयू तालमेल में अरुण शंकर प्रसाद वह नेता हैं, जिन पर दोनों दल भरोसा कर सकती है। प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें वित्त, नगर विकास, गृह या उद्योग विभाग में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है।

संजय सिंह टाइगर: जमीनी कार्यकर्ता से मंत्री तक का सफर

संजय सिंह टाइगर भाजपा का वह चेहरा हैं, जिन्हें संगठन ने धीरे-धीरे तैयार किया है। भोजपुर जिले के आरा सीट से उन्होंने 30,000 से अधिक वोटों से जीत दर्ज की है। इस बड़ी जीत ने उन्हें मजबूत जनाधार वाले नेता के रूप में स्थापित किया।

संजय टाइगर की छवि आक्रामक कैंपेनर और सुलभ नेता की है, जो ग्रामीण और बुजुर्ग मतदाताओं में उन्हें लोकप्रिय बनाती है। भाजपा संजय टाइगर को नए दौर के राजपूत–युवा नेता के रूप में तैयार कर रही है।

संजय कुमार सिंह: बुरे वक्त में भी चिराग के साथ रहने का मिला फल

राजपूत जाति से आने वाले संजय कुमार सिंह लंबे वक्त से लोजपा से जुड़े हुए हैं। जब लोजपा दो भागों में बंटी और चिराग पासवान का बुरा दौर आया, तब संजय उनके साथ खड़े थे। 2020 के बाद इस विधानसभा चुनाव में भी चिराग ने महुआ सीट के लिए संजय कुमार सिंह पर भरोसा जताया और वे इस बार भरोसे पर खड़े उतरे।

राजद के उम्मीदवार मुकेश रौशन और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव को हराकर संजय ने बड़ी जीत दर्ज की। लोजपा-आर का वोट बैंक लगभग 6–7% का प्रभावी आधार है। संजय जैसे नेताओं के शामिल होने से यह आधार और मजबूत होता है।

चिराग पासवान ने उन्हें मंत्री बनवाकर अपने संगठन में “जमीन से जुड़े नेताओं को महत्व देने” का संदेश दिया।

संजय कुमार रोजगार, पिछड़ा वर्ग कल्याण या सामाजिक न्याय विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

संजय पासवान: पासवान कोटे से मंत्री बने

संजय पासवान NDA में पासवान और दलित राजनीति के मजबूत चेहरे के रूप में उभरे हैं। उनका परिवार रामविलास पासवान की राजनीतिक परंपरा से जुड़ा रहा है। इसी वजह से उन्हें पार्टी के अंदर गहरी पहुंच मिली है।

बखरी सीट पर क्षेत्रीय प्रभाव के कारण पासवान समाज की मजबूत मौजूदगी दिखी।

चिराग पासवान चाहते हैं कि पार्टी में सिर्फ परिवार नहीं, बल्कि नेतृत्व के कई चेहरे उभरें। संजय पासवान उसी रणनीति का हिस्सा हैं। संगठन से सीधा जुड़ाव और युवाओं के बीच सक्रियता उन्हें भाजपा और जदयू के लिए भी स्वीकार्य बनाती है। वे सामाजिक न्याय, ग्रामीण विकास या सहकारिता विभाग में प्रभावी भूमिका निभा सकते हैं।

दीपक प्रकाश: कुशवाहा की राजनीति के नए वारिस

दीपक प्रकाश पूर्व केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा के बेटे हैं। फिलहाल ये किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। लेकिन आज दीपक प्रकाश ने मंत्री पद की शपथ ली है, जिससे साफ है कि आगे चलकर वह बिहार विधान परिषद के मेम्बर बनेंगे।

दीपक को मंत्री बनाए जाने का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश यह है कि जदयू समेत पूरी NDA कुशवाहा समाज में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है। दीपक की पहचान उनके पिता उपेंद्र कुशवाहा की सामाजिक-राजनीतिक पकड़ से जुड़ी है। यह परिवार बिहार के शैक्षणिक, पिछड़ा वर्ग और खासकर शाहबाद क्षेत्र में प्रभावशाली माना जाता है।

दीपक ने चुनाव नहीं लड़ा, लेकिन संगठनात्मक पकड़ और समुदाय में नेटवर्क के कारण वे लॉजिकली कैबिनेट एंट्री माने जाते हैं। उनकी मां स्नेहलता कुशवाहा भी पहली बार विधानसभा चुनाव लड़कर इस बार विधायक बनी हैं। इस वजह से परिवार की राजनीतिक पहुंच लगातार बढ़ रही है।

बिहार में कुशवाहा समाज की आबादी करीब 4.21 प्रतिशत है, जो हर चुनाव का निर्णायक ब्लॉक माना जाता है। दीपक प्रकाश कैबिनेट में शिक्षा, कृषि या ग्रामीण विकास से जुड़े विभागों की जिम्मेदारी संभालते नजर आ सकते हैं।

यहां देखें पूरी लिस्ट
  1. सम्राट चौधरी (BJP)
  2. विजय कुमार सिन्हा (BJP)
  3. विजय कुमार चौधरी (JDU)
  4. बिजेन्द्र प्रसाद यादव (JDU)
  5. श्रवण कुमार (JDU)
  6. मंगल पांडेय (BJP)
  7. डॉ0 दिलीप कुमार जायसवाल (BJP)
  8. अशोक चौधरी (JDU)
  9. लेशी सिंह (JDU)
  10. मदन सहनी (JDU)
  11. नितिन नवीन (BJP)
  12. राम कृपाल यादव (BJP)
  13. संतोष कुमार सुमन (हम)
  14. सुनील कुमार (JDU)
  15. मो0 जमा खान (JDU)
  16. संजय सिंह टाइगर (BJP)
  17. अरुण शंकर प्रसाद (BJP)
  18. सुरेन्द्र मेहता (BJP)
  19. नारायण प्रसाद (BJP)
  20. रमा निषाद (BJP)
  21. लखेंद्र कुमार चौहान (BJP)
  22. सुश्री श्रेयसी सिंह (BJP)
  23. प्रमोद कुमार (BJP)
  24. संजय कुमार (एलजेपी आर)
  25. संजय कुमार सिंह (एलजेपी आर)
  26. दीपक प्रकाश (आरएलम)

बिहार में बृहस्पतिवार को नीतीश कुमार के रिकॉर्ड 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ नयी मंत्रिपरिषद में सबसे ज्यादा चर्चा राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के संस्थापक उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक कुशवाहा की हुई, जो बिना चुनाव लड़े ही मंत्री बन गए हैं. दीपक ने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था लेकिन सीट बंटवारे के दौरान हुए समझौतों के तहत उन्हें विधान परिषद कोटे से मंत्री बनाया गया है.

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

बीजेपी शासित बिहार, मप्र और गुजरात की दतिया, बांकीपुर और मांजलपुर विधान सभा सीटों पर उपचुनाव के परिणामो के क्या है मायने ………..

बीजेपी शासित बिहार, मप्र और गुजरात की दतिया, बांकीपुर और मांजलपुर विधान सभा सीटों पर उपचुनाव के परिणामो के क्या है मायने ………..

by UB India News
August 4, 2026
0

दतिया, बांकीपुर और मांजलपुर तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं. बिहार, मप्र और गुजरात की...

30 सालों तक तक भगवा रंग रंगी बांकीपुर कैसे पीले रंग से सरोबार हो गई ……………….

30 सालों तक तक भगवा रंग रंगी बांकीपुर कैसे पीले रंग से सरोबार हो गई ……………….

by UB India News
August 4, 2026
0

बिहार की राजनीति लंबे समय से राजद के हरे और भाजपा के भगवा रंग के इर्द-गिर्द घूमती रही है। अब,...

आरोप सियासी उकसावे का हिस्सा……………..

आरोप सियासी उकसावे का हिस्सा……………..

by UB India News
August 3, 2026
0

डेहरी नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार की हत्या के बाद सूबे की राजनीति में हलचल तेज हो गई...

महिलाओं पर टिप्पणी को लेकर पप्पू यादव की बढ़ीं मुश्किलें

आज सुबह से मिलीं 5 धमकियां………………

by UB India News
August 3, 2026
0

निर्दलीय लोकसभा सांसद पप्पू यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन पर जूता फेंके जाने का मामला अब काफी तूल...

उपेंद्र कुशवाहा के बेटे के लिए देवेश कुमार ने दिया MLC पद से इस्तीफा?

उपेंद्र कुशवाहा के बेटे के लिए देवेश कुमार ने दिया MLC पद से इस्तीफा?

by UB India News
August 3, 2026
0

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के शिवहर से एमएलसी देवेश कुमार ने बिहार विधान परिषद से इस्तीफा दे दिया। देवेश के...

Next Post
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी G7 समिट में शामिल होने के लिए कनाडा पहुँचे , G7 शिखर सम्मेलन में लगातार उनकी छठी भागीदारी है………….

PM मोदी G20 समिट के लिए दक्षिण अफ्रीका रवाना , पीएम मोदी पर क्यों रहेगा ग्लोबल फोकस , ट्रंप-शी-पुतिन नदारद!

नीतीश सरकार के मंत्रीमंडल संख्या में BJP भारी, अब विभागों की है बारी ,  आज नई सरकार में होगा विभागों का बंटवारा……………

नीतीश सरकार के मंत्रीमंडल संख्या में BJP भारी, अब विभागों की है बारी , आज नई सरकार में होगा विभागों का बंटवारा...............

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend