किशनगंज जिले में बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। चार सीटों में से दो पर AIMIM ने जीत दर्ज कर सीमांचल में अपना मजबूत प्रभाव दिखाया।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की मतगणना शुक्रवार को किशनगंज सहित पूरे राज्य में शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गई। डीएम, एसपी और पुलिस प्रशासन की कड़ी निगरानी में सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के बीच शाम 6 बजे तक जिले की सभी चार विधानसभा सीटों के नतीजे घोषित कर दिए गए। अंतिम परिणामों ने इस बार सीमांचल की राजनीति में AIMIM की मजबूत वापसी को रेखांकित किया है। दो सीटों पर AIMIM को जीत मिली है, जबकि कांग्रेस और जेडीयू ने एक-एक सीट पर जीत दर्ज की है।
बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र (52) में AIMIM प्रत्याशी तौसीफ आलम ने 85,300 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। कांग्रेस प्रत्याशी 56,774 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। ठाकुरगंज विधानसभा क्षेत्र (53) में जेडीयू उम्मीदवार गोपाल कुमार अग्रवाल ने 85,243 वोट लाकर जीत सुनिश्चित की, वहीं AIMIM के गुलाम हसनैन 76,421 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे।
किशनगंज विधानसभा क्षेत्र (54) में कांग्रेस के कमरूल होदा ने 89,669 वोट पाकर जीत दर्ज की। भाजपा प्रत्याशी स्वीटी सिंह 76,875 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रहीं। कोचाधामन विधानसभा क्षेत्र (55) में AIMIM के सरवर आलम ने 81,860 वोटों के साथ जीत हासिल की। राजद प्रत्याशी मास्टर मुजाहिद आलम 58,839 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे।
नतीजों के बाद विजयी उम्मीदवारों और समर्थकों में उल्लास का माहौल रहा। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों, रंग-गुलाल, आतिशबाजी और डीजे की धुनों के साथ जीत का जश्न मनाया। अपने-अपने क्षेत्रों में विधायक समर्थकों से मुलाकात कर धन्यवाद ज्ञापित करते रहे। इधर राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि किशनगंज के साथ-साथ पूरे सीमांचल में AIMIM इस बार बड़ा फैक्टर बनकर उभरा है। पार्टी ने सभी सीटों पर मजबूत प्रदर्शन किया है, जिससे महागठबंधन को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
समाज के किसी भी तबके में कोई उपेक्षा या नाराजगी का भाव लोकतंत्र के लिए शुभ नहीं………
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