बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार अभियान के बीच मोकामा में जन सुराज समर्थक दुलारचंद यादव की संदिग्ध मौत ने राजनीतिक तूफान ला दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने गोली लगने से मौत नहीं, बल्कि आंतरिक चोटों को मौत का कारण बताया है. वहीं, अनंत सिंह के करीबी कर्मवीर और राजवीर की संलिप्तता की चर्चा है. आइए जानते हैं ये दोनों कौन हैं.
दुलारचंद की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने चौंकाया, जानिए कौन हैं कर्मवीर और राजबीर?
मोकामा में दुलारचंद यादव की मौत मामले में अनंत सिंह और उनके करीबी कर्मवीर-राजबीर भी आरोपी.
पटना. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण से ठीक पहले मोकामा में जन सुराज पार्टी के समर्थक और पूर्व राजद नेता 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की संदिग्ध मौत ने पूरे राज्य की राजनीति को हिला दिया है. गुरुवार (30 अक्तूबर) को यह घटना बाढ़ अनुमंडल के बसावनचक के पास उस समय हुई जब वे जन सुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी के प्रचार अभियान में शामिल थे. दुलारचंद यादव के परिजनों ने इस घटना को हत्या बताया गया और आरोप पूर्व विधायक अनंत सिंह एवं उनके समर्थकों पर लगाए गए. अब इस मामले में नया मोड़ आता दिख रहा है, क्योंकि दुलारचंद यादव मौत मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गया है और इसमें मौत का कारण कार्डियो रेस्पिरेटरी फेल्योर कहा गया है.
दुलारचंद मौत में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने बदली कहानी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, फेफड़ा फटने और पसलियां टूटने से मौत की बात सामने आई है. रिपोर्ट के मुताबिक सीने की कई हड्डियां टूटी हुई थीं और फेफड़ा फटने से सांस लेने में रुकावट हुई जिससे दुलारचंद यादव की मौत हो गई. बता दें कि इससे पहले दुलारचंद यादव की गोली मारकर हत्या किए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अलग ही वजह बताई गई है. खैर इस मामले का सच क्या है यह तो आने वाले समय में जांच के साथ सामने आएगा. लेकिन, इस मामले में बार-बार दो शख्स का नाम सामने आ रहा है- कर्मवीर और राजवीर! आइए जानते हैं कि यह शख्स कौन है और इनका नाम इस मामले में क्यों आ रहा है.
दुलारचंद कांड से चर्चा में आए कर्मवीर और राजवीर
दरअसल, मृतक दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार इस पूरे कांड के चश्मदीद गवाह हैं. नीरज के आरोप के अनुसार, पूर्व विधायक अनंत सिंह पूरी तैयारी के साथ आए थे और उन्होंने फिल्मी अंदाज में उनकी गाड़ी रुकवाई. अनंत सिंह के साथ दो लोग थे – कर्मवीर और राजवीर. नीरज का कहना है कि ये दोनों पहले उनके दादा (दुलारचंद यादव) के शिष्य रह चुके हैं और ये अनंत सिंह के अपने भतीजे हैं. नीरज ने इन्हीं दोनों पर हमला करने का आरोप लगाया है. बता दें कि इस मामले में दर्ज करवाई गई FIR में अनंत सिंह समेत कई नामजद आरोपी बनाए गए हैं.
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