हर साल की तरह इस साल भी पटना के गांधी मैदान का रावण दहन बिहार का सबसे बड़ा रावण दहन साबित होने वाला है. 80 फीट का रावण, 75 फीट का मेघनाथ और 70 फीट का कुंभकरण का पुतला लग चुका है. इस साल तीनों को राजस्थानी स्टाइल में तैयार किया गया है. रावण दहन कार्यक्रम की शुरुआत 5 बजे से होगी. तबतक सीएम, राज्यपाल सहित सभी अतिथियों का आगमन हो जायेगा. 5:30 बजे श्रीराम-लक्ष्मण द्वारा कुंभकरण और मेघनाथ का वध होगा. 5:45 बजे तक श्रीराम द्वारा रावण वध और आतिशबाजी की जायेगी. लोगों का आना दो बजे से हो शुरू हो जायेगा.
पटना के गांधी मैदान में लाखों लोगों की भीड़ रावण दहन देखने के लिए जुटती है. पूरे बिहार से लोग खास तौर पर रावण दहन देखने के लिए पटना पहुंचते हैं. इस साल हल्की बारिश के बीच लोगों का उत्साह चरम है. इसीलिए गांधी मैदान में तैयारियां लगभग पूरा कर ली गई है.
मौसम की स्थिति को देखते हुए पुतले को वॉटरप्रूफ बनाया गया है. पुतले पर क्लियर वार्निश लगाया गया है ताकि बारिश का पानी आसानी से बह जाए. इसके साथ ही आग लगाने के लिए रिमोट वाला सिस्टम दिया गया है. दूर से ही रिमोट दबाते ही पुतले में आग लग जायेगी और फिर जमकर आतिशबाजी होगी. कानों और कंधों से रंगीन धुआं निकलेगा जो बेहद आकर्षक लगेगा.
अगर आप भी गांधी मैदान रावण दहन देखने पहुंचने वाले हैं तो आपकी एंट्री गांधी मैदान के सभी 12 गेटों से होगी. सभी गेटों का नाम रामायण के नाम पर रखा गया है. गेट नंबर एक से विशेष अतिथियों की एंट्री होगी. इस गेट का नाम अयोध्या द्वार रखा गया है.
आपको बता दें कि 1954 तक पटना जिले में कहीं भी रावण दहन का कार्यक्रम नहीं होता था. 1954 में श्री दशहरा कमेटी का गठन किया गया है. पहली बार 1955 में छोटे स्तर पर रावण दहन हुआ. उस समय का बजट मात्र 300 रुपये था, लेकिन आज इसका बजट करीब 35 लाख रुपये है. बख्शी राम गांधी पहले व्यक्ति थे जिन्होंने इसकी शुरुआत की थी.
पटना में रावण वध को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। गांधी मैदान में आगरा के कारीगरों ने मिलकर पुतलों का निर्माण किया है। रावण दहन के कार्यक्रम को लेकर पटना ट्रैफिक पुलिस की ओर से ट्रैफिक रूट में बदलाव किया गया है।
ट्रैफिक SP अपराजित लोहान ने बताया कि, सुबह 11 बजे से जब तक कार्यक्रम खत्म नहीं हो जाता है, तब तक यह ट्रैफिक व्यवस्था लागू रहेगी। इसके अलावा PMCH, NMCH, IGIMS समेत आस पास के निजी और सरकारी अस्पतालों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गांधी मैदान में किसी भी प्रकार के वाहन, ठेला का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा।
मीडिया बंधुओं का गांधी मैदान में प्रवेश गेट सं. 13 से होगा। जबकि आम जनता का गांधी मैदान में प्रवेश गेट सं. 4, 5, 6, 7, 8,10 और 12 से होगा।

गांधी मैदान के पास के इन रास्तों पर गाड़ियां पूरी तरह प्रतिबंधित
- भट्टाचार्या चौराहा से उत्तर गांधी मैदान की ओर गाड़ियां नहीं जाएंगी।
- न्यू डाकबंगला से एसपी वर्मा रोड में गाड़ियों की एंट्री बंद रहेगी।
- जेपी गोलंबर से चिल्ड्रन पार्क के बीच रोड का मेडिकल इमरजेंसी के लिए सुरक्षित रहेगा। इस रूट से होकर PMCH पटना और अन्य नजदीकी हॉस्पीटल पहुंचा जाएगा।
- आयुक्त कार्यालय के सामने से गोलंबर तक गांधी मैदान की ओर गाड़ियां नहीं जाएंगी।
- रामगुलाम चौक से जेपी गोलंबर की ओर गाड़ियां नहीं जाएंगी।
- ठाकुरबाड़ी मोड़, बाकरगंज मोड़ से पश्चिम गांधी मैदान की ओर गाड़ियां नहीं जाएंगी।
- IMA हॉल, होटल पनास, ट्विन टावर, मौर्या होटल के सभी कटिंग से गांधी मैदान की ओर गाड़ियां नहीं जाएंगी।
- अशोक राजपथ में गोविंद मित्रा रोड मोड़ से कारगिल चौक तक गाड़ियों की एंट्री बैन रहेगी।
- बुद्धमार्ग में कोतवाली “टी” से पुलिस लाईन तिराहा तक गांधी मैदान तक गाड़ियां नहीं जाएंगी।







