पीएम मोदी ने शनिवार को गुजरात के भावनगर से वर्चुअली मुंबई के अत्याधुनिक क्रूज टर्मिनल का इनॉगरेशन किया। यह देश का सबसे बड़ा क्रूज टर्मिनल है। इसे इंदिरा डॉक, बैलार्ड पियर, मुंबई पोर्ट पर बनाया गया है। इसे मुंबई इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल (MICT) नाम दिया गया है। लागत 556 करोड़ रुपए आई है। यह भारतीय क्रूज टूरिज्म का गेटवे कहलाएगा। इसकी छत समुद्र की लहरों की (wavy) तरह डिजाइन की गई है। केंद्रीय पोत, नौवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “मुंबई का समुद्री इतिहास बेहद समृद्ध है और यह टर्मिनल भारत को वैश्विक क्रूज पर्यटन हब बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
सरकार ने इस टर्मिनल को क्रूज भारत मिशन के तहत वैश्विक मानकों के तहत विकसित किया गया है। इसके तीन स्तंभ, पहला समुद्र-बंदरगाह क्रूज, नदी और अंतर्देशीय क्रूज और द्वीप-लाइटहाउस क्रूज हैं। 21 सितंबर को केंद्रीय मंत्री सरबानंद सोनोवाल ने यहां से क्रूज ऑपरेशन्स की औपचारिक शुरुआत करेंगे।
पीएम ने 6 बंदरगाहों और जलमार्ग प्रोजेक्ट्स की भी नींव रखी
- कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट में नए कंटेनर टर्मिनल की।
- पारादीप पोर्ट (ओडिशा) में नया कार्गो बर्थ और कंटेनर हैंडलिंग फैसिलिटी की।
- गुजरात के टुना टेकड़ा मल्टी-कार्गो टर्मिनल की।
- कामराजार पोर्ट (एन्नोर, तमिलनाडु) और चेन्नई पोर्ट को एडवांस करने की।
- कार निकोबार द्वीप और दीनदयाल पोर्ट (कांडला) में नई परियोजनाओं की।
- पटना और वाराणसी में अंतर्देशीय जलमार्ग सुविधाओं के डेवलपमेंट की।
समुद्री क्षेत्र को एक बड़े प्रोत्साहन के रूप में, प्रधानमंत्री 7,870 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली समुद्री क्षेत्र से संबंधित अनेक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वे इंदिरा डॉक पर मुंबई अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे। वे श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह, कोलकाता में एक नए कंटेनर टर्मिनल और संबंधित सुविधाओं; पारादीप बंदरगाह पर नए कंटेनर बर्थ, कार्गो हैंडलिंग सुविधाओं और संबंधित विकास कार्यों; टूना टेकरा मल्टी-कार्गो टर्मिनल; कामराजर बंदरगाह, एन्नोर में अग्निशमन सुविधाओं और आधुनिक सड़क संपर्क; चेन्नई बंदरगाह पर समुद्री दीवारों और रिवेटमेंट सहित तटीय सुरक्षा कार्यों; कार निकोबार द्वीप पर समुद्री दीवार निर्माण; दीनदयाल बंदरगाह, कांडला में एक बहुउद्देश्यीय कार्गो बर्थ और ग्रीन बायो-मेथनॉल संयंत्र; और पटना और वाराणसी में जहाज मरम्मत सुविधाओं की आधारशिला रखेंगे।
समग्र और निरन्तर विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री गुजरात के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी केन्द्र और राज्य सरकार की 26,354 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली अनेक परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वे छारा बंदरगाह पर एचपीएलएनजी पुनर्गैसीकरण टर्मिनल, गुजरात आईओसीएल रिफाइनरी में एक्रिलिक और ऑक्सो एल्कोहल परियोजना, 600 मेगावाट ग्रीन शू पहल, किसानों के लिए पीएम-कुसुम 475 मेगावाट कंपोनेंट सी सोलर फीडर, 45 मेगावाट बडेली सोलर पीवी परियोजना, धोर्डो गाँव के पूर्ण सौरीकरण आदि का उद्घाटन करेंगे। वे एलएनजी बुनियादी ढांचा, अतिरिक्त नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं, तटीय संरक्षण कार्यों, राजमार्गों, स्वास्थ्य सेवा और शहरी परिवहन परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, जिनमें भावनगर में सर टी. जनरल अस्पताल, जामनगर में गुरु गोविंद सिंह सरकारी अस्पताल का विस्तार और 70 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्गों को चार लेन का बनाना शामिल है।
प्रधानमंत्री धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र (डीएसआईआर) का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे, जिसकी परिकल्पना एक हरित औद्योगिक शहर के रूप में की गई है जो दीर्घकालिक औद्योगीकरण, स्मार्ट बुनियादी ढाँचे और वैश्विक निवेश पर आधारित है। वे लोथल में लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएचएमसी) का दौरा और उसकी प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। यह परिसर भारत की प्राचीन समुद्री परंपराओं का उत्सव मनाने और उन्हें संरक्षित करने तथा पर्यटन, अनुसंधान, शिक्षा और कौशल विकास के केन्द्र के रूप में कार्य करेगा।







