बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर हलचल तेज हो गई है. मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी की बिहार इकाई के प्रमुख नेताओं के साथ अहम बैठक की. बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार, प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, सांसद तारिक अनवर, पप्पू यादव समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. सूत्रों के मुताबिक बैठक में सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर गहन चर्चा हुई. इससे पहले 6 सितंबर को पटना में महागठबंधन की एक अनौपचारिक बैठक तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर हुई थी. उस बैठक में नए सहयोगियों को जोड़ने पर विचार किया गया था. सूत्रों का कहना है कि महागठबंधन में पशुपति कुमार पारस की रालोजपा और झामुमो को भी शामिल करने पर सहमति बनी थी.
इधर, आज कांग्रेस स्क्रीनिंग कमिटी की अहम बैठक होने जा रही है. इसमें बिहार के संभावित उम्मीदवारों पर चर्चा होगी. प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और अन्य बड़े नेता आवेदनों पर विचार करेंगे. बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में दावेदार दिल्ली पहुंच चुके हैं और टिकट के लिए पैरवी कर रहे हैं.
उधर, चुनावी माहौल में बयानबाजी भी तेज हो गई है. जमुई से बीजेपी विधायक श्रेयसी सिंह ने आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर हमला बोला है. उनका बयान उस समय आया जब तेजप्रताप यादव ने राघोपुर में बाढ़ राहत सामग्री बांटते हुए तेजस्वी पर अपने क्षेत्र से दूरी बनाए रखने का आरोप लगाया.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को पार्टी की बिहार इकाई के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक की, जिसमें विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन में सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति पर चर्चा की गई. बैठक में कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश कुमार, प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरू, विधायक दल के नेता शकील अहमद खान, सांसद तारिक अनवर, राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव और कुछ अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए. सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति को लेकर चर्चा की गई. बिहार में नवंबर में विधानसभा चुनाव संभावित है. इससे पहले, बीते छह सितंबर को पटना में महागठबंधन के नेताओं की एक अनौपचारिक बैठक राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के सरकारी आवास पर हुई थी.
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अलग-अलग जोन में नेताओं की यात्राएं करवाएगी ताकि हाल ही में राहुल गांधी की यात्रा से जो माहौल बना है, उसे बरकरार रखा जा सके. कांग्रेस का मानना है कि इससे कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ेगा और महागठबंधन में पार्टी की स्थिति भी मजबूत होगी.
बैठक में यह भी माना गया कि राहुल गांधी की यात्रा के बाद कांग्रेस का ग्राफ ऊपर गया है. इसी आधार पर पार्टी अब ज्यादा सीटों की दावेदारी कर रही है. पिछली बार कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इस बार पार्टी चाहती है कि उसे 60 से 70 सीटें सम्मानजनक तरीके से मिलें. पार्टी नेताओं का कहना है कि तेजस्वी यादव और आरजेडी को भी कांग्रेस की जरूरत है, इसलिए सीट बंटवारे में कांग्रेस को अहम जगह मिलेगी.







