नेपाल में उग्र प्रदर्शनों और जेलब्रेक की घटना के बाद बिहार में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। नेपाल से सटे जिलों में पुलिस के साथ सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं। हालात को देखते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर नेपाल से सटे बिहार के छह जिलों पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल और किशनगंज की अंतरराष्ट्रीय सीमा सील कर दी गई है। पर्यटकों की आवाजाही पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। स्थानीय नागरिकों को भी गहन जांच-पड़ताल के बाद ही आने-जाने की अनुमति दी जा रही है।
एसएसबी पटना फ्रंटियर मुख्यालय ने नेपाल सीमा पर तैनात अपने सभी सुरक्षा चौकियों को हाई अलर्ट पर रखा है। सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी), बिहार पुलिस और स्थानीय खुफिया इकाइयां संयुक्त रूप से निगरानी कर रही हैं। गृह मंत्रालय ने भी इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और अन्य एजेंसियों को नेपाल बॉर्डर पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। पुलिस मुख्यालय ने सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अलर्ट करते हुए पड़ोसी जिलों के साथ तालमेल बनाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीमा चौकियों और गांवों के आसपास पुलिस और एसएसबी की संयुक्त गश्त लगातार जारी है। पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम से हर जिले की स्थिति पर रिपोर्ट ली जा रही है।
वहीं नेपाल में जेलब्रेक में 576 कैदी जेल से फरार हो गए हैं। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि इनमें से कई कैदी भारत की ओर भागने की कोशिश कर सकते हैं। इसी को देखते हुए सीमा पर निगरानी और सख्त कर दी गई है। सीमा पर एसएसबी सीमा पर आने-जाने वाले सभी वाहनों और लोगों की तलाशी ले रही है। बिहार पुलिस और एसएसबी को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि को तुरंत रोका जाए। पर्यटकों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई है। वहीं, स्थानीय नागरिकों को जरूरी कागजात और जांच के बाद ही आने-जाने दिया जा रहा है। एडीजी (विधि-व्यवस्था) पंकज कुमार दराद ने बताया कि नेपाल की स्थिति सामान्य होने तक अंतरराष्ट्रीय सीमा सील रहेगी। अगर कोई भारतीय नागरिक नेपाल में फंसा होगा, तो उसे सुरक्षित निकालने की भी पूरी तैयारी है।
आंच अररिया, किशनगंज व सुपौल तक पहुंची
नेपाल की आग की आंच बिहार के अररिया, किशनगंज और सुपौल तक पहुंच गई। मंगलवार को भारत-नेपाल सीमा को सील कर दिया गया। बाजार बंद रहने के कारण इन तीन जिलों में करीब चार करोड़ से अधिक का नुकसान हुआ है। अकेले अररिया में दो करोड़ का नुकसान हुआ है। जोगबनी सीमा से सटे नेपाल भाग के रानी भंसार कार्यालय के आसपास आंदोलनकारियों ने जगह-जगह आगजनी की व टायर जलाकर प्रदर्शन किया। विराटनगर में कई राष्ट्रीयकृत बैंकों को निशाना बनाया गया। कई जगहों पर पथराव भी किया गया। जोगबनी व्यापार संघ के उपाध्यक्ष मंटू भगत ने बताया कि बॉर्डर सील रहने के कारण अब तक करीब दो करोड़ रुपए का व्यापार प्रभावित हुआ है।
सात जिलों की सीमा नेपाल से जुड़ी, बाजार बंद
बिहार के सात जिले पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज नेपाल से सटे हुए हैं। इनमें से छह जिलों की सीमाएं पूरी तरह सील कर दी गई हैं। सीमावर्ती क्षेत्र बीरगंज, जनकपुर, सिरहा, लाहन सहित अन्य नगरों में जेन-जेड के बैनर तले छात्रों ने बाजार बंद करवाकर आगजनी की। नेपाल घूमने गए पर्यटक को भारत आने में काफी परेशानी का सामना सहित डर का माहौल देखा जा रहा है। नेपाल में प्रदर्शन का सीधा असर भारत-नेपाल के बीच व्यापारिक गतिविधियों पर पड़ा है। कर्फ्यू लागू होने के बाद नेपाल प्रशासन ने रक्सौल आईसीपी को बंद कर दिया है, जिसके चलते आयात-निर्यात कार्य प्रभावित हो गए हैं।
Nepal Jail Break: नेपाल के कपिलवस्तु जिला कारागार पर बुधवार सुबह प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया, जिसके बाद 459 कैदी फरार हो गए. बड़ी संख्या में कैदियों के भागने के बाद भारत में घुसपैठ की आशंका बढ़ गई है. सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और सोनौली बॉर्डर समेत सीमावर्ती इलाकों पर संदिग्धों की सघन जांच पड़ताल जारी है. महराजगंज के सोनौली बॉर्डर पर खुद एसपी ने मोर्चा संभालते हुए डेरा जमाया हुआ है.







