अब GST के 4 की जगह केवल दो स्लैब 5% और 18% होंगे। इससे आम जरूरत की चीजें जैसे साबुन, शैंपू के साथ AC, कार भी सस्ते होंगे। GST काउंसिल की 56वीं मीटिंग में इस पर फैसला लिया गया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 3 सितंबर को इसकी जानकारी दी।
वित्त मंत्री सीतारमण ने बताया कि दूध, रोटी, पराठा, छेना समेत कई फूड आइटम GST फ्री होंगे। वहीं इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर भी टैक्स नहीं लगेगा। 33 जीवन रक्षक दवाएं, दुर्लभ बीमारियों और गंभीर बीमारियों के लिए दवाएं भी टैक्स फ्री होंगी।
लग्जरी आइटम्स और तंबाकू प्रोडक्ट्स पर अब 28% की जगह 40% GST लगेगा। मध्यम और बड़ी कारें, 350cc से ज्यादा इंजन वाली मोटरसाइकिलें इस स्लैब में आएंगे।
होटल कमरों की बुकिंग सस्ती, IPL टिकट महंगे होंगे
- होटल के कमरों की बुकिंग पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है, वो भी तब जब कमरे का किराया प्रति दिन 7500 रुपए या उससे कम हो।
- सौंदर्य और सेहत से जुड़ी सेवाओं पर जीएसटी 18% से कम करके 5% कर दिया गया है, जैसे जिम, सैलून, नाई की दुकान, योग सेंटर आदि, जो आम आदमी इस्तेमाल करता है।
- कैसिनो, रेस क्लब, या जहां कैसिनो और रेस क्लब हों, या फिर खेल इवेंट्स जैसे आईपीएल में एंट्री के लिए जीएसटी 28% से बढ़ाकर 40% कर दिया गया है।
ये बदलाव नागरिकों की जिंदगी बेहतर बनाएंगे: PM
PM मोदी ने X पर लिखा, ‘मुझे खुशी है कि GST काउंसिल ने केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसमें GST दरों में कटौती और कई सुधार शामिल हैं।
इससे आम जनता, किसान, MSME, मध्यम वर्ग, महिलाएं और युवा सभी को फायदा होगा। ये बड़े बदलाव हमारे नागरिकों की जिंदगी बेहतर बनाएंगे और कारोबार करना आसान करेंगे। खासकर छोटे व्यापारियों और व्यवसायों को मदद मिलेगी।’
आमलोगों को सीधा राहत
चार राज्यों में विधानसभा चुनाव
UPA पर हमला
GST की दरों में क्या बड़ा बदलाव हुआ है?
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि अब GST के 5%, 12%, 18% और 28% के स्लैब को घटाकर दो कर दिया गया है। अब सिर्फ 5% और 18% का स्लैब होगा।
- इसके अलावा, तंबाकू, पान मसाला, कार्बोनेटेड ड्रिंक और लग्जरी सामान जैसे बड़ी कारों, याट व्यक्तिगत उपयोग के लिए विमान पर 40% की विशेष टैक्स दर होगी।
- कुछ सामान जैसे UHT दूध, छेना, पनीर, रोटी, चपाती, पराठा पर GST पूरी तरह हटाकर 0% कर दिया गया है। तंबाकू को छोड़कर नई दरें 22 सिंतबर से लागू हो जाएंगी।
- सीमेंट पर टैक्स 28% से 18% हुआ, तो घर बनाने या मरम्मत का खर्च थोड़ा कम होगा।
- टीवी, एयर कंडीशनर जैसे सामान भी 28% से 18% टैक्स में आएंगे, यानी ये भी सस्ते होंगे।
- 33 जरूरी दवाइयां, खासकर कैंसर और गंभीर बीमारियों की दवाएं अब टैक्स-फ्री होंगी।
- छोटी कारें और 350cc तक की मोटरसाइकिलें अब 28% की जगह 18% टैक्स में आएंगी।
- ऑटो पार्ट्स और थ्री-व्हीलर पर भी टैक्स 28% से 18% हुआ, जिससे ये सस्ते होंगे।
- टेक्सटाइल: मानव निर्मित फाइबर (18% से 5%) और यार्न (12% से 5%) पर टैक्स कम होने से कपड़ा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।
- उर्वरक: सल्फ्यूरिक एसिड, नाइट्रिक एसिड, और अमोनिया पर GST 18% से 5% हुआ, जिससे उर्वरक सस्ते होंगे।
- नवीकरणीय ऊर्जा: बायोगैस प्लांट, पवन-चक्की, सौर कुकर, और सौर वॉटर हीटर पर GST 12% से 5% हुआ।
- हस्तशिल्प: मार्बल, ग्रेनाइट ब्लॉक, और चमड़े के सामान पर टैक्स 12% से 5% हुआ, जिससे श्रम आधारित उद्योगों को फायदा होगा।
- ऑटोमोटिव: छोटी कारें, मोटरसाइकिल (350cc तक), बसें, ट्रक, और ऑटो पार्ट्स पर GST 28% से 18% हुआ, जिससे ये सस्ते होंगे।
2017 में लागू हुआ था GST
सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। GST के 7 साल पूरे होने पर वित्त मंत्रालय ने पिछले सात वर्षों के दौरान हासिल की गई उपलब्धियों को लेकर पोस्ट किया।
GST एक इनडायरेक्ट टैक्स है। इसे कई तरह के इनडायरेक्ट टैक्स जैसे VAT, सर्विस टैक्स, परचेज टैक्स, एक्साइज ड्यूटी को रिप्लेस करने के लिए 2017 में लागू किया गया था। GST में 5, 12, 18 और 28% के चार स्लैब थे।
GST को चार हिस्सों में डिवाइड किया गया है:
- CGST (केंद्रीय GST): केंद्र सरकार द्वारा एकत्र किया जाता है।
- SGST (राज्य GST): राज्य सरकारों द्वारा एकत्र किया जाता है।
- IGST (एकीकृत GST): अंतरराज्यीय लेनदेन और आयात पर लागू, केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विभाजित।
- उपकर: स्पेसिफिक पर्पज के लिए फंड जुटाने के लिए स्पेसिफिक गुड्स (जैसे, लग्जरी आइटम्स, तंबाकू) पर लगाया जाने वाला अतिरिक्त शुल्क।







