चीन में हो रहे SCO समिट का आज दूसरा दिन है. SCO समिट में आज नेताओं की बैठक हो रही है. मीटिंग के बाद नेताओं का संबोधन भी होगा. समिट में पीएम मोदी, चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात हुई. तीनों नेता एक साथ आए. अब तीनों नेताओं के बीच मीटिंग हो रही है. अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल खरीदने के चलते 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया है. इसी के चलते पीएम मोदी और पुतिन के बीच होने वाली इस मीटिंग पर अमेरिका की भी नजर है.
पीएम मोदी और पुतिन की हुई मुलाकात
एससीओ समिट ने पीएम मोदी, रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात हुई. तीनों नेता एक साथ आए. इसी के बाद अब तीनों के बीच मीटिंग हो रही है. पीएम मोदी ने नेताओं से हुई मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट की. पीएम ने इस मुलाकात को लेकर कहा, तियानजिन में बातचीत जारी है. एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी के साथ विचारों का आदान-प्रदान हुआ.
Interactions in Tianjin continue! Exchanging perspectives with President Putin and President Xi during the SCO Summit. pic.twitter.com/K1eKVoHCvv
— Narendra Modi (@narendramodi) September 1, 2025
पीएम और पुतिन की होगी द्विपक्षीय वार्ता
सुबह 10 बजे पीएम मोदी-पुतिन में द्विपक्षीय वार्ता होगी. पुतिन के साथ कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी. रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद जब अमेरिका ने रूसी तेल पर बैन लगाया. तब भारत ने रूस से दोस्ती दिखाते हुए लगातार तेल खरीदना जारी रखा. ऐसे में जब पहली बार ट्रंप के टैरिफ वॉर के बाद पीएम मोदी और पुतिन की मुलाकात हो रही है, तो ट्रंप की धड़कनें बढ़ना तय है. इसके अलावा देखना होगा कि SCO के मंच से कैसे रूस और चीन मिलकर ट्रंप की धमकियों का जवाब देंगे.
मीटिंग पर अमेरिका की नजर
ट्रंप की टैरिफ तानाशाही और तेल को लेकर छिड़े कूटनीतिक युद्ध के 3 साल महाशक्तियां पहली बार एक साथ एक मंच पर हैं. एक है रूस. जिसके ऑयल एक्सपोर्ट पर अमेरिका ने बैन लगाकर उसे आर्थिक चोट पहुंचाने की कोशिश की. तो दूसरी तरफ हैं चीन और भारत. जो युद्ध के बाद रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीद रहे हैं. ऐसे में जब पुतिन, पीएम मोदी और जिनपिंग एकसाथ SCO के मंच से अपनी बात रखेंगे. तो यकीनन डोनाल्ड ट्रंप उसे बड़े ध्यान से सुन रहे होंगे.
ऐसे में तेल को लेकर तीनों देश किसी एक नतीजे पर पहुंच सकते हैं. भारत ने साफ कर दिया है कि उसकी विदेश नीति में कोई बदलाव नहीं होगा. वो रूस से लगातार तेल खरीदता रहेगा और अब एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत ने रूस से तेल खरीदकर एक बड़े ग्लोबल संकट को टाला है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ नजर आए. पीएम मोदी ने इस दौरान पुतिन को गले भी लगाया. अमेरिका से तनातनी के बीच प्रधानमंत्री मोदी का चीन दौरा काफी अहम माना जा रहा है.
पीएम मोदी ने सोमवार (1 सितंबर) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर फोटो शेयर कर इस मुलाकात की जानकारी दी. पीएम मोदी ने लिखा, ”तियानजिन में बातचीत का सिलसिला जारी. एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी के साथ विचार-विमर्श किया.” इसके अलावा, पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन के साथ हुई मुलाकात की तस्वीर भी शेयर की. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा खुशी की बात है.
प्रधानमंत्री मोदी सोमवार को चीन के तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में शामिल हुए. यह क्षेत्रीय शक्तियों के साथ एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक मुलाकात मानी जा रही है. एससीओ शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन सहित प्रमुख क्षेत्रीय नेता हिस्सा ले रहे हैं.
पीएम मोदी और पुतिन के बीच होगी खास बैठक
इसके बाद, प्रधानमंत्री मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठक होने वाली है. भारत और रूस के बीच वैश्विक तनावों के बावजूद रणनीतिक और ऊर्जा क्षेत्र में करीबी साझेदारी बनी हुई है. एससीओ शिखर सम्मेलन का मुख्य ध्यान आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी ‘तीन बुराइयों’ से निपटने पर केंद्रित होगा, जो संगठन की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य रहा है.







