प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चीन दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक रहा है. पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जिस तरह गर्मजोशी से एक-दूसरे से मुलाकात की, उससे ट्रंप और शहबाज शरीफ की नींद उड़ी हुई है. खास बात ये है कि पुतिन और पीएम मोदी ने एक ही कार में ट्रैवल किया.
पीएम मोदी के लिए 10 मिनट तक इंतजार करते हुए पुतिन
चीन के तियानजिन में एससीओ समिट के दौरान एक दिलचस्प वाक्या सामना आया. पुतिन चाहते थे कि वह पीएम मोदी के साथ एक ही कार में सफर करें इसके लिए उन्हें भारत के प्रधानमंत्री के लिए 10 मिनट इंतजार तक करना पड़ा. इसके बाद दोनों नेता विभिन्न मुद्दों पर बातचीत करते हुए उनकी कार में साथ-साथ चले. द्विपक्षीय बैठक स्थल पर पहुंचने के बाद भी दोनों नेता करीब 45 मिनट तक कार में ही बातचीत करते रहे. इसके बाद एक होटल में दोनों नेताओं के बीच एक घंटे तक द्विपक्षीय बैठक हुई.
द्विपक्षीय बैठक के लिए साथ पहुंचे पीएम मोदी-पुतिन
क्रेमलिन (रूस के राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि दोनों नेताओं ने कार में लगभग एक घंटे तक आमने-सामने की बातचीत की. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर पुतिन की ऑरस लिमोजीन कार के अंदर अपनी और रूस के राष्ट्रपति की एक तस्वीर भी शेयर की. पीएम मोदी ने कहा, ‘‘एससीओ शिखर सम्मेलन स्थल पर कार्यक्रम में हिस्सा लेने के बाद राष्ट्रपति पुतिन और मैं द्विपक्षीय बैठक स्थल पर साथ-साथ पहुंचे. उनके साथ बातचीत हमेशा सार्थक होती है.
अपनी द्विपक्षीय वार्ता के दौरान, मोदी ने पुतिन को बताया कि यूक्रेन संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करना मानवता का आह्वान है. उन्होंने कहा कि मानवता का आह्वान है कि संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त किया जाए और क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के तरीके खोजे जाएं.
दरअसल, पीएम मोदी की चीन की यात्रा दो दिवसीय है, जिसके लिए उन्हें चीन की प्रतिष्ठित मेड इन चाइना Hongqi कार मुहैया कराई गई है. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी अपने आधिकारिक दौरों पर इसी कार का इस्तेमाल करते हैं. इसके अलावा सबसे दिलचस्प बात ये रही कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और पीएम मोदी एक ही कार में सवार होकर बैठक के लिए निकले थे और ये कार थी ऑरस कार. ये पुतिन की प्रेजिडेंशियल कार है, जिसपर चीनी डिप्लोमैटिक नंबर प्लेट लगी थी.
चीनी सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहे पीएम मोदी
जब पीएम मोदी पुतिन की कार में बैठे, तब से ही वो चीनी ‘ट्विटर’ वेइबो (Weibo) पर ट्रेंड करने लगे. ‘मोदी ने पुतिन की कार ली’, ये वेइबो पर अभी नंबर वन ट्रेंड कर रहा है. इसके अलावा चीनी सर्च इंजन Baidu पर भी अभी सबसे ज्यादा सर्च ट्रेंड पीएम मोदी ही है. ‘मोदी और पुतिन गले मिले और हाथ में हाथ डालकर बातें कीं’, यह Baidu पर टॉप ट्रेंड में है. चीनी लोग बस उनकी ही बातें कर रहे हैं.
एक ही कार से निकले पुतिन और PM मोदी
एससीओ समिट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक ही कार में निकले. दोनों नेता तियानजिन के होटल रिट्ज कार्लटन पहुंच गए हैं. यहां दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता होगी. ये बातचीत ऐसे समय पर हो रही है जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर रूस से तेल खरीदने को लेकर दबाव बना रहे हैं.
पीएम मोदी की चीन यात्रा के बाद भारत आर्थिक महाशक्ति बनकर उभरेगा- बीजेपी
बीजेपी सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा था कि भारत के हितों के साथ किसी भी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा और उसी के अनुरूप एससीओ शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री ने भारत की सभी चिंताओं को सामने रखा. मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री की चीन यात्रा के बाद भारत पूरी दुनिया में एक प्रमुख आर्थिक महाशक्ति के रूप में उभरेगा और प्रधानमंत्री की चीन यात्रा के बहुत ही सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे.”
चीन से कारोबार को पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे पुतिन
एससीओ शिखर सम्मेलन के बाद शी जिनपिंग के साथ द्विपक्षीय वार्ता में पुतिन कोशिश करेंगे कि चीन के साथ कारोबार को पटरी पर लाया जाए. रूसी सूत्रों ने रॉयटर्स को बताया कि जब फरवरी 2022 में मास्को द्वारा यूक्रेन पर हमले के बाद पश्चिमी साझेदारों ने रूस के साथ संबंध तोड़ लिए, तो चीन आगे आया और रूसी तेल खरीदकर और सामान बेचकर द्विपक्षीय व्यापार को 2024 में रिकॉर्ड 245 अरब डॉलर तक पहुंचा दिया. हालांकि, जनवरी से जुलाई 2025 तक व्यापार कारोबार साल-दर-साल 8.1% कम रहा, जिसकी वजह रूस को वाहनों के आयात में गिरावट और चीन को तेल निर्यात में गिरावट रही.







