प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम जापान की आधिकारिक यात्रा पर रवाना होंगे। वे 29 और 30 अगस्त 2025 को जापान में रहेंगे, जहाँ वे जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की सात साल बाद जापान की और कुल आठवीं यात्रा है, और इशिबा के साथ उनकी पहली शिखर बैठक होगी।
* पीएम मोदी आज शाम जापान के लिए रवाना होंगे.
* 29–30 अगस्त: 15वां भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन.
* पीएम मोदी और जापानी पीएम इशिबा की पहली वार्षिक मुलाक़ात होगी.
* सात साल बाद पीएम मोदी का जापान का स्टैंडअलोन द्विपक्षीय दौरा है.
* एजेंडा: व्यापार, निवेश, रक्षा, विज्ञान, तकनीक व संस्कृति.
* जापान में उद्योगपतियों और राजनीतिक नेताओं से बातचीत करेंगे मोदी
यात्रा का मुख्य उद्देश्य
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15वां भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और प्रधानमंत्री इशिबा के बीच व्यापार, रक्षा, तकनीक, नवाचार और संस्कृति जैसे कई विषयों पर बातचीत होगी।
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विशेष रणनीतिक साझेदारी: दोनों देशों के बीच रक्षा, अर्थव्यवस्था, तकनीक और लोगों के बीच आदान-प्रदान पर ध्यान दिया जाएगा।
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निवेश और सहयोग घोषणाएँ: उम्मीद है कि जापान भारत में 10 ट्रिलियन येन (लगभग 68 बिलियन डॉलर) के निवेश की घोषणा करेगा और नई तकनीकी साझेदारी प्रस्तावित की जाएगी।
कार्यक्रम एवं एजेंडा
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पीएम मोदी जापानी सम्राट और प्रधानमंत्री से मिलेंगे तथा द्वितीय विश्व युद्ध की 80वीं बरसी के कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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बुलेट ट्रेन पर यात्रा, सेमीकंडक्टर फैक्ट्री विज़िट, और क्वाड सहयोग को लेकर नेताओं की बैठकें प्रमुख कार्यक्रमों में शामिल हैं।
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मोदी जापान यात्रा के बाद चीन जाएंगे, जहाँ वे एससीओ (SCO) शिखर सम्मेलन 2025 में हिस्सा लेंगे।
महत्व
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यह यात्रा भारत-जापान संबंधों को रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और वैश्विक मामलों के लिए और मजबूती प्रदान करने के लिए की जा रही है।
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दोनों देश क्षेत्रीय तथा वैश्विक शांति, इंडो-पैसिफिक सहयोग, और निवेश के नए मार्गों पर चर्चा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के नए दौर की शुरुआत और वैश्विक मंच पर साझेदारी को और मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जापान दौरे का पूरा एजेंडा इस प्रकार है:
जापान यात्रा का कार्यक्रम
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द्विपक्षीय वार्ता: 29-30 अगस्त को प्रधानमंत्री मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे, जो दोनों नेताओं की पहली वार्षिक मुलाकात है।
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मुख्य मुद्दे: बातचीत में व्यापार, निवेश, रक्षा, विज्ञान, तकनीक, और सांस्कृतिक सहयोग के विषयों पर विशेष ध्यान रहेगा।
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विशेष कार्यक्रम: द्वितीय विश्व युद्ध के अंत की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह में भी प्रधानमंत्री मोदी भाग लेंगे।
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व्यापारी और उद्योगपति से संवाद: जापान यात्रा के दौरान पीएम मोदी वहां के उद्योगपतियों और राजनीतिक नेताओं से भी बातचीत करेंगे।
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भारत-जापान के बीच विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की समीक्षा: रक्षा-सुरक्षा, व्यापार-अर्थव्यवस्था, तकनीक-नवाचार और जनता से जनता का संबंध—इन सभी मुद्दों पर दोनों प्रधानमंत्री गहनता से चर्चा करेंगे।
चीन यात्रा (आगामी एजेंडा संक्षिप्त जानकारी)
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31-1 सितंबर: प्रधानमंत्री मोदी इसी दौरे के अगले चरण में चीन (तियानजिन) पहुँचेंगे, जहाँ शंघाई सहयोग परिषद (SCO) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
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मुख्य एजेंडा: आतंकवाद का विरोध, सीमा-पार सुरक्षा, आर्थिक सहयोग, कनेक्टिविटी, स्टार्टअप फोरम, और युवाओं के लिए सम्मेलन समेत कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय कार्यक्रम।
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सम्मेलन के दौरान: स्वागत भोज (31 अगस्त) और मुख्य शिखर बैठक (1 सितम्बर) आयोजित की जाएगी, जिनमें कई देशों के नेताओं से मुलाकात संभव है।
रणनीतिक महत्व
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यह यात्रा भारत-जापान संबंधों की मजबूती, क्षेत्रीय और वैश्विक शांति, तकनिकी नवाचार, आर्थिक आदान-प्रदान, और लोगों के स्तर पर संवाद को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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दोनों देश रणनीतिक साझेदारी के नए आयाम खोलेंगे और वैश्विक मंच पर अपने संबंधों को और मजबूत करेंगे।







