चुनाव आयोग रविवार को नेशनल मीडिया सेंटर में एक प्रेस वार्ता बुलाई है। इसे लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि आयोग बिहार में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विपक्षी दलों के लगातार विरोध का सिलसिलेवार ढंग से जवाब दे सकता है। बिहार एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद चुनाव आयोग की यह पहली प्रेस वार्ता है।
चुनाव आयोग के इतिहास में यह संभवत: पहला मौका होगा, जब उसने बिना किसी विधायी कार्य के प्रेस वार्ता बुलाई है। वह भी उस दिन जब राहुल गांधी बिहार में अपनी 16 दिन चलने वाली वोट अधिकार यात्रा शुरू करने वाले हैं। चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि विपक्ष की तरफ से लगाए जा रहे सभी आरोप निराधार और बिना तथ्यों के हैं।
बिना जांच भ्रम फैलाना उचित नहीं
उत्तर प्रदेश के निर्वाचन अधिकारी के हवाले से सोशल मीडिया पर कहा गया कि बिना जांच किए वोटरलिस्ट के बारे में जनता के बीच में भ्रम उत्पन्न करना और भारत निर्वाचन आयोग की छवि धूमिल करने का प्रयास करना सही नहीं है। मतदाता सेवा पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन एप पर किसी मतदाता का नाम और संबंधी का नाम डालने पर किसी भी विधानसभा में उस नाम के सभी मतदाताओं का विवरण आ जाता है, इसका अर्थ यह नहीं है कि यही सभी विवरण एक ही मतदाता के हों। संदीप पुत्र गुलाब नाम के व्यक्ति के फूलपुर लोकसभा क्षेत्र में समाविष्ट इलाहाबाद पश्चिम- 261 विधानसभा क्षेत्र में 07 विभिन्न वोटर कार्ड होने के बारे में लगाया गया आरोप निराधार है। यह सभी वोटर कार्ड अलग-अलग संदीप नाम के व्यक्तियों के हैं और इनके फोटो, संबंधी के नाम, और घर के पते भी अलग-अलग हैं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए ‘वोट चोरी’ के आरोपों और बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्षी दलों के लगातार विरोध के बीच निर्वाचन आयोग (ईसी) रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस का विषय अभी तक स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने कहा है कि यह निर्वाचन आयोग पर लगे आरोपों से संबंधित है
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के अलावा किसी अन्य मुद्दे पर चुनाव आयोग द्वारा औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करना असामान्य है। राहुल गांधी बार-बार चुनाव आयोग पर मतदाता डेटा में हेरफेर करने का आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने दावा किया है कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और हरियाणा में “वोट चोरी” हुई है।
आयोग ने कांग्रेस नेता से उन लोगों के नाम प्रस्तुत करने को कहा है, जिनके बारे में उनका दावा है कि उन्हें मतदाता सूची में गलत तरीके से जोड़ा गया या हटाया गया है, साथ ही एक हस्ताक्षरित घोषणापत्र भी प्रस्तुत करने को कहा है। निर्वाचन आयोग ने तो यहां तक कह दिया है कि अगर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष अपने आरोपों के समर्थन में कोई हलफनामा देने में विफल रहते हैं, तो उन्हें माफी मांगनी होगी।
बिहार में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कराने के निर्वाचन आयोग के कदम को लेकर भी विपक्षी दल सवाल उठ रहे हैं। विपक्षी दलों का दावा है कि इस कदम से करोड़ों पात्र नागरिक कागजों के अभाव में मताधिकार से वंचित हो जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्वाचन आयोग से बिहार में मतदाता सूची में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए मतदाता सूची से हटाए गए 65 लाख नामों का विवरण, उन्हें शामिल न करने के कारणों सहित, प्रकाशित करने को कहा है।
बता दें कि इससे पहले सात अगस्त को राहुल गांधी ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर वोट चोरी के कथित आरोप लगाए थे। राहुल गांधी ने कर्नाटक सेंट्रल की एक विधानसभा सीट महादेव पुरा में एक लाख फर्जी वोटर होने का दावा किया था। उन्होंने मतदाता सूची में डुप्लीकेट वोटर, फर्जी पते, और एक ही पते पर सैकड़ों वोटरों के नाम होने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। राहुल ने यह भी कहा कि अगर यह धांधली न हुई होती, तो कांग्रेस कर्नाटक में 16 लोकसभा सीटें जीत सकती थी, लेकिन उसे केवल 9 सीटें मिलीं। जिसके बाद चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से शपथपत्र के साथ शिकायत दर्ज कराने के लिए कहा था।
शनिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी को लेकर एक बार फिर चुनाव आयोग को घेरा है। राहुल गांधी ने लापता वोट लिखकर एक बॉलीवुड फिल्म का वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि चोरी चोरी, चुपके चुपके अब और नहीं, जनता जाग गई है। कांग्रेस ने भी एक वीडियो जारी करते हुए एक्स पर लिखा कि आपके वोट की चोरी, अधिकारों की चोरी है। आइये हम सब मिलकर वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाएं और अपने अधिकारों को बचाएं।
राहुल गांधी की ओर से जारी किए गए वीडियो में एक व्यक्ति पुलिस थाने में यह कहते हुए दिखाई दे रहा है कि उसका वोट चुरा लिया गया है। वह अधिकारियों से कहता है कि लाखों वोट चुराए जा रहे हैं। इससे पुलिसकर्मी यह सोच में पड़ जाते हैं कि क्या उनका वोट भी चुराया गया है। एक मिनट लंबे वीडियो का शीर्षक ‘लापता वोट’ है। इसे हाल ही में आई एक फिल्म के शीर्षक से लिया गया है।







