बिहार के भागलपुर में जदयू के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच विवाद ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. जदयू सांसद अजय कुमार मंडल ने अपनी ही पार्टी के विधायक गोपाल मंडल के खिलाफ घोघा थाना में एफआईआर दर्ज करवाई है. सांसद ने आरोप लगाया है कि विधायक ने सार्वजनिक मंचों और मीडिया के माध्यम से उनके खिलाफ झूठे, मनगढ़ंत और बेबुनियाद आरोप लगाए हैं, जिससे उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचा है.
एफआईआर में अजय मंडल ने विशेष रूप से उस बयान का उल्लेख किया है जिसमें विधायक गोपाल मंडल ने उन पर “रखैल रखने” जैसे आपत्तिजनक आरोप लगाए थे. सांसद का कहना है कि यह आरोप पूरी तरह से असत्य और निराधार है और इससे न केवल उनकी प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है, बल्कि उनके परिवार की सामाजिक छवि भी प्रभावित हुई है. उन्होंने इसे चरित्र हनन और मानहानि का मामला बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
सांसद ने अपने आवेदन के साथ वीडियो फुटेज और समाचार पत्रों की कटिंग को साक्ष्य के रूप में संलग्न किया है, ताकि पुलिस उचित धाराओं में मामला दर्ज कर सके. यह विवाद जदयू के भीतर गुटबाजी और आंतरिक तनाव को उजागर करता है, जो आगामी चुनावी माहौल में और अधिक राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है.
मेरी छवि खराब हो रही: अजय मंडल
अपने आवेदन में अजय मंडल ने गोपाल मंडल के आरोपों पर लिखा है, “सार्वजनिक स्थल पर बिना किसी प्रमाण के मेरे ऊपर लगाया गया आरोप पूर्णतः असत्य, निराधार और अपमानजनक है. इसका उद्देश्य मेरी सार्वजनिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना और मुझे मानसिक, सामाजिक एवं पारिवारिक रूप से हानि पहुंचाना है. इस बयान के कारण मेरी छवि समाज, रिश्तेदारों और परिचितों में खराब हो रही है.”
‘गोपाल मंडल की आपराधिक छवि’
सांसद अजय मंडल ने गोपाल मंडल की छवि को आपराधिक बताया है. उन्होंने आवेदन में लिखा है, “माननीय विधायक गोपाल मंडल जी की आपराधिक छवि रही है. कई थानों में इनके बहुत से गंभीर मामले लंबित हैं. वे अपने आप को आपराधिक मामलों से जोड़ते हुए खुद को दबंग बताते हैं.” अजय मंडल ने थानाध्यक्ष से इस पूरे मामले में कार्रवाई करने की मांग की है.
बता दें कि जेडीयू विधायक गोपाल मंडल आए दिन बेतुका बयान देते रहते हैं. सबसे बड़ी बात है कि पार्टी कोई कार्रवाई नहीं करती है. ना ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सुनते हैं.







