पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने अमेरिका से भारत को परमाणु हमले की धमकी दी है. उन्होंने कहा कि अगर इस्लामाबाद को भारत से अपना अस्तित्व खतरे में नजर आएगा, तो वह “आधी दुनिया को अपने साथ लेकर डूब जाएगा.” मुनीर की इस धमकी से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ सकता है.
यह पहला मौका है जब किसी देश का सेना प्रमुख अमेरिका से किसी तीसरे देश के खिलाफ परमाणु धमकी देता नजर आया हो. पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने टैम्पा में बिजनेसमैन अदनान असद के ब्लैक-टाई डिनर में कहा, “हम एक परमाणु देश हैं. यह किसी को नहीं भूलना चाहिए. यदि हमें लगे कि हम डूब रहे हैं, तो हम आधी दुनिया को अपने साथ ले डूबेंगे.”
मिसाइल अटैक की धमकी मुनीर ने भारत को दी
मुनीर ने भारत के साथ चार दिनों के संघर्ष के बाद दो महीनों में अपनी दूसरी अमेरिकी यात्रा के दौरान निशाना साधा. सिंधु नदी के नियंत्रण को लेकर भी वे धमकी देते नजर आए. उन्होंने कहा, “हम भारत के बांध बनाने का इंतजार करेंगे और जब वह ऐसा करेगा, तो हम 10 मिसाइल दाग देंगे. उसे नष्ट कर देंगे.” द प्रिंट के मुताबिक, उन्होंने आगे कहा, ” सिंधु नदी किसी भारतीय परिवार की जागीर नहीं है. हमारे पास मिसाइलों की कोई कमी नहीं है.”
मुनीर ने अमेरिका की यात्रा के दौरान किनसे की मुलाकात
भारत के साथ चार दिन के संघर्ष के बाद दूसरी बार वाशिंगटन का दौरा कर रहे पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर ने अमेरिका के शीर्ष राजनीतिक और सैन्य नेताओं से मुलाकात की है. सेना के द्वारा जारी एक बयान में कहा कि सेना प्रमुख “अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं.” बयान के अनुसार, सेना प्रमुख ने वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व के साथ-साथ पाकिस्तानी प्रवासियों के साथ बातचीत की. अमेरिका में सेना प्रमुख के प्रवास के बारे में कोई विवरण साझा नहीं किया गया तथा यह भी स्पष्ट नहीं है कि वह कब पहुंचे.
मुनीर ने फिर कश्मीर को गले की नस बताया
अमेरिका दौरे पर पहुंचे पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने एक बार फिर से कश्मीर को पाकिस्तान के ‘गले की नस’ बताया है। इससे पहले अप्रैल में भी मुनीर ने ऐसा ही बयान दिया था। उन्होंने कहा था- कश्मीर हमारी गले की नस था, है और रहेगा। हम इसे कभी नहीं भूलेंगे।
मुनीर ने कहा कि कश्मीर, भारत का आंतरिक मसला नहीं है, बल्कि एक अधूरा अंतरराष्ट्रीय मुद्दा है। उन्होंने कहा कि कश्मीर का मामला संयुक्त राष्ट्र में है और पाकिस्तान उसका समर्थन करता है।

मुनीर की डेढ़ महीने में दूसरी बार अमेरिका यात्रा
पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक मुनीर एक बार फिर से अमेरिका पहुंचे हैं, लेकिन वे कब पहुंचे इसकी तारीख नहीं बताई गई है। मुनीर की यह डेढ़ महीने में दूसरी अमेरिका यात्रा है। उन्होंने फ्लोरिडा के टैम्पा शहर में रविवार को पाकिस्तानी प्रवासियों को संबोधित किया।
मुनीर ने कहा कि भारत क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने पर तुला हुआ है। उन्होंने आगाह किया कि कोई भी गलती इलाके में बड़े संघर्ष की वजह बन सकती है। मुनीर ने भारत पर झूठे बहाने बनाकर पाकिस्तान पर हमला करने का आरोप लगाया।
भारत-PAK जंग रोकने के लिए ट्रम्प को शुक्रिया कहा
मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प को धन्यवाद दिया और कहा कि उनकी रणनीति से पाकिस्तान-भारत के बीच युद्ध टला। मुनीर ने इस दौरान उन्होंने भारतीय एजेंसी रॉ (R&AW) को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया।
मुनीर ने कहा कि अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते से पाकिस्तान में बड़े निवेश की संभावना है। उन्होंने बताया कि अमेरिका, सऊदी अरब, यूएई और चीन के साथ कई समझौते चल रहे हैं, जो आर्थिक सहयोग को बढ़ाएंगे।
विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानियों की तारीफ की
मुनीर ने विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानियों को गर्व बताया और कहा कि उनका पाकिस्तान छोड़ना ‘प्रतिभा पलायन’ का मामला नहीं है, बल्कि ‘प्रतिभा हासिल’ करने का मामला है। उन्होंने कहा कि विदेशों में रहने वाले पाकिस्तानी भी अपने देश के लिए उतने ही भावुक हैं, जितना पाकिस्तान में रहने वाले पाकिस्तानी।
मुनीर ने उनसे कहा कि वे यकीन रखें पाकिस्तान का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने लोगों से पाकिस्तान में निवेश बढ़ाने में योगदान देने की अपील की।
अमेरिकी अधिकारियों से भी मिले मुनीर मुनीर ने अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने निवर्तमान कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला की तारीफ की और नए कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर को शुभकामनाएं दीं।
इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका के जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन से भी मुलाकात की और उन्हें पाकिस्तान आने का न्योता दिया। उन्होंने अन्य देशों के रक्षा प्रमुखों से भी बातचीत की।
इससे पहले जून में अपनी पिछली यात्रा में मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ मुलाकात की थी। वह पहले ऐसे पाकिस्तानी सेना प्रमुख बने, जिन्होंने किसी मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति से आमने-सामने बातचीत की।







