पीएम मोदी तमिलनाडु दौरे पर हैं। उनका ये दौरा काफी खास है क्योंकि आज सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती है और साथ ही देश के पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि है। राजेंद्र चोल प्रथम और कलाम दोनों ही तमिलनाडु से बहुत गहराई से जुड़े हुए थे।
तमिल कल्चर को प्रमोट कर रहे पीएम
आज आड़ी थिरूवादिरयी का दिन भी है, जिसका तमिल कल्चर में खासा महत्व है। तिरुचिरापल्ली में आज PM गंगईकोंडा चोलापुरम में चोल वंश के राजा राजेन्द्र चोलन की सहस्त्राब्दी समारोह में हिस्सा ले रहे हैं, ये इसलिए भी खास है क्योंकि तमिलनाडु में अगले साल विधानसभा के चुनाव हैं, जिसमें बीजेपी को फायदा हो सकता है।
आज के कार्यक्रम को PM मोदी के विश्व की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक तमिल भाषा और संस्कृति को वैश्विक स्तर प्रमोट करने के उनके संकल्प से जोड़कर देखा जा सकता है। संसद में सेंगोल की स्थापना, तमिल काशी संगमम, विदेशी जमीन पर तमिल भाषा का प्रमोशन उनके इसी संकल्प का हिस्सा हैं।
पीएम मोदी की इस कोशिश का सियासी लाभ बीजेपी को मिल सकता है लेकिन तमिलनाडु में बेहतर प्रदर्शन अभी भी पार्टी के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
BJP को कैसे मिल सकता है सियासी लाभ?
- तमिलनाडु में साल 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। वैसे तो तमिलनाडु में डीएमके और एआईएडीएमके जैसे क्षेत्रीय दलों का दबदबा रहा है, लेकिन बीजेपी अपनी उपस्थिति को मजबूत करने के लिए रणनीतिक रूप से काम कर रही है।
- पीएम मोदी अपने तमिलनाडु दौरे पर विकास परियोजनाओं का शुभारंभ करके ये मैसेज दे रहे हैं कि केंद्र का पूरा ध्यान तमिलनाडु की तरफ है और वह उसके विकास को लेकर काम करने के लिए उत्सुक है। यह स्थानीय मतदाताओं को प्रभावित कर सकता है, जो डीएमके और एआईएडीएमके के द्रविड़ियन मॉडल के विकल्प की तलाश में हैं।
- पीएम मोदी ने अपने दौरे में तमिलनाडु को श्री राम की पावन धरती के रूप में संबोधित किया और रामनवमी पर पंबन ब्रिज के उद्घाटन जैसे कदमों से हिंदू आस्था को जोड़ा। यह बीजेपी की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की रणनीति का हिस्सा है। काशी तमिल संगमम जैसे आयोजनों का जिक्र भी तमिल संस्कृति और राष्ट्रीय एकता को जोड़ने की कोशिश है।
- बीजेपी तमिलनाडु में एआईएडीएमके और अन्य छोटे दलों जैसे डीएमडीके और एएमएमके के साथ गठबंधन को मजबूत करने की कोशिश कर रही है। यह गठबंधन 2026 के चुनावों में बीजेपी को मजबूत स्थिति दिला सकता है।
- पीएम मोदी के दौरे से बीजेपी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़ता है, जैसा कि तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंथिरन और के. अन्नामलाई ने अपने बयानों में जाहिर किया।
- तमिलनाडु की सियासत डीएमके और एआईएडीएमके के इर्द-गिर्द रही है, लेकिन बीजेपी विकास और राष्ट्रीय एकता के एजेंडे को सामने रखकर द्रविड़ियन मॉडल को चुनौती दे रही है।
- मोदी ने तमिल भाषा और संस्कृति की प्रशंसा करते हुए इसे राष्ट्रीय मंच पर ले जाने की बात की, जैसे कि काशी तमिल संगमम और नई संसद में तमिलनाडु के सिंगोल का प्रचार। जिससे बीजेपी को “उत्तर भारतीय पार्टी” के मिथक को तोड़ने में मदद मिल सकती है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने तमिलनाडु के तूतुकुड़ी में 4800 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के विकास कार्यों का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज ने तमिलनाडु के तूतुकुड़ी में 4800 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के विकास कार्यों का शिलान्यास, उद्घाटन और लोकार्पण किया। विभिन्न क्षेत्रों में अनेक ऐतिहासिक परियोजनाएँ क्षेत्रीय संपर्क को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाएँगी, लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ावा देंगी, स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना को मजबूती प्रदान करेंगी और पूरे तमिलनाडु में नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाएँगी। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर श्री मोदी ने कारगिल के वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और साहसी योद्धाओं को नमन किया तथा राष्ट्र के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि चार दिन के विदेश प्रवास के बाद सीधे भगवान रामेश्वर की पावन भूमि पर पहुँचना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने अपनी विदेश यात्रा के दौरान भारत और ब्रिटेन के बीच हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते को रेखांकित किया। इसे भारत पर दुनिया के बढ़ते भरोसे और भारत के नए आत्मविश्वास का प्रतीक करार देते हुए श्री मोदी ने कहा कि यह आत्मविश्वास विकसित भारत और विकसित तमिलनाडु के निर्माण को गति देगा। उन्होंने कहा कि आज भगवान रामेश्वर और भगवान तिरुचेंदूर मुरुगन के आशीर्वाद से तूतुकुड़ी में विकास का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “तमिलनाडु को विकास के शिखर पर लेकर जाने का जो मिशन 2014 में शुरू हुआ था, तूतुकुड़ी लगातार उसका साक्षी बन रहा है।”
फरवरी 2024 में ‘वी.ओ. चिदम्बरनार पोर्ट’ के लिए ‘आउटर हार्बर कंटेनर टर्मिनल’ का शिलान्यास किए जाने को याद करते हुए श्री मोदी ने उस यात्रा के दौरान सैकड़ों करोड़ रुपये की अनेक परियोजनाओं का उद्घाटन किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सितंबर 2024 में नए तूतुकुड़ी अंतर्राष्ट्रीय कंटेनर टर्मिनल का भी उद्घाटन किया गया। उन्होंने कहा कि आज एक बार फिर, तूतुकुड़ी में 4,800 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन पहलों का विस्तार हवाई अड्डों, राजमार्गों, बंदरगाहों, रेलवे और बिजली क्षेत्र की महत्वपूर्ण प्रगति सहित प्रमुख क्षेत्रों में हुआ है। उन्होंने विकास की दिशा में उठाए गए इन महत्वपूर्ण कदमों के लिए तमिलनाडु की जनता को बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा, “बुनियादी ढाँचा और ऊर्जा किसी भी राज्य के विकास का आधार होते हैं। पिछले 11 वर्षों में, इन क्षेत्रों पर हमारा फोकस यह दर्शाता है कि तमिलनाडु का विकास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है”। उन्होंने कहा कि आज उद्घाटित परियोजनाएँ तूतुकुड़ी और तमिलनाडु को बेहतर कनेक्टिविटी, स्वच्छ ऊर्जा और नए अवसरों का केंद्र बनाएँगी।
श्री मोदी ने समृद्ध एवं सशक्त भारत के निर्माण में तमिलनाडु और तूतुकुड़ी के स्थायी योगदान को स्वीकार करते हुए यहाँ की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के प्रति सम्मान प्रकट किया। उन्होंने दूरदर्शी स्वतंत्रता सेनानी श्री वी.ओ. चिदंबरम पिल्लई की सराहना की, जिन्होंने औपनिवेशिक काल में समुद्री व्यापार की ताकत को भांप लिया था और समंदर में स्वदेशी जहाज़ चलाकर ब्रिटिश प्रभुत्व को चुनौती दी थी। प्रधानमंत्री ने साहस और देशभक्ति पर आधारित स्वतंत्र और सशक्त भारत के सपने बुनने के लिए वीर-पांडिया कट्टा-बोम्मन और अळगु-मुथु कोन जैसी महान हस्तियों के प्रति सम्मान प्रकट किया। तूतुकुड़ी के समीप राष्ट्रकवि सुब्रमण्यम भारती की जन्मस्थली होने को याद करते हुए श्री मोदी ने तूतुकुड़ी और अपने निर्वाचन क्षेत्र काशी के बीच गहरे भावनात्मक संबंध पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि काशी-तमिल संगमम जैसी सांस्कृतिक पहल भारत की साझा विरासत और एकता को मज़बूती प्रदान करना जारी रखे हुए है।
पिछले साल श्री बिल गेट्स को तूतुकुड़ी के प्रसिद्ध मोती उपहार में देने के बारे में याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री गेट्स ने इन मोतियों की बहुत सराहना की थी। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के पांड्या मोती कभी दुनिया भर में भारत की आर्थिक शक्ति का प्रतीक माने जाते थे।
श्री मोदी ने कहा, “भारत अपने निरंतर प्रयासों के माध्यम से विकसित तमिलनाडु और विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ा रहा है।” उन्होंने कहा कि भारत और ब्रिटेन के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इस विजन को और गति प्रदान करेगा। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा, “आज दुनिया भारत के विकास में अपना विकास देख रही है।” उन्होंने कहा कि एफटीए भारत की अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाएगा और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में देश की यात्रा को गति प्रदान देगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते के बाद, ब्रिटेन में बिकने वाले 99 प्रतिशत भारतीय उत्पाद कर-मुक्त होंगे। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि ब्रिटेन में भारतीय वस्तुओं के ज़्यादा किफ़ायती होने से माँग बढ़ेगी, जिससे भारत में विनिर्माण के अवसर बढ़ेंगे। श्री मोदी ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते से तमिलनाडु के युवाओं, लघु उद्योगों, एमएसएमई और स्टार्टअप्स को काफ़ी फ़ायदा होगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता उद्योग जगत, मछुआरा समुदाय और अनुसंधान एवं नवाचार जैसे क्षेत्रों को व्यापक लाभ पहुँचाएगा।
सरकार द्वारा मेक इन इंडिया और मिशन मैन्युफैक्चरिंग पर ज़ोर दिए जाने को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मेक इन इंडिया की ताकत साफ़ तौर पर प्रदर्शित हुई। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों के ठिकानों को ध्वस्त करने में स्वदेशी हथियारों की बड़ी भूमिका रही है। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि भारत में बने हथियार आज भी आतंकवाद के आकाओं की नींद उड़ाए हुए हैं।
यह दावा करते हुए कि तमिलनाडु के बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण के जरिए राज्य की क्षमता का पूरा इस्तेमाल करना केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता रही है, श्री मोदी ने कहा कि अत्याधुनिक तकनीकों से युक्त बंदरगाह सुविधाओं को उन्नत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, राज्य भर में निर्बाध संपर्क बढ़ाने के लिए हवाई अड्डों, राजमार्गों और रेलवे को एकीकृत करने के प्रयास भी जारी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि तूतुकुड़ी हवाई अड्डे पर नए उन्नत टर्मिनल का उद्घाटन इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि 450 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह टर्मिनल अब सालाना 20 लाख से ज़्यादा यात्रियों की मेजबानी की क्षमता रखता है, जबकि पहले इसकी क्षमता केवल 3 लाख यात्रियों की थी।
नव-उद्घाटित टर्मिनल द्वारा भारत भर के कई गंतव्यों से तूतुकुड़ी की कनेक्टिविटी को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाने का उल्लेख करते हुए श्री मोदी ने इस बात को रेखांकित किया कि इस विकास से पूरे तमिलनाडु में कॉर्पोरेट ट्रैवल, शैक्षिक केंद्रों और स्वास्थ्य सेवा के बुनियादी ढांचे को लाभ होगा। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि इस बेहतर पहुँच के माध्यम से क्षेत्र की पर्यटन क्षमता को नई गति मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को जनता को समर्पित करने की घोषणा की। लगभग 2,500 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित ये सड़कें दो प्रमुख विकास क्षेत्रों को चेन्नई के साथ जोड़ने के लिए डिज़ाइन की गई हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़क अवसंरचना ने डेल्टा जिलों और राज्य की राजधानी के बीच संपर्क में काफी सुधार किया है, जिससे व्यापक आर्थिक एकीकरण और पहुँच का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
इस बात पर ज़ोर देते हुए कि सड़क परियोजनाओं ने तूतुकुड़ी बंदरगाह से कनेक्टिविटी को काफ़ी बढ़ावा दिया है, श्री मोदी ने कहा कि इनसे पूरे क्षेत्र के निवासियों के लिए जीवनयापन में सुगमता बढ़ने और व्यापार एवं रोज़गार के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि केंद्र सरकार रेलवे नेटवर्क को औद्योगिक विकास और आत्मनिर्भर भारत की जीवन रेखा मानती है। इस बात पर गौर करते हुए कि पिछले ग्यारह वर्षों में, भारत में रेलवे का बुनियादी ढाँचा आधुनिकीकरण के परिवर्तनकारी चरण में प्रवेश कर गया है, जिसमें तमिलनाडु इस मुहिम का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है, प्रधानमंत्री ने कहा कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत, तमिलनाडु भर के सतहत्तर स्टेशनों का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। आधुनिक वंदे भारत ट्रेनें अब तमिलनाडु के नागरिकों को नया यात्रा अनुभव प्रदान कर रही हैं। श्री मोदी ने ज़ोर देकर कहा कि भारत का पहला वर्टिकल लिफ्ट रेल ब्रिज-पम्बन ब्रिज- भी तमिलनाडु में ही बनाया गया था, जो अनूठी इंजीनियरिंग उपलब्धि है जिसने इस क्षेत्र में कारोबार करने में सुगमता और यात्रा में सुगमता, दोनों में सुधार किया है।
प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा, “आज, देश भर में मेगा और अत्याधुनिक बुनियादी ढाँचा विकसित करने का महाअभियान चल रहा है।” उन्होंने जम्मू-कश्मीर में हाल ही में उद्घाटित चिनाब पुल को इंजीनियरिंग का चमत्कार करार देते हुए कहा कि इसने पहली बार जम्मू और श्रीनगर को रेल मार्ग से जोड़ा है। श्री मोदी ने कहा कि इसके अलावा, भारत ने कई ऐतिहासिक परियोजनाएँ जैसे देश का सबसे लंबा समुद्री पुल – अटल सेतु, असम में बोगीबील पुल और छह किलोमीटर से ज़्यादा लंबी सोनमर्ग सुरंग- पूरी की हैं। उन्होंने कहा कि ये पहल एकीकृत विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं और इनसे देश भर में रोज़गार के हज़ारों अवसरों का सृजन हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में समर्पित की गई नई रेल परियोजनाओं से राज्य के दक्षिणी क्षेत्र के लाखों लोगों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि मदुरै- बोडिनायक्कनूर रेलवे लाइन के विद्युतीकरण से अब इस क्षेत्र में वंदे भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेनों के परिचालन का मार्ग प्रशस्त हो गया है। श्री मोदी ने कहा, “ये रेलवे परियोजनाएँ तमिलनाडु की प्रगति की गति को तेज़ करने और इसके विकास के पैमाने को नई शक्ति देने के लिए तैयार हैं।”
प्रधानमंत्री ने तमिलनाडु में 2,000 मेगावाट की कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा परियोजना से संबद्ध एक प्रमुख पारेषण परियोजना की आधारशिला भी रखी। 550 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित इस प्रणाली द्वारा आने वाले वर्षों में स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए जाने की संभावना है। श्री मोदी ने कहा कि यह ऊर्जा पहल भारत के वैश्विक ऊर्जा लक्ष्यों और पर्यावरणीय प्रतिबद्धताओं में सार्थक योगदान देगी। बिजली उत्पादन बढ़ने से तमिलनाडु में औद्योगिक क्षेत्रों और घरेलू उपयोगकर्ताओं, दोनों को बेहतर ऊर्जा उपलब्धता से पर्याप्त लाभ प्राप्त होगा।
तमिलनाडु में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की त्वरित प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए श्री मोदी ने कहा कि सरकार को इस योजना के तहत लगभग एक लाख आवेदन पहले ही प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक चालीस हज़ार से ज़्यादा सौर रूफटॉप स्थापित किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह योजना न केवल मुफ़्त और स्वच्छ बिजली प्रदान करती है, बल्कि हरित रोज़गार के हज़ारों अवसरों का भी सृजन कर रही है।
तमिलनाडु के विकास और विकसित तमिलनाडु के विजन को केंद्र सरकार की प्रमुख प्रतिबद्धता करार देते हुए प्रधानमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि तमिलनाडु के विकास से जुड़ी नीतियों को लगातार सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि पिछले एक दशक में, केंद्र सरकार ने तमिलनाडु को 3 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित किए हैं – जो पिछली सरकार द्वारा वितरित राशि से तीन गुना से भी अधिक है। श्री मोदी ने कहा कि इन ग्यारह वर्षों में, तमिलनाडु को ग्यारह नए मेडिकल कॉलेज मिले हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार किसी सरकार ने तटीय क्षेत्रों में मत्स्य पालन से जुड़े समुदायों के लिए इतनी चिंता दिखाई है। उन्होंने कहा कि नीली क्रांति के माध्यम से, सरकार समावेशी विकास सुनिश्चित करते हुए तटीय अर्थव्यवस्था का विस्तार कर रही है।
श्री मोदी ने कहा, “तूतुकुड़ी विकास के एक नए अध्याय की शुरुआत का साक्षी बन रहा है।” उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि कनेक्टिविटी, बिजली पारेषण और बुनियादी ढाँचे में की गई पहल विकसित तमिलनाडु और विकसित भारत की मज़बूत नींव रख रही है। उन्होंने इन परिवर्तनकारी परियोजनाओं के लिए तमिलनाडु के सभी लोगों को बधाई देते हुए अपने संबोधन का समापन किया।
इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के राज्यपाल श्री आर. एन. रवि, केंद्रीय मंत्री श्री राममोहन नायडू किंजरापु, डॉ. एल. मुरुगन सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
पृष्ठभूमि
विश्वस्तरीय हवाई अवसंरचना विकसित करने और संपर्क बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप प्रधानमंत्री ने तूतुकुड़ी हवाई अड्डे पर लगभग 450 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया, जिसे दक्षिणी क्षेत्र की बढ़ती विमानन आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री ने तूतुकुड़ी हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का अवलोकन भी किया।
17,340 वर्ग मीटर में फैला यह टर्मिनल व्यस्त समय में 1,350 यात्रियों और सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता से युक्त होगा, भविष्य में इसकी क्षमता बढ़ाकर व्यस्त समय में 1,800 यात्री और सालाना 25 लाख यात्री की जा सकेगी। 100 प्रतिशत एलईडी लाइटिंग, ऊर्जा-दक्ष ईएंडएम सिस्टम और ऑन-साइट सीवेज शोधन संयंत्र के माध्यम से उपचारित जल के पुन: उपयोग के साथ, इस टर्मिनल को जीआरआईएचए-4 सतत रेटिंग प्राप्त करने के लिए तैयार किया गया है। इस आधुनिक बुनियादी ढाँचे की बदौलत क्षेत्रीय हवाई संपर्क में उल्लेखनीय वृद्धि होने और दक्षिणी तमिलनाडु में पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने की आशा है।
सड़क अवसंरचना क्षेत्र में, प्रधानमंत्री ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण दो राजमार्ग परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया। पहली परियोजना एनएच-36 के 50 किलोमीटर लंबे सेठियाथोप-चोलापुरम खंड को 4 लेन का बनाने से संबद्ध है, जिसे विक्रवंडी-तंजावुर कॉरिडोर के अंतर्गत 2,350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इसमें तीन बाईपास, कोल्लीडम नदी पर 1 किलोमीटर लंबा चार लेन का पुल, चार बड़े पुल, सात फ्लाईओवर और कई अंडरपास शामिल हैं, जिससे सेठियाथोप-चोलापुरम के बीच यात्रा का समय 45 मिनट कम हो जाएगा और डेल्टा क्षेत्र के सांस्कृतिक और कृषि केंद्रों से संपर्क बढ़ेगा। दूसरी परियोजना 5.16 किमी. एनएच-138 तूतुकुड़ी बंदरगाह मार्ग को 6 लेन का बनाना है, जिसे लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। अंडरपास और पुलों के निर्माण से माल ढुलाई आसान होगी, लॉजिस्टिक्स की लागत में कटौती होगी और वीओ चिदंबरनार बंदरगाह के आसपास बंदरगाह-आधारित औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
बंदरगाह के बुनियादी ढाँचे और स्वच्छ ऊर्जा पहलों को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री ने वीओ चिदंबरनार बंदरगाह पर लगभग 285 करोड़ रुपए मूल्य के 6.96 एमएमटीपीए कार्गो हैंडलिंग क्षमता वाले नॉर्थ कार्गो बर्थ-III का उद्घाटन किया । इससे क्षेत्र में ड्राई बल्क कार्गो की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करने में सहायता मिलेगी, जिससे समग्र बंदरगाह दक्षता में सुधार होगा और कार्गो संचालन लॉजिस्टिक्स के अनुकूल होगा।
प्रधानमंत्री ने स्थायी और कुशल संपर्क को बढ़ावा देने के लिए दक्षिणी तमिलनाडु में तीन प्रमुख रेलवे अवसंरचना परियोजनाओं का लोकार्पण किया। 90 किलोमीटर लंबी मदुरै- बोडिनायक्कनूर लाइन के विद्युतीकरण से पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा और मदुरै तथा थेनी में पर्यटन एवं आवागमन को बढ़ावा मिलेगा। तिरुवनंतपुरम-कन्याकुमारी परियोजना के अंतर्गत, 21 किलोमीटर लंबे नागरकोइल टाउन-कन्याकुमारी खंड का 650 करोड़ रुपए की लागत से दोहरीकरण, तमिलनाडु और केरल के बीच संपर्क को मज़बूत करेगा। इसके अतिरिक्त, अरलवयमोझी-नागरकोइल जंक्शन (12.87 किमी) और तिरुनेलवेली-मेलाप्पलायम (3.6 किमी) खंडों के दोहरीकरण से चेन्नई-कन्याकुमारी जैसे प्रमुख दक्षिणी मार्गों पर यात्रा का समय कम होगा और यात्री एवं माल ढुलाई क्षमता में सुधार के माध्यम से क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।
राज्य की विद्युत अवसंरचना को और सुदृढ़ तथा सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री ने एक प्रमुख विद्युत पारेषण परियोजना- कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र की इकाई 3 और 4 (2×1000 मेगावाट) से बिजली की निकासी हेतु अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली (आईएसटीएस) की आधारशिला रखी। लगभग 550 करोड़ रुपए की लागत से विकसित इस परियोजना में कुडनकुलम से तूतुकुड़ी-II जीआईएस सबस्टेशन और संबंधित टर्मिनल उपकरणों तक 400 केवी (क्वाड) डबल-सर्किट ट्रांसमिशन लाइन शामिल होगी। यह राष्ट्रीय ग्रिड को मजबूत करने, विश्वसनीय स्वच्छ ऊर्जा वितरण सुनिश्चित करने और तमिलनाडु तथा अन्य लाभार्थी राज्यों की बिजली की बढ़ती मांगों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
तमिलनाडु के तूत्-कुडी में विकास कार्यों के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ
वणक्कम! तमिलनाडु के गवर्नर R. N. Ravi जी, मंत्रिमंडल में मेरे सहयोगी किंजरापु राममोहन नायडू जी, डॉ. एल मुरुगन जी, तमिलनाडु के मंत्री तंगम तेन्नरसु जी, डॉ. T.R.B. राजा जी, पी. गीता जीवन जी, अनीता आर राधाकृष्णन जी, सांसद कनिमोळी जी, तमिलनाडु भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष और हमारे MLA नयनार नागेंद्रन जी, और तमिलनाडु के मेरे भाइयों और बहनों!
आज कारगिल विजय दिवस है। मैं सर्वप्रथम कारगिल के वीरों को नमन करता हूँ, शहीदों को श्रद्धांजलि देता हूँ।
Friends,
मेरा सौभाग्य है कि चार दिन के विदेश प्रवास के बाद मुझे सीधे भगवान रामेश्वर की इस पावन भूमि पर आने का अवसर मिला। विदेश प्रवास के दौरान भारत और इंग्लैंड के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है। ये भारत पर दुनिया के बढ़ते भरोसे और भारत के नए आत्मविश्वास का प्रतीक है। इसी आत्मविश्वास से हम विकसित भारत बनाएंगे., विकसित तमिलनाडु बनाएंगे। आज भी यहां भगवान रामेश्वर और भगवान तिरुचेंदूर मुरुगन के आशीर्वाद से तूत्-कुडी में विकास का नया अध्याय लिखा जा रहा है। 2014 में तमिलनाडु को development के शिखर पर लेकर जाने का जो मिशन शुरू हुआ था, तूत्-कुडी लगातार उसका साक्षी बन रहा है।
Friends,
पिछले साल फरवरी में मैंने यहाँ ‘वी.ओ. चिदम्बरनार पोर्ट’ के लिए ‘आउटर हार्बर कंटेनर टर्मिनल’ का शिलान्यास किया था। उस समय सैकड़ों करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का inauguration भी हुआ था। सितंबर में मैंने नए तूत्-कुडी इंटरनेशनल कंटेनर टर्मिनल का लोकार्पण किया था। आज एक बार फिर, यहाँ forty eight hundred करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। इनमें एयरपोर्ट, हाइवेज, पोर्ट्स और रेलवेज़ के प्रोजेक्ट्स हैं, और पावर सेक्टर से जुड़े अहम initiative भी हैं। मैं आप सभी को, तमिलनाडु की जनता को इसकी बहुत बहुत बधाई देता हूं।
साथियों,
Infrastructure और Energy ये किसी भी स्टेट के development की बैकबोन होते हैं। इन 11 years में इन्फ्रा और एनर्जी पर हमारा फोकस ये बताता है कि तमिलनाडु का विकास हमारी कितनी बड़ी priority है। आज की सभी परियोजनाएं भी तूत्-कुडी और तमिलनाडु को कनेक्टिविटी, क्लीन एनर्जी और नई opportunities का हब बनाएँगी।
साथियों,
तमिलनाडु और तूत्-कुडी की धरती ने, यहाँ के लोगों ने सदियों से समृद्ध और सशक्त भारत के लिए अपना योगदान दिया है। इसी धरती पर वी.ओ. चिदंबरम पिल्लै जैसे विजनरी पैदा हुए। उन्होंने गुलामी के दौर में भी समुद्र के जरिए व्यापार की ताकत को समझा, उन्होंने समंदर में स्वदेशी जहाज़ चलाकर अंग्रेजों को चुनौती दी। इसी भूमि पर, वीर-पांडिया कट्टा-बोम्मन और अळगु-मुथु कोन जैसे महापुरुषों ने स्वतंत्र और समर्थ भारत का सपना बुना था। सुब्रमण्यम भारती जैसे राष्ट्रकवि का जन्म भी यहीं पास में हुआ था। आप सब जानते हैं, सुब्रमण्यम भारती जी का जितना मजबूत रिश्ता तूत्-कुड़ी से था, उतना ही मजबूत रिश्ता मेरे संसदीय क्षेत्र मेरी काशी से भी है। हम काशी-तमिल संगमम् जैसे आयोजनों के जरिए अपनी सांस्कृतिक धरोहर को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
Friends,
मुझे याद है, पिछले वर्ष ही मैंने तूत्-कुड़ी के प्रसिद्ध पर्ल्स, बिल गेट्स उपहार में दिए थे। वो पर्ल्स उन्हें बहुत पसंद आए थे। यहां के पांड्या पर्ल्स, एक समय पर पूरी दुनिया में भारत की economic power का सिम्बल हुआ करते थे।
साथियों,
आज हम यहां अपने प्रयासों से विकसित तमिलनाडु और विकसित भारत के विज़न को आगे बढ़ा रहे हैं। ब्रिटेन और भारत के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है। FTA भी इसी विजन को गति देता है। आज भारत की ग्रोथ में, दुनिया अपनी ग्रोथ देख रही है। ये एग्रीमेंट भी, भारत की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा। इससे, दुनिया की तीसरी बड़ी इकॉनॉमी बनने की हमारी रफ्तार और तेज़ होगी।
साथियों,
इस एफटीए एग्रीमेंट के बाद ब्रिटेन में बिकने वाले 99% भारतीय प्रॉडक्ट्स पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। ब्रिटेन में भारतीय चीजें सस्ती होंगी तो वहां डिमांड बढ़ेगी और यहां भारत में उन चीजों के निर्माण के लिए ज्यादा मौके बनेंगे।
साथियों,
भारत-ब्रिटेन FTA से, तमिलनाडु के युवाओं को, हमारे छोटे उद्योगों, MSME को, स्टार्टअप्स को, सबसे अधिक लाभ होगा। इससे इंडस्ट्री हो, हमारे मछुआरे भाई-बहन हों या फिर रिसर्च और दनोवेशन, सबके लिए यदा ही फायदा है।
साथियों,
आज भारत सरकार का मेक इन इंडिया और मिशन मैन्युफेक्चरिंग पर बहुत जोर है। आप सभी ने अभी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मेक इन इंडिया की ताकत देखी है। आतंक के ठिकानों को मिट्टी में मिलाने में मेड इन इंडिया हथियारों की बड़ी भूमिका रही है। भारत में बने हथियार आज भी आतंक के आकाओं की नींद उड़ाए हुए हैं।
Friends,
तमिलनाडु के potential का पूरा इस्तेमाल करने के लिए भारत सरकार तमिलनाडु के इनफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने का प्रयास कर रही है। तमिलनाडु में हम पोर्ट इनफ्रास्ट्रक्चर को हाइटेक बना रहे हैं। साथ ही, एयरपोर्ट, हाइवेज और रेलवेज को भी आपस में integrate कर रहे हैं। आज तूत्-कुडी एयरपोर्ट के नए एडवांस्ड टर्मिनल का शुभारंभ इसी दिशा में एक और बड़ा कदम है। 450 करोड़ रुपये की कॉस्ट से बना ये टर्मिनल अब हर साल 20 lakhs से ज्यादा पैसेंजर्स को होस्ट करेगा। पहले ये सालाना capacity केवल 3 lakhs पैसेंजर्स की थी।
साथियों,
नए टर्मिनल के बाद देश के कई और रूट्स तक तूत्-कुडी की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। तमिलनाडु में कॉर्पोरेट ट्रैवल, एजुकेशन हब्स, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को इससे ज्यादा फायदा होगा। साथ ही, इस इलाके के टूरिज्म पोटेंशियल को भी नई एनर्जी मिलेगी।
साथियों,
आज हमने तमिलनाडु के दो मेजर रोड प्रोजेक्ट्स को भी जनता को समर्पित किया है। करीब 2500 करोड़ रुपये से बनी ये रोड्स, दो मेजर डेवलपमेंट एरिया को चेन्नई से जोड़ने जा रही हैं। इन रोड्स की वजह से डेल्टा जिलों से चेन्नई की कनेक्टिविटी और बेहतर हुई है।
साथियों,
इन प्रोजेक्ट्स की मदद से तूत्-कुडी पोर्ट की कनेक्टिविटी भी बहुत बेहतर हुई है। ये रोड्स, इस पूरे इलाके लिए ease of living को भी बढ़ाएँगी, साथ ही, ट्रेड और employment के नए रास्ते भी खोलेंगी। –
साथियों,
हमारी सरकार देश की रेलवे को इंडस्ट्रियल ग्रोथ और आत्मनिर्भर भारत की लाइफलाइन मानती है। इसीलिए, बीते इलेवेन ईयर्स में देश के रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर ने modernization का नया दौर देखा है। तमिलनाडु रेलवे इनफ्रास्ट्रक्चर के modernization कैम्पेन का एक प्रमुख सेंटर है। हमारी सरकार अमृत भारत स्टेशन स्कीम के तहत तमिलनाडु के 77 स्टेशन्स का re-development कर रही है। आधुनिक वंदे भारत ट्रेनों के जरिए तमिलनाडु के लोगों को नया एक्सपिरियन्स मिल रहा है। देश का पहला और अनूठा वर्टिकल लिफ्ट रेल ब्रिज, पंबन ब्रिज भी तमिलनाडु में बना है। पंबन ब्रिज से Ease of Doing Business और Ease of Travel, दोनों बढ़ा है।
साथियों,
आज देश में मेगा और मॉर्डर्न इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप करने का महाअभियान चल रहा है। कुछ दिनों पहले शुरू हुआ जम्मू-कश्मीर का चिनाब ब्रिज, इंजीनियरिंग मार्वल है। इस ब्रिज ने पहली बार रेलवे के जरिए जम्मू को श्रीनगर से जोड़ दिया है। इसके अलावा देश का सबसे लंबा सी-ब्रिज अटल सेतु बना है, असम में बोगीबील ब्रिज बना है, 6 किलोमीटर से ज्यादा लंबी सोनमर्ग टनल बनी है, ऐसे कितने ही प्रोजेक्ट भारत सरकार ने, NDA सरकार ने पूरे किए हैं। इन सभी से हजारों की संख्या में Employment जनरेट हुआ है।
Friends,
आज भी, हमने तमिलनाडु में जिन रेलवे प्रोजेक्ट्स को डेडिकेट किया है, उनसे दक्षिण तमिलनाडु के लाखों लोगों को लाभ मिलेगा। मदुरै से बोडि-नायक्कनूर इस लाइन का इलेक्ट्रिफिकेशन होने के बाद अब यहां वंदे भारत जैसी ट्रेन्स चलाने का रास्ता खुल गया है। ये रेलवे प्रोजेक्ट्स, तमिलनाडु की स्पीड को और इसके डेवलपमेंट स्केल, दोनों को एक नई शक्ति देने जा रहे हैं।
साथियों,
आज यहां 2000 मेगावॉट के कुडानकुलम न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट से जुड़े ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट की नींव भी रखी गई है। करीब 550 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला ये सिस्टम, आने वाले वर्षों में देश को Clean Energy देने में बड़ी भूमिका निभाने वाला है। ये एनर्जी प्रोजेक्ट भारत के ग्लोबल एनर्जी टारगेट्स और एनवायरमेंटल कमिटमेंट्स को पूरा करने का माध्यम बनेगा। जब इलेक्ट्रिसिटी प्रॉडक्शन बढ़ेगा, तो तमिलनाडु की इंडस्ट्री को, डोमेस्टिक यूजर्स को भी इससे बड़ा लाभ होगा।
साथियों,
मुझे खुशी है कि तमिलनाडु में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना भी तेज गति से चल रही है। अब तक सरकार को करीब 01 lakhs एप्लीकेशन मिल चुकी हैं और 40000 solar rooftop installations पूरे हो चुके हैं। ये योजना न केवल free और clean बिजली दे रही है बल्कि हजारों की संख्या में green jobs भी पैदा कर रही है।
साथियों,
तमिलनाडु का development, developed तमिलनाडु का सपना ये हमारा core commitment है। हमने तमिलनाडु के development से जुड़ी पॉलिसीज़ को निरंतर प्राथमिकता दी है। पिछले एक दशक में केंद्र सरकार ने devolution के जरिए तमिलनाडु को three lakhs करोड़ रुपये भेजे हैं। ये amount पिछली UPA सरकार द्वारा भेजी गई राशि की तुलना में more than three times है। इन eleven years में तमिलनाडु को eleven new medical colleges मिले हैं। पहली बार कोस्टल एरियाज़ में फिशरीज सेक्टर से जुड़े समुदायों की किसी सरकार ने इतनी चिंता की है। Blue revolution के जरिए हम कोस्टल economy को विस्तार दे रहे हैं।
साथियों,
आज तूत्-कुडी की ये धरती, विकास के नए अध्याय की साक्षी बन रही है। कनेक्टिविटी, पावर ट्रांसमिशन, इंफ्रास्ट्रक्चर के ये सारे प्रोजेक्ट्स विकसित तमिलनाडु-विकसित भारत का सशक्त आधार बनाने वाले हैं। मैं एक बार फिर, तमिलनाडु के अपने सभी परिवारजनों को इन सारे प्रोजेक्ट्स के लिए बहुत- बहुत बधाई देता हूं। बहुत बहुत धन्यवाद। मेरी एक और प्रार्थना है, आज मैं देख रहा हूं कि आप लोगों का उत्साह बहुत ज्यादा ही है, एक काम करिये अपना mobile फोन निकालिये और mobile फोन की flash light से ये नए एयरपोर्ट का गौरव बढ़ाइए।
भारत माता की – जय।
भारत माता की – जय।
भारत माता की – जय।
बहुत-बहुत धन्यवाद।
वणक्कम।







