पटना: बिहार के दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों, व्यवसायियों को नीतीश सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। बिहार सरकार ने यह निर्णय लिया है कि कॉम्फेड मुख्यालय इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर स्थापित किया जाएगा। इस पर कुल ₹28.50 करोड़ खर्च होंगे। यह जानकारी राज्य के उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी। डिप्टी सीएम ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2027-28 तक कुल ₹28.50 करोड़ के अनुमानित व्यय पर कॉम्फेड मुख्यालय , पटना में एक केंद्रीकृत इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आइसीसीसी ) की स्थापना की जाएगी। इसी योजना के तहत वर्ष 2025-26 में ₹16.39 करोड़ सहायक परिसंपत्तियों के निर्माण पर व्यय किये जाएंगे।
क्या है इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर?
इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर की लगभग 4000 वर्गफुट क्षेत्र में स्थापना की जाएगी, जो 24×7 सभी डेयरियों, बल्क मिल्क कूलरों, शीतकरण केन्द्रों व समितियों से जुड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि यह सेंटर आधुनिक IOT उपकरणों एवं GPS मॉनिटरिंग सिस्टम से युक्त होगा, जिससे दूध संग्रहण, परिवहन व वितरण की प्रत्येक गतिविधि पर सीधी निगरानी रखी जा सकेगी। यह ऐतिहासिक परियोजना न केवल कॉम्फेड की कार्य प्रणाली को डिजिटली रूपांतरित करेगी।
दुग्ध उत्पादकों को क्या होगा फायदा?
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादन, वितरण और निगरानी को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य योजना के अंतर्गत आइसीसीसी की स्थापना की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार किसानों के हित में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने हेतु निरंतर संकल्पित है। यह कमांड सेंटर पारदर्शिता, गुणवत्ता और दक्षता के साथ दुग्ध व्यवसाय में नई दिशा का सूत्रपात करेगा। इससे दुग्ध व्यवसाय से जुड़े लाखों किसानों को सीधा लाभ पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी।
आइसीसीसी बनने के क्या होगा लाभ?
- डाटा लॉगर की सहायता से दूध वाहनों में तापमान नियमन व गुणवत्ता मानकों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- सिस्टम में प्राप्त आंकड़ों का वास्तविक समय विश्लेषण (Real-Time Monitoring) कर निर्णय प्रक्रिया को अधिक सटीक और तेज बनाया जाएगा।
- CCTVs द्वारा परिसरों की निरंतर सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी, जिससे अनियमितता व दुर्घटनाओं की त्वरित पहचान संभव होगी।
- किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने हेतु Direct Benefit Transfer (DBT) को ICCC से एकीकृत किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता व शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी।







