संसद के मानसून सत्र का गुरुवार को चौथा दिन है। सुबह 11 बजे लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसद बिहार वोटर वेरिफिकेशन मामले पर हंगामा करने लगे। कांग्रेस सहित कई विपक्षी सांसद वेल में आकर पोस्टर लहराने लगे। स्पीकर ओम बिरला ने कहा- तख्तियां लेकर आने पर सदन नहीं चलेगा। उन्होंने कांग्रेस सांसदों से कहा- ये आपके संस्कार नहीं हैं। हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही सिर्फ 6 मिनट चल पाई। स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। हालांकि राज्यसभा में कार्यवाही जारी है।
उधर संसद के बाहर मकर द्वार पर बिहार वोटर वेरिफिकेशन मामले पर लगातार तीसरे दिन प्रदर्शन किया गया। सोनिया गांधी भी इसमें शामिल हुईं। प्रियंका गांधी ने खतरे में लोकतंत्र लिखा पोस्टर लहराया।
संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दलों के सदस्यों द्वारा बिहार में SIR और कुछ अन्य मुद्दों को लेकर हंगामे के कारण बुधवार को लगातार तीसरे दिन गतिरोध कायम रहा था। बता दें कि लोकसभा एवं राज्यसभा में बुधवार को विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही 2 बार के स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई थी। दोनों सदनों में प्रश्नकाल एवं शून्यकाल सामान्य ढंग से नहीं चल पाए थे। बता दें कि अगले सप्ताह लोकसभा एवं राज्यसभा में पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा कराये जाने के आसार हैं।
संसद में आज भी हंगामे के आसार
संसद के मानसून सत्र का आज चौथा दिन है। लोकसभा और राज्यसभा में आज भी विपक्ष के हंगामे के आसार है। विपक्षी सांसदों की मांग है कि संसद में पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर चर्चा हो। विपक्ष इन मुद्दों पर PM मोदी से जवाब देने की मांग कर रहा है। आपको बता दें कि हंगामे की वजह से पिछले तीन दिनों से संसद नहीं चल पा रही है।
प्रियंका गांधी ने सरकार पर बड़ा आरोप लगाया
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संसद में कामकाज नहीं हो पाने को लेकर सरकार पर बड़ा आरोप लगाया है। प्रियंका ने कहा कि सरकार संसद में विपक्ष को बोलने नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष तमाम मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा है, आखिर सरकार इसकी मंजूरी क्यों नहीं देती। उन्होंने कहा कि संसद के पिछले सत्र में सत्ता पक्ष में हंगामा किया था।
विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर किया प्रदर्शन
बता दें कि पिछले तीन दिनों से वोटर लिस्ट रिवीजन से लेकर ऑपरेशन सिंदूर और ट्रंप के बयान पर संसद में भारी बवाल हुआ है। आज भी संसद में हंगामे के आसार दिख रहे हैं। संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर प्रोटेस्ट किया है। बैनर और पोस्टर के साथ जमकर नारेबाजी हुई है।
संजय सिंह ने भी दिया कार्य स्थगन नोटिस
AAP सांसद संजय सिंह ने भी नियम 267 के तहत राज्यसभा में कार्य स्थगन नोटिस दिया है और बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के संवैधानिक और चुनावी निहितार्थ पर चर्चा की मांग की है।
रंजीत रंजन ने दिया कार्य स्थगन नोटिस
राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत कार्य स्थगन नोटिस दिया है, जिसमें बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के संवैधानिक और चुनावी निहितार्थ पर चर्चा की मांग की गई है।
- राज्यसभा के 5 सांसदों का कार्यकाल आज खत्म हो रहा है। इनमें एम मोहम्मद अब्दुल्ला, एन चंद्रशेखरन, एम षणमुगम, वाइको, पी विल्सन शामिल हैं। पांचों सांसदों ने सदन में विदाई भाषण दिया।
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भाजपा सांसद कंगना रनोट ने कहा, विपक्ष की कुछ जिम्मेदारियां होती हैं। देश संसद में उनके व्यवहार को देख रहा है। वे सदन में अनावश्यक हंगामा करके लोकतंत्र और संविधान का गला घोंटते हैं। वे रोज वेल में घुस जाते हैं। मंत्री रोज पूरी तैयारी से आते हैं, लेकिन वे किसी को मुद्दों पर बोलने नहीं देते।
- कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा, हमारा मानना है कि इसके खिलाफ लड़ाई अभी जारी है और यह जारी रहनी चाहिए। हमें लगता है कि चुनाव आयोग सच्चाई को जरूर स्वीकार करेगा और लोगों को वोट देने से वंचित नहीं किया जाएगा। फिलहाल, यह आंदोलन जारी रहेगा।
- RJD सांसद मनोज झा ने कहा, अगर हमारे चुनाव आयोग का व्यवहार बांग्लादेश चुनाव आयोग जैसा है, तो पार्टियों और नागरिकों के पास कोई विकल्प नहीं बचेगा। क्या वे एक भी विदेशी मतदाता का नाम बता सकते हैं, और अगर यह सरकार ऐसे इरादों से बिहारियों को बेदखल करने की योजना बना रही है, तो वे आग से खेल रहे हैं।
- आप सांसद संजय सिंह ने कहा, दिल्ली में रहने वाले पूर्वांचली और बिहारी लोगों के घर और दुकानें तोड़ी जा रही हैं। बिहार के लोगों को दिल्ली में परेशान किया जा रहा है, उन्हें बिहार में मतदाता सूची से हटाया जा रहा है, इसीलिए हम विरोध कर रहे हैं।
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शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी कहती हैं, जिस तरह से बिहार चुनाव में SIR को लाया गया है, उसने बिहार के मतदाताओं को आश्वस्त करने के बजाय कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बार-बार ऐसे दस्तावेज मांगे जा रहे हैं जिन्हें हासिल करना मुश्किल है और कई परिवारों के पास ये दस्तावेज नहीं हैं। पूरी प्रक्रिया के लिए दी गई समय-सीमा और जिन मतदाताओं के नाम काटे जाने की संभावना है, उन पर सवाल उठते हैं। हमें वाकई यह जानने की ज़रूरत है कि लोकसभा चुनाव के दौरान इन सभी मतदाताओं के साथ क्या हुआ। क्या उनका दुरुपयोग किया गया?







