पटना के पारस HMRI अस्पताल में गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या के मामले में बिहार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिहार एसटीएफ और पटना पुलिस की संयुक्त टीम ने पश्चिम बंगाल से हत्याकांड में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और उन्हें पटना लाया जाएगा। कुछ और आरोपियों के ठिकानों की जानकारी मिली है जहां छापेमारी जारी है।
गुरुवार सुबह की बात है, पटना के राजा बाजार स्थित एक निजी हॉस्पिटल में भर्ती गैंगस्टर चंदन मिश्रा पर वार्ड में घुसकर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी गईं, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इस बीच पुलिस और प्रशासन पर पर लग रहे हीलाहवाली के आरोपों में एक नया मामला जुड़ गया। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया और यह मामला काफी चर्चा में रहा। अब इस मामले में पुलिस के हाथ एक बड़ी सफलता लगी है। समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक शनिवार तड़के गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या के मामले में कोलकाता के पास न्यू टाउन से कम से कम पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कोलकाता से हुई गिरफ्तारी
पुलिस ने बताया कि पटना पुलिस और पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स(एसटीएफ) की संयुक्त छापेमारी के बाद आरोपियों को न्यू टाउन में स्थित एक आवासीय परिसर से गिरफ्तार किया गया। पटना के एक निजी अस्पताल में गुरुवार सुबह बंदूकधारियों ने हत्या के एक मामले में दोषी चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। बिहार के बक्सर जिले का निवासी चंदन मिश्रा पैरोल पर जेल से बाहर था।
फोन से हुए ट्रैक
पुलिस के एक अधिकारी ने समाचार एजेंसी भाषा को बताया, “सभी आरोपी न्यू टाउन में स्थित आवासीय परिसर में एक फ्लैट में छिपे हुए थे। इन पांच आरोपियें में से चार लोग सीधे तौर पर हत्या में शामिल हैं और घटना के बाद ये लोग पटना से भागकर कोलकाता आ गए थे।” उनके मोबाइल फोन के नेटवर्क टावर की लोकेशन से उनका पता लगाने में मदद मिली। बिहार पुलिस उन्हें एक स्थानीय अदालत में पेश कर ‘ट्रांजिट रिमांड’ का आग्रह करेगी।”
हत्या के 12 मामलों में था अपराधी
घटना का कथित सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसमें पांच हथियारबंद लोग अस्पताल ICU में घुसकर और मिश्रा पर गोलियां चलाते नजर आए। पुलिस ने बताया कि मिश्रा बेउर जेल में बंद था और पैरोल पर इलाज के लिए अस्पताल गया था। वह हत्या के 12 मामलों समेत 24 आपराधिक मामलों में शामिल था।
सुरक्षा में चूक की हो रही जांच
पटना (मध्य) की पुलिस अधीक्षक (एसपी) दीक्षा ने शुक्रवार को ‘भाषा’ को बताया था कि इस बात की जांच की जाएगी कि बिना किसी सुरक्षा जांच के अपराधी चंदन के कमरे तक कैसे पहुंचे। इससे अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठते हैं। बिना मास्क पहने पांच हथियारबंद हमलावर दूसरी मंजिल पर गए, मिश्रा पर गोलियां चलाईं और परिसर से भाग गए। अधिकारी सुरक्षा में हुई चूक में किसी मिलीभगत की जांच कर रहे हैं।
चंदन के शरीर में थी 32 गोलियां
पटना के पारस हॉस्पिटल में मारे गए कुख्यात चंदन मिश्रा का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव सोनवर्षा के करीब गंगा घाट पर किया गया. जहां इलाके के लोगों की भीड़ जमा हो गई. चंदन के पिता श्रीकांत मिश्रा (उर्फ मंटू मिश्रा) ने मुखाग्नि दी. बता दें कि 34 वर्षीय चंदन का शव पोस्टमॉर्टम के बाद गांव ले जाया गया था. तभी से इलाके के लोगों का जमावड़ा शुरू हो गया था.
घटना के बाद 4 गोलियां चलने की बात सामने आ रही थी. लेकिन चंदन पर 4 नहीं, बल्कि कुछ 36 गोलियां चलाई गई थीं. चंदन के शव के पोस्टमॉर्टम में साथ गए एक व्यक्ति ने बताया चंदन के शरीर से कुछ 32 गोलियां निकली हैं. जो कंधे से पैर के बीच मारी गई थीं. हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. पांच की संख्या में हथियार से लैस बदमाशों ने फिल्मी स्टाइल में वारदात को अंजाम दिया था. इधर हत्याकांड में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है. मुख्य शूटर तौफीस को हत्या वाले दिन ही देर शाम गिरफ्तार कर लिया गया था.
चंदन मिश्रा के पिता श्रीकांत मिश्रा (उर्फ मंटू मिश्रा) ने शास्त्रीनगर थाने में पारस अस्पताल प्रशासन और जनरल सर्जन डॉ. पिंटू कुमार सिंह के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई है, जिसमें हत्या की साजिश का गंभीर आरोप लगाया गया है. श्रीकांत मिश्रा ने अपनी शिकायत में बताया कि चंदन मिश्रा को 15 जुलाई 2025 को फिस्टुला और लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए पारस अस्पताल में भर्ती किया गया था.
उसी दिन दोपहर 1 से 3 बजे के बीच डॉ. पिंटू कुमार सिंह ने उनका ऑपरेशन किया. ऑपरेशन के बाद डॉक्टर ने कहा कि चंदन को 16 जुलाई को शाम 4 बजे डिस्चार्ज कर दिया जाएगा. हालांकि, बाद में डॉ. पिंटू ने डिस्चार्ज की तारीख बढ़ाकर 17 जुलाई कर दी. श्रीकांत का आरोप है कि 17 जुलाई की सुबह करीब 7:15 बजे पांच हथियारबंद अपराधियों ने अस्पताल के ICU वार्ड में घुसकर चंदन की गोली मारकर हत्या कर दी.







