मुख्यमंत्री सचिवालय के कैबिनेट हॉल में चल रही नीतीश कैबिनेट की अहम बैठक संपन्न हो गई है। कैबिनेट की बैठक में तमाम विभागों के मंत्री मौजूद रहे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर लगी है।
बिहार सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले राज्य के युवाओं को बड़ी सौगात देते हुए अगले पांच साल में एक करोड़ नौकरी और रोजगार देने की घोषणा की थी। अब सरकार के उस घोषणा पर कैबिनेट की मुहर लग गई है। अगले पांच वर्षों में सरकार राज्य के एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने के लक्ष्य को पूरा करेगी। आज हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने श्रम संसाधन विभाग के प्रस्ताव को अपनी स्वीकृति दे दी है।
दरअसल, बिहार में विधानसभा चुनाव सिर पर है। ऐसे में विपक्ष नौकरी और रोजगार को सरकार के खिलाफ बड़ा हथियार बनाने की फिराक में था। आगामी चुनाव में विपक्षी दल इसे मुद्दा बनाकर जनता से वोट मांगने की रणनीति बना रहे थे लेकिन ऐन वक्त पर सीएम नीतीश कुमार ने बड़ा दांव खेलते हुए विधानसभा चुनाव से पहले ऐलान कर दिया कि अगले पांच वर्षों में सरकार एक करोड़ नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराएगी।
सरकार के इस ऐलान से विपक्ष चारों खाने चीत हो गया और उसके हाथ से एक बड़ा चुनावी मुद्दा हाथ से निकल गया। खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने चुनाव से पहले बिहार के युवाओं को बड़ी सैगात देने का एलान किया था। अब सरकार ने अपने उस फैसले को धरातल पर उतारने के की पहल करते हुए 15 जुलाई को हुई कैबिनेट की बैठक में अपनी मुहर लगा दी है।
कैबिनेट से श्रम संसाधन विभाग के प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद अगले पांच साल में बिहार के एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। नई नौकरी/रोजगार सृजन के लिए सभी संभावना एवं विकल्प विचार करते हुए राज्य सरकार को परामर्श देने के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित किए जाने की स्वीकृति दे दी है।
वृद्धावस्था पेंशन
हाल ही में नीतीश सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत बड़ा कदम उठाया था. जहां वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगों की मासिक पेंशन 400 रुपये से बढ़ाकर 1,100 रुपये कर दी गई है, जो जुलाई 2025 से लागू हो चुकी है. इस योजना से 1 करोड़ 9 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हो रहे हैं. वहीं, आज की बैठक में इस योजना को और मजबूत करने या इसके दायरे को बढ़ाने पर चर्चा हो सकती है.
विपक्ष कर रहा है 1500 करने की मांग
जहां लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने या पेंशन राशि को और समायोजित करने जैसे प्रस्ताव सामने आ सकते हैं. क्योंकि विपक्ष, खासकर आरजेडी, इसे अपर्याप्त बता चुका है और 1500 रुपये की मांग कर रहा है, जिसके जवाब में सरकार नई घोषणा कर सकती है.,ऐसे में यह उम्मीद की जा रही है कि सरकार वृद्धावस्था पेंशन योजना को और मजबूत कर सकती है.
आरक्षण पर चर्चा
बिहार में आरक्षण का मुद्दा हमेशा गर्म रहा है. हाल ही में पटना उच्च न्यायालय ने 50% से 65% तक आरक्षण बढ़ाने के कानून को रद्द किया था, जिसे सरकार सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे रही है. आज की कैबिनेट बैठक में आरक्षण नीति को लेकर नया रुख या कानूनी रणनीति पर विचार हो सकता है. इसके अलावा, बिहार की मूल निवासी महिलाओं के लिए सरकारी नौकरियों में 35% आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया को और तेज करने पर जोर दिया जा सकता है. यह कदम महिला सशक्तिकरण और चुनावी रणनीति के लिए अहम हो सकता है.
जानें नए पिटारे में क्या हो सकता है?
2025 के विधानसभा चुनाव नजदीक हैं, इसलिए नीतीश सरकार जनता को लुभाने वाली योजनाओं की घोषणा कर सकती है. ऐसे में कुछ संभावित क्षेत्र हैं:
युवा और रोजगार
हाल ही में नीतीश कुमार की सरकार द्वारा बिहार युवा आयोग के गठन को मंजूरी दी गई थी, जो युवाओं को रोजगार, प्रशिक्षण और सशक्तिकरण के लिए काम करेगा. ऐसे में आज की बैठक में ‘मुख्यमंत्री-प्रतिज्ञा’ योजना के तहत कौशल विकास के लिए नई राशि या इंटर्नशिप प्रोग्राम की घोषणा हो सकती है, जैसे 12वीं पास को 4,000 रुपये और स्नातकों को 6,000 रुपये मासिक सहायता.
किसानों के लिए योजनाएं
बता दें कि पहले की बैठकों में डीजल अनुदान और कृषि रोड मैप के लिए करोड़ों रुपये मंजूर किए गए थे. आज नई फसलों को बढ़ावा देने या सिंचाई सुविधाओं के लिए और बजट स्वीकृत हो सकता है.
महिला सशक्तिकरण
पिंक बस सेवा, महिला हाट या दीदी की रसोई जैसी योजनाओं को और विस्तार मिल सकता है, क्योंकि बिहार में 3.64 करोड़ महिला मतदाता हैं.
शिक्षा और स्वास्थ्य
स्कूलों में नए हेडमास्टर के पदों की तरह शिक्षा क्षेत्र में और भर्तियां या स्वास्थ्य सेवाओं के लिए नई परियोजनाएं शुरू हो सकती हैं.
बता दें कि नीतीश कुमार की सरकार सामाजिक कल्याण और विकास पर जोर दे रही है. आज की बैठक में पेंशन और आरक्षण के अलावा रोजगार, शिक्षा, और महिला कल्याण जैसे क्षेत्रों में नई योजनाओं का “पिटारा” खुल सकता है. ये फैसले न केवल जनता को लाभ पहुंचाएंगे, बल्कि चुनावी माहौल में एनडीए को मजबूती भी दे सकते हैं. अब देखना यह है कि आज की बैठक से आम जनता को और क्या नई सौगातें मिल सकती हैं.







