पाकिस्तान सरकार एक तरफ तो अपने खर्चे को पूरा करने के लिए दुनियाभर से कर्ज मांग रही है तो दूसरी ओर कर्ज का ब्याज भरने के लिए जनता से वसूली पर उतर आई है. भीषण महंगाई, बेरोजगारी और भुखमरी से जूझ रहे पाकिस्तान की जनता सरकार के इस कदम से खुद को और भी ज्यादा असहाय महसूस कर रही है. इस मुसीबत के बीच पाक सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बड़ी बढ़ोतरी भी कर दी है.
डीजल के दाम बढ़ने की वजह से खेतों की सिंचाई और कृषि संबंधी गतिविधियों में गिरावट आएगी. माल ढुलाई भी महंगी हो सकती, जिसका सीधा असर महंगाई पर दिखेगा और लोगों के लिए खाने-पीने की चीजें भी और महंगी हो जाएंगी. इसका सबसे बड़ा कारण हाल में आईएमएफ की ओर से पाकिस्तान को दिया गया कर्ज है, जिसे देने के साथ ही पाकिस्तान पर कई शर्त भी लाद दी है. इसी शर्त के तहत पाकिस्तान को अपने ऊपर लदे कर्ज के एक तय हिस्से का भुगतान करना जरूरी हो गया है. इसी भुगतान के लिए पाक सरकार को मोटी रकम चाहिए, जो उसे अपनी जनता से ही प्राप्त होगी.लगातार बढ़ रहीं तेल की कीमतें
आईएमएफ ने खुद कहा था दाम बढ़ाओ
आईएमएफ ने पाकिस्तान को कर्ज देने के बाद सरकार को खुद तेल के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था. आईएमएफ ने कहा था कि पाकिस्तान को कैश में भुगतान करने वालों के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये लीटर बढ़ाने चाहिए और डिजिटल भुगतान वालों को 2 रुपये की छूट दी जानी चहिए. साथ ही पेट्रोल-डीजल और पेट्रोल के वाहनों पर कार्बन टैक्स लगाने का भी सुझाव दिया था. इसका सीधा मतलब है कि पाकिस्तान के लोगों के लिए ट्रांसपोर्ट के साथ खाने-पीने की चीजें खरीदना भी महंगा होगा. दूध से लेकर सब्जियां तक सब महंगे हो जाएंगे.
पाकिस्तान सरकार एक तरफ तो अपने खर्चे को पूरा करने के लिए दुनियाभर से कर्ज मांग रही है तो दूसरी ओर कर्ज का ब्याज भरने के लिए जनता से वसूली पर उतर आई है. भीषण महंगाई, बेरोजगारी और भुखमरी से जूझ रहे पाकिस्तान की जनता सरकार के इस कदम से खुद को और भी ज्यादा असहाय महसूस कर रही है. इस मुसीबत के बीच पाक सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में अचानक बड़ी बढ़ोतरी भी कर दी है.
डीजल के दाम बढ़ने की वजह से खेतों की सिंचाई और कृषि संबंधी गतिविधियों में गिरावट आएगी. माल ढुलाई भी महंगी हो सकती, जिसका सीधा असर महंगाई पर दिखेगा और लोगों के लिए खाने-पीने की चीजें भी और महंगी हो जाएंगी. इसका सबसे बड़ा कारण हाल में आईएमएफ की ओर से पाकिस्तान को दिया गया कर्ज है, जिसे देने के साथ ही पाकिस्तान पर कई शर्त भी लाद दी है. इसी शर्त के तहत पाकिस्तान को अपने ऊपर लदे कर्ज के एक तय हिस्से का भुगतान करना जरूरी हो गया है. इसी भुगतान के लिए पाक सरकार को मोटी रकम चाहिए, जो उसे अपनी जनता से ही प्राप्त होगी.लगातार बढ़ रहीं तेल की कीमतें
आईएमएफ ने खुद कहा था दाम बढ़ाओ
आईएमएफ ने पाकिस्तान को कर्ज देने के बाद सरकार को खुद तेल के दाम बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था. आईएमएफ ने कहा था कि पाकिस्तान को कैश में भुगतान करने वालों के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 2 रुपये लीटर बढ़ाने चाहिए और डिजिटल भुगतान वालों को 2 रुपये की छूट दी जानी चहिए. साथ ही पेट्रोल-डीजल और पेट्रोल के वाहनों पर कार्बन टैक्स लगाने का भी सुझाव दिया था. इसका सीधा मतलब है कि पाकिस्तान के लोगों के लिए ट्रांसपोर्ट के साथ खाने-पीने की चीजें खरीदना भी महंगा होगा. दूध से लेकर सब्जियां तक सब महंगे हो जाएंगे.







