बांग्लादेश की अन्तरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बांग्लादेश सेना ने मुहम्मद यूनुस को सीधी चेतावनी दी है। सेना ने कहा है कि या तो मुहम्मद यूनुस देश में जल्दी चुनाव कराएं और सत्ता चुनी हुई सरकार के हवाले करें या फिर अपना बोरिया बिस्तर समेट लें। असल में यूनुस सरकार ने म्यांमार की सरकार से रोहिंग्या कॉरिडोर का समझौता किया है। ये कॉरिडोर म्यांमार से रोहिंग्या शरणार्थियों को बांग्लादेश लाने में मदद करेगा। यूनुस सरकार ने एलन मस्क के सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सिस्टम स्टारलिंक को भी अनुमति दे दी है।
बांग्लादेश की सेना ने यूनुस के इन फ़ैसलों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरनाक बताया है। सेना ने कहा है कि वो म्यांमार के साथ किसी भी क़ीमत पर ये कॉरिडोर नहीं बनने देगी और न ही स्टारलिंक को बांग्लादेश में काम करने की अनुमति देगी। बांग्लादेश सेना के DGMO ने कहा कि अस्थायी सरकार को कोई समझौता करने का अधिकार नहीं है। बांग्लादेश के तमाम सियासी दल देश में जल्दी से जल्दी चुनाव कराने की मांग कर रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री बेग़म ख़ालिदा ज़िया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी ने कहा है कि एक साल बीतने के बावजूद यूनुस चुनाव का कोई रोडमैप नहीं पेश कर पाए हैं, इससे जनता का सब्र ख़त्म हो रहा है।
मुहम्मद युनूस बांग्लादेश की सेना की सहमति से ही अन्तरिम सरकार के मुखिया बने थे लेकिन अब यूनुस का इरादा बिल्कुल साफ है। जिस दिन से वो सत्ता में बैठे हैं, उसी दिन उन्होंने तय कर लिया था कि आसानी से कुर्सी नहीं छोड़ेंगे, वह चुनाव की बातें करते रहेंगे, नई-नई समयसीमा देते रहेंगे लेकिन चुनाव नहीं करवाएंगे। इसीलिए बांग्लादेश के लोगों का सब्र टूट रहा है और सेना भी मुहम्मद युनूस के खिलाफ हो गई है।







