9 मई को पाकिस्तानी गोलीबारी में घायल सीवान के जवान रामबाबू सिंह शहीद हो गए। बड़हरिया के प्रखंड के हरिहरपुर लालगढ़ पंचायत के वसीलपुर गांव रहने वाले जवान को गोली लगने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोमवार को उनका निधन हो गया।
शहीद रामबाबू का पार्थिव शरीर आज दोपहर तक सीवान पहुंचेगा। इसके बाद उनके गांव में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। इधर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रामबाबू सिंह की शहादत पर शोक जताया। उनके आश्रित को 50 लाख रुपए देने को कहा है। बुधवार को सुबह 10:00 बजे एयर इंडिया से शहीद का पार्थिव शरीर पटना आएगा। रामबाबू की सेना में बहाली 2017 में हुई थी। ट्रेनिंग के बाद पहली पोस्टिंग जम्मू में ही हुई थी।
चाचा ने बताया कि रामबाबू बचपन से ही मेहनती था और उसकी सेना में जाने की इच्छा थी। इसलिए वह पहले से ही तैयारी करता था। बारिश होने पर भी वह अपनी तैयारी नहीं छोड़ता था। उसे देश के प्रति जज्बा था। वह सेना में जाकर देश के लिए सेवा करना चाहता था और देश की सेवा करते शहीद हो गया। इधर एसडीओ सुनील कुमार गांव पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। शहीद जवान रामबाबू कुमार सिवान जिला के बड़हरिया प्रखंड के हरिहरपुर पंचायत के वसिलपुर गांव के निवासी हैं।
आज दी जाएगी अंतिम विदाई
रामबाबू की शादी पांच माह पहले ही 10 दिसंबर 2024 को हुई थी। पत्नी अंजली कुमारी गर्भवती हैं। रामबाबू होली के बाद ड्यूटी पर गए थे। पत्नी को जब शहादत की खबर मिली तब वे अपनी मायके धनबाद में थीं। खबर मिलते ही वह मंगलवार की सुबह घर आईं। शहीद का पार्थिव शरीर तिरंगे में लिपटा हुआ उनके गांव लौटेगा। परिजनों के अनुसार, रामबाबू की पत्नी पूरी तरह टूट चुकी हैं, लेकिन पति की बहादुरी और देशभक्ति पर गर्व भी है।
सारण: शहीद के गांव पहुंचे मुख्यमंत्री, परिवार को 50 लाख का चेक सौंपा…
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार को शहीद मोहम्मद इम्तियाज के गांव गड़खा प्रखंड के नारायणपुर पहुंचे। वहां उन्होंने बीएसएफ के शहीद एसआई को श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री ने शहीद के पिता मोहम्मद इस्मान रजा व परिजनों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने 50 लाख रुपए की सम्मान राशि का चेक परिजनों को सौंपा।
कहा कि शहीद के पुत्र को सरकारी नौकरी देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विंद्तामनगंज पुल से रहमतपुर बाजार तक दो किलोमीटर लंबी ग्रामीण सड़क का नाम शहीद के नाम पर रखा जाएगा। जलाल-बरसों पंचायत में शहीद द्वार बनेगा। नारायणपुर गांव में स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना होगी। शहीद स्मारक भी बनाया जाएगा।
पटना से सीवान के लिए रवाना
पाकिस्तान के हमले में शहीद सीवान के आर्मी जवान रामबाबू प्रसाद (28) का पार्थिव शरीर पटना से सीवान के लिए रवाना हो गया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उन्हें पटना एयरपोर्ट पर श्रद्धांजलि दी।
परिवार ने बताया कि 12 मई को पाकिस्तानी ड्रोन अटैक में वे घायल हो गए थे। अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी सोमवार-मंगलवार रात 1 बजे मौत हो गई। वे जम्मू-कश्मीर बॉर्डर पर तैनात थे।
रामबाबू प्रसाद गौतम बुद्ध नगर थाना क्षेत्र के वसिलपुर गांव के रहने वाले थे। उनके पिता बड़हरिया प्रखण्ड के हरिहरपुर पंचायत के पूर्व उप मुखिया स्वर्गीय रामविचार सिंह रहे हैं। 14 दिसबंर 2024 को उनकी शादी हुई थी।
अप्रैल में रामबाबू सीवान से जम्मू लौटे थे। उनका ट्रांसफर उदयपुर हो गया था, लेकिन पहलगाम अटैक के बाद उन्हें रोक लिया गया था। रामबाबू पाकिस्तान के हमले नाकाम करने वाले S-400 एयर डिफेंस सिस्टम में तैनात थे।
शहीद रामबाबू के पार्थिव शरीर गांव पहुंचने से पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उनके भाई अखिलेश सिंह से वीडियो कॉल पर बात की। उन्होंने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और ढांढस बंधाया।
तेजस्वी ने कहा, ‘रामबाबू सिंह पर बिहार ही नहीं देश को गर्व है। उन्होंने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। हम सब आपके साथ हैं। हिम्मत रखें, पूरा बिहार और देश आपके साथ खड़ा है।’







