पाकिस्तान की गोलीबारी में बिहार के लाल ने देश की रक्षा में अपना बलिदान दिया है. गड़खा प्रखंड के जलाल बसंत पंचायत के नारायणपुर गांव निवासी बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज शनिवार की शाम जम्मू के आरएस पुरा में पाकिस्तान के साथ क्रॉस बॉर्डर फायरिंग में शहीद हो गए. यह घटना पाकिस्तान की धोखेबाजी के कारण हुआ. बताया जा रहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर समझौते के मात्र तीन घंटे बाद पाकिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर फिर से फायरिंग शुरू कर दी. इस दौरान बीएसएफ के आउटपोस्ट का नेतृत्व कर रहे इम्तियाज ने अदम्य साहस दिखाते हुए अपने साथी जवानों को बचाने के लिए प्राणों की आहुति दे दी. बीएसएफ ने कहा, हम शहीद मोहम्मद इम्तियाज के सर्वोच्च बलिदान को सलाम करते हैं. इधर उनके शहीद होने की खबर से नारायणपुर गांव में शोक की लहर छा गई है.
बता दें कि शनिवार देर रात को जैसे ही इस बात की दुखद सूचना मिली बात जंगल में आज की तरह फैल गई. सोशल मीडिया पर लोग उनकी बहादुरी से दुश्मनों से लोहा मानवता हुए शहीद होने की चर्चा कर रहे हैं. जानकारी के अनुसार, रविवार को जम्मू के फ्रंटियर हेडक्वार्टर, पलौरा में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनकी शहादत को श्रद्धांजलि देने के बाद उनका पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा जाएगा. संभवतः रविवार शाम तक उनके गांव नारायणपुर पहुंचेगा. बीएसएफ के डीजी और सभी रैंकों ने उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है.
नेकदिल और बेहद मिलनसार थे मो. इम्तियाज
शहीद इम्तियाज के दो पुत्र और दो पुत्रियां हैं. एक पुत्र मोहम्मद इमरान बायोमेडिकल से इंजीनियरिंग कर पटना पीएमसीएच में कार्यरत हैं मौत की सूचना मिलने के बाद पुत्र इमरान जम्मू के लिए रवाना हो गए.उनकी पत्नी बीमार हैं और उन्हें अभी इस दुखद समाचार की जानकारी नहीं दी गई है.ग्रामीणों ने बताया कि मोहम्मद इम्तियाज काफी नेक दिल और मिलनसार व्यक्ति थे. एक महीने पहले ही ईद के लगभग घर आए थे. गांव में सुबह-सुबह मॉर्निंग वॉक करते थे और गांव के सभी लोगों से मिलते-जुलते थे. गांववालों ने उनकी बहादुरी को सलाम करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई है.
12 दिन में 4 जवान शहीद, 60 घायल
22 अप्रैल से 10 मई तक पाकिस्तान की गोलीबारी में 4 जवान शहीद हो चुके हैं। 60 जवान पाकिस्तानी हमलों में घायल भी हुए हैं। वहीं, 17 नागरिकों की भी मौत हो चुकी है और 60 से ज्यादा लोग घायल हैं।
इनके अलावा राजौरी के अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त (ADDC) डॉ. राज कुमार थापा भी पाकिस्तानी गोलाबारी में घायल हुए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
BSF जम्मू ने X पर लिखा- सर्वोच्च बलिदान को सलाम
जम्मू सीमा सुरक्षा बल के अपने ऑफिशियल X अकाउंट पर लिखा है-
हम 10 मई 2025 को आर एस पुरा क्षेत्र, जिला जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर क्रॉस बॉर्डर फायरिंग के दौरान देश की सेवा में BSF के बहादुर सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान को सलाम करते हैं।
BSF सीमा चौकी का नेतृत्व करते हुए, सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज ने आगे बढ़कर वीरतापूर्वक नेतृत्व किया। DG BSF और सभी रैंक उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। कल फ्रंटियर मुख्यालय जम्मू, पलौरा में पूरे सम्मान के साथ पुष्पांजलि समारोह आयोजित किया जाएगा।
पाकिस्तान के हवाई हमले और आखिर में सीजफायर
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकियों ने धर्म पूछकर 26 टूरिस्ट की हत्या कर दी थी। महिलाओं और बच्चों के सामने पुरुषों को सिर और सीने में गोली मारी थी। महिलाओं से कहा था- तुम्हें इसलिए छोड़ रहे हैं कि जाकर मोदी को बता देना।
घटना के दौरान प्रधानमंत्री मोदी सऊदी अरब में थे। वे दौरा बीच में ही छोड़कर देश लौटे और कैबिनेट की मीटिंग बुलाई। 24 अप्रैल को उन्होंने कहा- आतंकियों को कल्पना से भी बड़ी सजा मिलेगी। इसके बाद सेना के अफसरों से मिले और कहा- सेना कार्रवाई के लिए जगह और समय तय करे।
पहलगाम घटना के 15 दिन बाद सेना ने पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। 25 मिनट में 9 आतंकी ठिकाने तबाह कर दिए थे। 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया। यहीं आतंकियों को ट्रेनिंग दी जाती थी। भारत ने इसे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम दिया। क्योंकि आतंकियों ने देश की बहन-बेटियों का सुहाग उजाड़ा था।
इसके बाद पाकिस्तान ने 8 मई की रात से लगातार बॉर्डर से सटे इलाके और एयरबेस पर गोलाबारी शुरू कर दी। भारत ने भी जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी के सैन्य ठिकानों पर हमला किया। लेकिन 10 मई को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मध्यस्थता के बाद दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम की घोषणा की गई।







