मशहूर शायर जावेद अख़्तर ने कहा है कि अब पाकिस्तान को घर में घुसकर ही मारना चाहिए। पहलगाम में पाकिस्तानी दहशतगर्दों ने जो कत्लेआम मचाया, उसके बाद पाकिस्तान के साथ किसी तरह के रहम की गुंजाइश नहीं रह गई है। जावेद अख़्तर ने कहा कि जनरल आसिम मुनीर तो पागल है, वो पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं के जज्बात की भी कद्र नहीं करता। ऐसे शख़्स के साथ कोई मुरव्वत, कोई रहम नहीं होना चाहिए। जावेद अख़्तर ने कहा कि पाकिस्तान को भारत ने कई बार जंग में हराया है लेकिन ये सबक़ पाकिस्तान भूल गया है। इसलिए, अब वक़्त आ गया है जब पाकिस्तान को ऐसा पाठ पढ़ाया जाए कि वो हमेशा याद रखे। कल जुमे के दिन श्रीनगर से लेकर दिल्ली तक, मुंबई से लेकर कोलकाता तक, अहमदाबाद से लेकर हैदराबाद तक की मस्जिदों में नमाज के बाद पहलगाम हमले के विरोध में मुस्लिम भाइयों ने जबरदस्त प्रोटेस्ट किए, पाकिस्तान को नेस्तनाबूद करने की मांग की। श्रीनगर की जामा मस्जिद में जुमे की नमाज़ के बाद हुई तकरीर में हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन मीरवाइज़ उमर फारुख फूट फूट कर रोने लगे। मीरवाइज ने कहा कि पहलगाम का खौफनाक हमला इंसानियत पर धब्बा है, इस्लाम के नाम पर किया गया गुनाह है। जनरल आसिम मुनीर की कोशिश थी कि भारत में हिंदू और मुसलमान के बीच टकराव हो। पहलगाम में जिस तरह दहशतगर्दों ने नाम पूछकर निर्दोष लोगों को गोली मारी, वो इसीलिए था कि हिंदुओं को और मुसलमानों को आपस में लड़वाया जाए, कलमा पढ़ने को कहा और जो नहीं पढ़ पाए उसे मार दिया और ये बात दुनिया तक पहुंचे इसके लिए महिलाओं को छोड़ दिया। सब कुछ एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया लेकिन भारत के हिंदुओं और मुसलमानों ने दिखा दिया कि पाकिस्तान की साजिश कामयाब नहीं हो पाई। जिस तरह से मस्जिदों से आवाज उठी, जिस अंदाज़ में उमर अब्दुल्ला, असदुद्दीन ओवैसी और उमर फारूक जैसे नेताओं ने स्टैंड लिया, उसका पैग़ाम पूरी दुनिया को गया है और ये इस लड़ाई में भारत की पहली जीत है।
संसद सत्र के एजेंडे से गायब क्यों है ‘परिसीमन बिल’ !
मोदी सरकार ने 20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र का एजेंडा बता दिया। कुल 7 विधेयकों...







