ADVERTISEMENT
Thursday, July 16, 2026
No Result
View All Result
  • Login
  • Register
No Result
View All Result
UB INDIA NEWS
No Result
View All Result

भारतीय महाद्वीप के दो हिस्सों में बंटने की आशंका, क्या भूकंप के ‘टाइम बम’ पर बैठा है भारत !

UB India News by UB India News
April 13, 2025
in दुर्घटना
0
भारतीय महाद्वीप के दो हिस्सों में बंटने की आशंका, क्या भूकंप के ‘टाइम बम’ पर बैठा है भारत !
  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link

फर्ज कीजिए, एक विशाल जमीन का टुकड़ा, जो पिछले लाखों सालों से स्थिर है, वो अचानक अंदर से टूटने लगे। ये कोई साइंस फिक्शन कहानी नहीं है, बल्कि भारत के भूगर्भीय भविष्य को लेकर की गई एक गंभीर चेतावनी है। हाल ही में भूवैज्ञानिकों ने संकेत दिए हैं कि भारतीय प्लेट दो हिस्सों में विभाजित हो रही है, जिससे हिमालय क्षेत्र में बड़े भूगर्भीय परिवर्तन हो सकते हैं। हाल ही में की गई स्टडी से पता चला है कि भारतीय प्लेट दो भागों में विभाजित हो रही है, जो इस क्षेत्र के भूवैज्ञानिक स्थिति को हमेशा के लिए एक नया आकार दे सकती है। अमेरिकन जियोफिजिकल यूनियन में प्रकाशित एक लेख में इस अभूतपूर्व खोज को लेकर जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया है कि इस भूभाग में प्लेट अलग हो रही है और पृथ्वी के मेंटल में डूब रही है। इस स्टडी रिपोर्ट में भारतीय महाद्वीप में आने वाले भूकंप और खतरों को लेकर कई अहम जानकारियां दी गई हैं।

इसी साल 28 मार्च को म्यांमार में 7.7 की तीव्रता का भूकंप आया, जिसमें अबतक कम से कम 2,719 लोग मारे गए हैं। भूकंप से म्यांमार के पड़ोसी थाईलैंड में भी 17 लोगों की मौत हो गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार, म्यांमांर में आए भूकंप से निकली ऊर्जा 300 से ज़्यादा परमाणु बमों के बराबर थी। इस भूकंप से इनवा ब्रिज ढह गया, कई बड़ी बड़ी इमारतें जमींदोज हो गईं और कई परिवार ज़िंदा दफ़न हो गए। विशेषज्ञों के मुताबिक यह भूकंप सागाइंग लाइन के साथ एक स्ट्राइक-स्लिप फॉल्ट के कारण आया था, जो पृथ्वी के बदलते प्रकोप की एक क्रूर याद दिलाता है। म्यांमार के बाद जापान ने भी चेतावनी दी है कि वहां जल्द ही एक बहुत बड़ा भूकंप आ सकता है, लेकिन यह खतरा सिर्फ म्यांमार या जापान तक ही सीमित नहीं है।

RELATED POSTS

बिहार के 24 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट ,नेपाल में बारिश से वाल्मीकिनगर बैराज से 2.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया

भारतीय नाविक की मौत के बाद एक्शन में भारत सरकार, ईरानी दूतावास को कर दिया तलब

डेंजर जोन में हैं भारत के पूर्वोत्तर राज्य

विशेषज्ञों का कहना है कि इन देशों के साथ ही भारत में भी भूकंप के गंभीर खतरा मंडरा रहा है। सवाल यह नहीं है कि क्या ऐसी आपदा भारत में भी आएगी – बल्कि यह है कि कब आएगी। दशकों से, वैज्ञानिक चेतावनी दे रहे हैं कि भारत में 8 या उससे ज्यादा की तीव्रता का भूकंप आ सकता है जो उत्तरी भारत को तहस-नहस कर सकता है। इसके संकेत पहले से ही मिल रहे हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक आने वाले तेज भूकंप के झटके बड़ी तबाही ला सकते हैं।

वैज्ञानिक ने दी है बड़ी चेतावनी

प्रमुख अमेरिकी भूभौतिकीविद् रोजर बिलहम ने बताया कि, “भारत हर शताब्दी में तिब्बत के दक्षिणी किनारे से 2 मीटर नीचे खिसक जाता है। दुर्भाग्य से, इसका उत्तरी किनारा आसानी से खिसकता नहीं है, बल्कि सैकड़ों वर्षों तक (घर्षण द्वारा) लटका रहता है और जब यह घर्षण दूर हो जाता है, तो कुछ ही मिनटों में वापस आ जाता है। फिसलन की घटनाएं, जिन्हें हम भूकंप कहते हैं, इसी गति का परिणाम हैं। हर कुछ सौ वर्षों में हिमालय पर आठ की तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। लेकिन पिछले 70 वर्षों से इतना बड़ा भूकंप नहीं आया है तो ऐसा हो सकता है कि आने वाले दिनों में बड़ा भूकंप आ सकता है।“

बता दें कि भारत का आधे से ज़्यादा हिस्सा यानी लगभग 59% हिस्सा भूकंप के प्रति संवेदनशील है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और पूरा पूर्वोत्तर राज्य भूकंप के डेंजर जोन में हैं और यह सिर्फ़ दूरदराज के शहरों तक ही सीमित नहीं है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहर भी  खतरनाक फॉल्ट लाइनों पर बने हैं, जिसमें से दिल्ली भूकंपीय क्षेत्र IV में आती है। इसके नीचे दिल्ली-हरिद्वार रिज है – जो अरावली पर्वतों का विस्तार है। ऐसे में अगर दिन के समय कोई बड़ा भूकंप आता है, तो काफी लोगों की जान जाने का खतरा है।

हमने पहले आए भूकंप से सबक नहीं लिया

भारत में, इमारतें अक्सर भूकंप से ज़्यादा जानलेवा हो सकती हैं। भूकंप-रोधी निर्माण नियम को अक्सर अनदेखा किया जाता है। बिल्डिंग्स के अलावा अस्पताल, स्कूल, बिजली संयंत्र, जैसी जगहों को भी भूकंप से बचने के लिए डिज़ाइन नहीं किया गया है। जब धरती हिलती है, तो सबसे पहले बड़ी इमारतें ही गिरती हैं। 2001 में भुज में आए भूकंप से गुजरात को लगभग 10 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था। 2015 में नेपाल में आए भूकंप ने उत्तर भारत के कई हिस्सों को तबाह कर दिया था, जिससे 7 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ था। फिर भी इससे सबक नहीं लिया गया है।

जापान और चिली ने भूकंप से बचने के उपाय किए हैं
वहीं, भारत के विपरीत, जापान और चिली जैसे देश जो अक्सर भूकंप के खतरों का सामना करते हैं, उन्होंने सख्त बिल्डिंग कोड लागू किए हैं। उन्होंने त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की है और भूकंप से बचाव के लिए सामुदायिक तैयारियों में निवेश किया है। वहां बड़े भूकंप आते हैं, लेकिन वे इससे निपट लेते हैं। वहीं, भारत ने अबतक ऐसी कोई तैयारी नहीं की है। भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के पास भूकंप-रोधी कोड हैं – लेकिन अक्सर उनकी अनदेखी की जाती है। भूकंप रोधी कोडों का उल्लंघन करने वाले बिल्डरों के खिलाफ सख्त कानूनी एक्शन लिया जाना चाहिए। इसके साथ ही लोगों को भूकंप से बचाव के लिए तैयार करना चाहिए।

भारत में कई पुरानी इमारतें हैं जो भूकंप के लिहाज से काफी खतरनाक हैं। उन्हें फिर से तैयार करना बहुत ज़रूरी है। पुलों और सार्वजनिक इमारतों जैसे बुनियादी ढांचे को भी पहले से ही मज़बूत किया जाना चाहिए, भूकंप आने के बाद नहीं। हमें शहरों में लोगों के सुरक्षित रूप से बाहर निकलने के लिए निर्दिष्ट खुली जगहों की भी ज़रूरत है। स्कूलों में बच्चों को भूकंप से सुरक्षा के बारे में सिखाना चाहिए। कार्यालयों और अपार्टमेंट में भूकंप से बचाव के लिए नियमित अभ्यास होना चाहिए। हर घर में भूकंप से बचने के लिए आपातकालीन चीजें होनी चाहिए।

आने वाला भूकंप इतना खतरनाक क्यों है?

वैज्ञानिकों के मुताबिक जब हिमालय में भूकंप आएगा, तो वह समुद्र में नहीं, बल्कि ज़मीन पर आएगा, जो इस बात को और भी घातक बनाती है। भूकंप हमें कितना नुकसान पहुंचाएगा इसका आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते। बिलहम ने चेतावनी दी है,  “भविष्य में आने वाला एक बड़ा हिमालयी भूकंप (8.2 और 8.9 के बीच की तीव्रता वाला होगा) अभूतपूर्व होगा, क्योंकि हिमालय दुनिया में एकमात्र ऐसा स्थान है, जहां ज़मीन पर इतना बड़ा भूकंप आ सकता है, जिससे लगभग 300 मिलियन लोग लंबे समय तक हिंसक झटकों के संपर्क में रहेंगे।”

भूकंप का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए

तटीय सुनामी के विपरीत, इस तरह का ज़मीनी भूकंप भारत की आबादी और आर्थिक केंद्रों पर हमला करेगा। इससे होने वाली क्षति भयावह हो सकती है। इसका उदाहरण म्यांमार में हुई त्रासदी है जो भारत के लिए एक बड़ी चेतावनी है। भारत के पास तैयारी करने के लिए विज्ञान, विशेषज्ञता और इंजीनियरिंग का ज्ञान है। लेकिन जो कमी है, वह है कार्रवाई करने की इच्छाशक्ति। अगला बड़ा भूकंप आना ही है। लेकिन बड़े पैमाने पर हताहतों की संख्या कितनी होगी कहा नहीं जा सकता है। इसीलिए भूकंप से मुकाबला करने के लिए, उससे बचाव के लिए अब तैयार होने का समय आ गया है।

पृथ्वी के गर्भ में छिपा ये खतरा कैसा है?
आपको बता दें कि डेलैमिनेशन एक भूगर्भीय प्रक्रिया है जिसमें टेक्टोनिक प्लेट का निचला हिस्सा अलग होकर मेंटल में समा जाता है। यह प्रक्रिया प्लेट की स्थिरता को प्रभावित कर सकती है और क्षेत्र में भूकंप की संभावना बढ़ा सकती है। यूट्रेक्ट यूनिवर्सिटी के भूगर्भशास्त्री डौवे वैन हिंसबर्गेन ने कहा है कि “हमें नहीं पता था कि महाद्वीप इस तरह से व्यवहार कर सकते हैं, और यह ठोस पृथ्वी विज्ञान के लिए बहुत ही मौलिक है।” उन्होंने कहा कि “यह खोज इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह बताती है कि न सिर्फ प्लेट की सतह पर अलग-अलग मोटाई और विशेषताएं हैं, बल्कि टेक्टोनिक शिफ्ट को ऑपरेट करने वाली अंदरूनी प्रक्रियाएँ पहले से समझी गई तुलना में कहीं ज्यादा जल्दी से बदल रही हैं और इसे समझना काफी ज्यादा मुश्किल है।”

स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के भूभौतिकीविद् साइमन क्लेम्परर ने कहा कि “हिमालय टकराव क्षेत्र जैसे हाई कंप्रेशन वाले क्षेत्रों में टेक्टोनिक प्लेटें अक्सर कई दरारें दिखाती हैं। ये दरारें पृथ्वी की पपड़ी में तनाव निर्माण को प्रभावित कर सकती हैं, जिससे भूकंप का जोखिम बढ़ जाता है।” आपको बता दें कि हिमालय क्षेत्र पहले से ही भूकंपीय गतिविधियों के लिए जाना जाता है। डेलैमिनेशन की प्रक्रिया इस क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकती है, जिससे ज्यादा तीव्र और बार-बार भूकंप आ सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रक्रिया तिब्बती पठार में गहराई से दरारें उत्पन्न कर सकती है। हालांकि यह खोज काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि यह अभी सिर्फ एक प्रारंभिक संकेत है। अभी और शोध की आवश्यकता है ताकि इस प्रक्रिया के लंबे समय तक पड़ने वाले प्रभावों को पूरी तरह समझा जा सके। भूगर्भीय परिवर्तन धीरे-धीरे होते हैं, और उनके प्रभावों को समझने के लिए समय और डेटा दोनों की जरूरत होती है।

  • Facebook
  • X
  • WhatsApp
  • Telegram
  • Email
  • Print
  • Copy Link
UB India News

UB India News

Related Posts

बिहार के 24 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट ,नेपाल में बारिश से वाल्मीकिनगर बैराज से 2.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया

बिहार के 24 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट ,नेपाल में बारिश से वाल्मीकिनगर बैराज से 2.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया

by UB India News
July 16, 2026
0

बिहार के साथ ही नेपाल में हो रही बारिश के कारण बिहार की कई नदियां उफान पर हैं। कोसी, गंडक,...

भारतीय नाविक की मौत के बाद एक्शन में भारत सरकार, ईरानी दूतावास को कर दिया तलब

भारतीय नाविक की मौत के बाद एक्शन में भारत सरकार, ईरानी दूतावास को कर दिया तलब

by UB India News
July 15, 2026
0

होर्मुज में UAE के शिपिंग टैंकरों पर हुए ईरानी हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई और...

दिल्ली-एनसीआर में सभी जगह भरा पानी ,गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम की सलाह

दिल्ली-एनसीआर में सभी जगह भरा पानी ,गुरुग्राम में वर्क फ्रॉम होम की सलाह

by UB India News
July 10, 2026
0

दिल्ली-NCR में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है. गुरुवार तड़के हुई बारिश से राष्ट्रीय राजधानी के कई...

वायनाड क्यों बन गया ‘कब्रिस्तान’?

वायनाड क्यों बन गया ‘कब्रिस्तान’?

by UB India News
July 7, 2026
0

7 जुलाई 2026 सुबह... केरल के वायनाड जिले के मेप्पाडी के पास कल्लाडी में मीनाक्षी ब्रिज के नजदीक अचानक धरती...

मुंबई की जानलेवा बारिश ,बरसात ने बरपाया कहर ,हादसों में आठ की मौत……………………

मुंबई की जानलेवा बारिश ,बरसात ने बरपाया कहर ,हादसों में आठ की मौत……………………

by UB India News
July 7, 2026
0

मुंबई में जारी भीषण बारिश कहर बरपा रही है। मुंबई में रविवार को हुई भारी बारिश के बीच मानखुर्द इलाके...

Next Post
वफ्फ बिल पर JDU के स्टैंड से नाराज हुए पार्टी के मुस्लिम नेता!

वफ्फ बिल पर JDU के स्टैंड से नाराज हुए पार्टी के मुस्लिम नेता!

बिहार में वक्फ संशोधन बिल पर अलर्ट जारी, कानून तोड़ने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

  • front
  • Home
Contect Us - ubindianews@gmail.com

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password? Sign Up

Create New Account!

Fill the forms below to register

All fields are required. Log In

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In
No Result
View All Result
  • front
  • Home

© 2020 ubindianews.com - All Rights Reserved ||

Send this to a friend