एक तरफ जहां वफ्फ संशोधन बिल लोकसभा और राज्यसभा में पास हो गया. वहीं दूसरी ओर इस पर सियासत भी तेज हो रही है. वफ्फ संशोधन बिल पर पार्टी के स्टैंड से नाराज होकर जदयू के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मोहम्मद शहनवाज मलिक ने दल की प्राथमिक सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से इस्तीफा दे दिया है. शहनवाज मलिक ने अपने इस्तीफे को सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो और पत्र के जरिए जारी किया है. इसके साथ ही पूर्वी चंपारण के जेडीयू चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष होने के दावा करने वाले मोहम्मद कासिम अंसारी ने भी जेडीयू छोड़ने का ऐलान किया है. ऐसे में वक्फ बिल पर जेडीयू के समर्थन से नाराज मुस्लिम नेताओं ने नीतीश कुमार के प्रति साफ तौर पर अपनी नाराजगी जाहिर की है.
जमुई जिले के आढ़ा निवासी शहनवाज मलिक ने अपने इस्तीफे का पत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को लिखा है, जिसमें जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ अंसारी का भी जिक्र किया है. शहनवाज मलिक ने अपने इस्तीफे के पत्र में बताया है कि उनके जैसे लाखों-करोड़ों भारतीय मुसलमानों का अटूट विश्वास था कि जेडीयू विशुद्ध रूप से सेक्युलर विचारधारा का ध्वजवाहक है, लेकिन उनका यह विश्वास टूट गया है.
शहनवाज मलिक का कहना है कि वफ्फ बिल संशोधन अधिनियम 2024 को लेकर जेडीयू के स्टैंड से उनके जैसे लाखों-करोड़ों समर्पित भारतीय मुसलमान और कार्यकर्ताओं को गहरा आघात लगा है. लोकसभा में सांसद ललन सिंह ने जिस तेवर और अंदाज में इस बिल का समर्थन किया है, उससे वे काफी आहत हैं. वफ्फ बिल भारतीय मुसलमानों के विरुद्ध है और वे इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं कर सकते. यह बिल संविधान के कई मौलिक अधिकारों का हनन करता है और भारतीय मुसलमानों को अपमानित करता है. साथ ही यह बिल पसमांदा विरोधी भी है, जिसका एहसास पार्टी को नहीं है. उन्हें अफसोस है कि उन्होंने अपनी जिंदगी के कई वर्ष इस पार्टी को दिए हैं और अब वे स्वेच्छा से पार्टी की प्राथमिक सदस्यता और सभी जिम्मेदारियों से त्यागपत्र दे रहे हैं.
JDU की प्रतिक्रिया
जब इस इस्तीफे को लेकर जदयू के जिला अध्यक्ष शैलेंद्र महतो से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि शहनवाज मलिक का पार्टी से कोई लेना-देना नहीं है. जदयू ने उन्हें 6 महीने पहले ही निष्कासित कर दिया था. वहीं जेडीयू चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष होने के दावा करने वाले मोहम्मद कासिम अंसारी पर जेडीयू ने इनके पार्टी से जुड़े होने की बात से इनकार कर दिया.






