प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार सार्वजनिक रूप से नये वक्फ कानून की अहमियत बताई, कहा कि कैसे पुराने वक्फ कानून का भू-माफिया बेजा इस्तेमाल करते थे और वक्फ की जायदाद को हड़प लेते थे। मोदी ने कहा कि नये कानून से गरीब मुसलमानों को वक्फ की जायदाद से फायदा पहुंचेगा। मोदी ने अपनी नीति भी साफ कर दी, नीयत भी बता दी, पुराने कानून में क्या खामियां थी, उससे क्या परेशानियां पैदा हो रही थी और नए कानून से आम मुसलमानों को कैसे फायदा होगा, ये सब बता दिया लेकिन विरोधी दलों के नेता वक्फ कानून को मोदी के खिलाफ राजनीतिक हथियार बना रहे हैं, नया कानून दिखा कर मुसलमानों को डरा रहे हैं। ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल के मुसलमानों को वक्फ एक्ट से डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस कानून को वह बंगाल में लागू नहीं होने देंगी। ममता ने कहा कि मोदी सरकार अंग्रेजों की ‘बांटो और राज करो’ की नीति पर चल रही है और ये सब हिन्दू मुस्लिम वोटों के ध्रुवीकरण के लिए हो रहा है। ममता के भाषणों का असर बंगाल में दिख रहा है। पूरे देश में सिर्फ बंगाल ही अकेला राज्य है जहां वक्फ कानून के विरोध के दौरान आगजनी और हिंसा हुई है। मुर्शिदाबाद में जबरदस्त हिंसा हुई, पुलिस पर हमला हुआ था, उसके बाद अब मुर्शिदाबाद में इंटरनेट बंद है। मुस्लिम मौलाना भीड़ के सामने बंगलादेश की मिसाल देते हुए आपत्तिजनक बयान दे रहे हैं। मोदी की ये बात सही है कि वक्फ की प्रॉपर्टी की बड़े पैमाने पर लूट हो रही थी। इसे पिछली सरकारों और लालू यादव जैसे नेताओं ने भी माना है। मोदी की ये बात भी सही है कि वक्फ पर नया कानून इस्लाम के आदर्शों के मुताबिक है, गरीब मुसलमानों की भलाई के लिए हैं लेकिन मुस्लिम वोटों के ठेकेदार न तो ये सुनना चाहते हैं, न समझना चाहते हैं। वक्फ के कानून में बदलाव को लेकर मुसलमानों की बेचैनी उनको सूट करती है। वो तो चाहते हैं कि मुसलमान ये मान लें कि नए कानून का इस्तेमाल करके सरकार मस्जिदों, ईदगाहों और कब्रिस्तानों पर कब्जा करना चाहती है। ममता बनर्जी जैसे नेता तो मुसलमानों को ये समझा रहे हैं कि वक्फ के नए कानून का इस्तेमाल उनकी प्रॉपर्टी छीनने के लिए किया जाएगा जबकि वक्फ के कानून में बदलाव का प्राइवेट प्रॉपर्टी से कोई लेना देना नहीं है। इसीलिए इस आरोप में कोई दम नहीं है। मसला है मुसलमानों में सरकार के प्रति अविश्वास की कमी का, मोदी के विरोधी इस अविश्वास की आग में घी डालने का काम करते हैं ताकि उनकी ठेकेदारी बनी रहे। इसीलिए आवश्यकता है मोदी और मुसलमान के बीच अविश्वास की खाई को कम करने की। सब का साथ, सब का विश्वास पर मुसलमानों के साथ डायलॉग शुरू करने की। उनका विश्वास जीतने का प्रयास करने की।
श्रावणी मेला में कांवरियों को सभी आवश्यक सुविधाएं मिलेंगी………….
पर्यटन सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को मुख्य सचिवालय स्थित पर्यटन विभाग कार्यालय में 30 जुलाई-28 अगस्त के...







