बजट सत्र के दूसरे चरण के सातवां दिन काफी अहम रहने वाला है। गुरुवार को पांच मंत्रालय अपनी सालाना संसद में रिपोर्ट पेश करेंगे। इसमें पेट्रोलियम, सड़क परिवहन और उड्डयन मंत्रालय शामिल है। इसके अलावा चार अन्य मंत्रालयों पर स्थायी समितियां अपनी रिपोर्ट रखेंगी। इससे पहले आज लोकसभा शुरू होने के साथ ही सदन में विपक्ष का जोरदार हंगामा देखने को मिला।
लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन में हंगामा हो गया। अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदन में मर्यादा कायम करना उनका काम है। इसके बाद भी हंगामा नहीं थमा तो कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन की कार्यवाही शुरू होने पर बिरला ने विपक्षी सदस्यों से कहा, ‘सदन मर्यादा और गरिमा से चलता है। मैं कुछ दिनों से देख रहा हूं कि सदस्य गण सदन की गरिमा को भंग कर रहे हैं और सदन की नियम- प्रक्रियाओं का पालन नहीं कर रहे हैं।’
…तो सदन की कार्यवाही नहीं चलेगी’
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा,‘नियम संख्या 349 आपको पढ़ना चाहिए। इसमें सदन की प्रतिष्ठा बनाये रखने के लिए कैसा व्यवहार किया जाना चाहिए और कैसा आचरण होना चाहिए, उस बारे में लिखा हुआ है।’ बिरला ने विपक्षी सदस्यों को आगाह करते हुए कहा,‘अगर आप टी-शर्ट पहन कर यहां (सदन में) आएंगे, नारे लगाते आएंगे, नारे लिखकर आएंगे तो सदन की कार्यवाही नहीं चलेगी। अगर आप टी-शर्ट नहीं पहन कर आएंगे, तभी सदन की कार्यवाही चलेगी। चाहे कोई भी बड़ा नेता हो, सदन की मर्यादा और परंपराओं का उल्लंघन करेगा तो लोकसभा अध्यक्ष होने के नाते उसे बरकरार रखने की जिम्मेदारी मेरी है।’
क्या लिखा था विपक्षी सदस्यों की टी-शर्ट पर?
लोकसभा स्पीकर ने अपनी सीट पर खड़े होकर शोरगुल कर रहे विपक्षी सदस्यों से कहा कि यदि वे सदन की कार्यवाही नहीं चलने देना चाहते तो बाहर चले जाएं। इसके साथ ही बिरला ने सदन की कार्यवाही गुरुवार दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। बता दें कि DMK सांसद टी शिवा संसद में एक टी-शर्ट पहनकर पहुंचे, जिस पर लिखा था, ‘निष्पक्ष परिसीमन, तमिलनाडु लड़ेगा, तमिलनाडु जीतेगा।’ उन्होंने कहा, ‘तमिलनाडु निष्पक्ष परिसीमन पर जोर दे रहा है। इससे करीब 7 राज्य प्रभावित होंगे, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इसलिए हम निष्पक्ष परिसीमन की मांग को लेकर अपना विरोध प्रदर्शन जारी रख रहे हैं।’
क्या होता है परिसीमन, क्यों उठा ये मुद्दा?
परिसीमन संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों को जनसंख्या परिवर्तन के अनुसार पुनः परिभाषित करने की प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र में लगभग समान संख्या में लोग रहते हों। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो परिसीमन सीधे आकार से जुड़ा हुआ है। बड़ी आबादी वाले राज्यों को संसद में कम आबादी वाले राज्यों की तुलना में ज्यादा प्रतिनिधि मिलते हैं। दक्षिण के कई राज्यों की चिंता ये है कि उत्तर भारत के ज्यादा आबादी वाले राज्यों को परिसीमन में ज्यादा सीटें मिलेंगी जिससे संसद में उनका प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा।
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सदन की कार्यवाही एक घंटे के लिए स्थगित की, दलों के नेताओं से करेंगे चर्चा
राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने गुरुवार को सदन की कार्यवाही लगभग एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। उन्होंने कहा कि वह सदन में देखी गई कुछ घटनाओं को लेकर राजनीतिक दलों के नेताओं से चर्चा करना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि उन्होंने सदन में क्या देखा, लेकिन उन्होंने कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
नेता सदन से करेंगे चर्चा
सभापति धनखड़ ने कहा, मैं आज सुबह 11:30 बजे अपने कक्ष में सदन के नेताओं की बैठक बुला रहा हूं। मैं सदस्यों के साथ वह जानकारी साझा करूंगा, जो मैंने अभी-अभी सदन में देखी है। यह बयान उन्होंने उस समय दिया जब सदन में सूचीबद्ध दस्तावेज़ पेश किए जा रहे थे।
सदन में कोई स्पष्ट हंगामा नहीं
दिलचस्प बात यह है कि जब दस्तावेज पेश किए जा रहे थे, तब किसी सांसद द्वारा कोई स्पष्ट हंगामा या बाधा उत्पन्न नहीं की गई। फिर भी सभापति ने कार्यवाही स्थगित कर दी और बैठक बुलाने का निर्णय लिया।







