हाल ही में पीएम नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान पड़ोसी देश बांग्लादेश का मुद्दा भी छाया रहा. ऐसा इसलिए क्योंकि डोनाल्ड ट्रंप ने ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बांग्लादेश को लेकर पूछे गए सवाल पर साफ शब्दों में कहा कि मोहम्मद यूनुस के देश से कैसे निपटना है, यह वो पीएम नरेंद्र मोदी पर छोड़ते हैं. शेख हसीना सरकार के जाने के बाद से ही लगातार भारत के खिलाफ मोर्चा खोले बैठे मोहम्म्द यूनुस को ट्रंप ने चारों खाने चित कर दिया है. इस बड़ी डिप्लोमेटिक जीत के बाद अब बांग्लादेश को ‘सबक सिखाने’ की बारी पीएम मोदी के खास दूत एस जयशंकर की है. जयशंकर आज बांग्लादेश के विदेश सलाहकार मोहिद हुसैन से मिलने वाले हैं.
विदेश मंत्री एस जयशंकर आज मस्कट में 8वें हिंद महासागर सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन से मुलाकात करेंगे. भारतीय विदेश मंत्रालय और ओमानी सरकार द्वारा इसे संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 27 देशों के विदेश मंत्री हिस्सा ले रहे हैं. एस जयशंकर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे. इसी बीच बांग्लादेश के विदेश मामलों के सलाहकार संग जयशंकर की बैठक होगी. बांग्लादेश में पिछले छह महीनों में लगातार हिन्दुओं पर हमले बढ़े हैं. कार्यवाहक सरकार के मुखिया इन हमलों को रोक पाने में विफल साबित हुए हैं. दूसरी तरफ यूनुस भारत पर शेख हसीना को वापस लौटाने के लिए हेकड़ी भी दिखा रहे हैं.
बांग्लादेश को माननी ही होगी भारत की बात
एक तरफ डोनाल्ड ट्रंप बग्लादेश पर हिन्दुओं के खिलाफ हो रहे हमलों को लेकर हमालवर हैं. वहीं, दूसरी तरफ उन्होंने मोहम्मद यूनुस से निपटने के लिए भारत को फ्री हैंड दे दिया है. ऐसे में अब एस जयशंकर बांग्लादेश को कड़े शब्दों में जवाब देंगे. भारत की पॉलिसी नेबर-फर्स्ट की रही है. लेकिन बांग्लादेश जिस तरह का रवैया सीमा पर भारत के खिलाफ अपनाए हुए है, उसकी अकल को इस वक्त ठिकाने लगाना बेहद जरूरी है.
जयशंकर दिखाएंगे बांग्लादेश को सही राह!
शेख हसीना सरकार के जाने के बाद बांग्लादेश में लगातार कट्टरपंथी ताकतें काफी ज्यादा सक्रिय हैं. वहां कट्टरपंथी गुट मोहम्मद यूनुस पर भारत विरोधी एजेंडा चलाने का दबाव बना रहे हैं. यूनुस पूरी तरह से ऐसे लोगों के कंट्रोल में हैं. आज जयशंकर तोहिद हुसैन से मिलकर बांग्लादेश को लेकर भारत के रुख को स्पष्ट कर देंगे. भारत पहले ही यह साफ कर चुका है कि पिछली सरकार के दौरान भारत के साथ जो समझौते हुए हैं, उसे बांग्लादेश को पूरा करना ही होगा. वो इससे पीछे नहीं हट सकता है.







