1 फरवरी 2025 को भारत का केंद्रीय बजट पेश हुआ. शनिवार के दिन खुला शेयर बाजार काफी उत्साहित था, लेकिन बजट खत्म होने से पहले ही शेयर बाजार गिर गया और उस दिन की क्लोजिंग भी लाल रंग में ही. उसके बाद सोमवार को भी भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट देखने को मिली. लेकिन 4 फरवरी, मंगलवार को शेयर बाजार ने नया जोश दिखाया और सेंसेक्स उछलकर 700 अंकों की तो निफ्टी 200 अंकों की तेजी दिखाने लगा. सवाल है कि बजट और उसके अगले कारोबारी सत्र में भी गिरने वाला शेयर बाजार आज क्यों बढ़ रहा है. तो बता दें कि वैश्विक बाजारों में सुधार, रुपये में मजबूती, और आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद ने निवेशकों का मनोबल बढ़ाया है.
मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार ने पिछले सत्र की गिरावट को पीछे छोड़ते हुए तेजी के साथ शुरुआत की, मतलब गैपअप ओपनिंग. सेंसेक्स 731.43 अंकों की बढ़त के साथ 77,918.17 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 203.30 अंकों की वृद्धि के साथ 23,564.35 पर कारोबार कर रहा था. यह उछाल लगभग 1 फीसदी का था. पिछले सत्र में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 87.28 के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन आज रुपये में मजबूती देखी गई, जिससे बाजार का मनोबल बढ़ा. तो चलिए जानते हैं इन तीनों कारणों के बारे में-
वैश्विक बाजारों में सुधार
सोमवार को दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेज गिरावट देखी गई थी, लेकिन मंगलवार को स्थिति में सुधार हुआ. अमेरिकी प्रशासन ने मैक्सिको और कनाडा पर लगाए गए टैरिफ (आयात शुल्क) को अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया, जिससे निवेशकों में आशा का माहौल बना. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह रणनीति चीन के साथ भी अपनाई जा सकती है, जिससे ट्रेड वॉर की आशंकाएं कम हुई हैं.
इंडियाटुडे ने जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने के हवाले से लिखा, “डॉलर इंडेक्स में 108 तक गिरावट एक पॉजिटिव संकेत है. घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) विशेष रूप से ऑटोमोबाइल, व्हाइट गुड्स (उपभोक्ता उत्पाद), ज्वेलरी, होटल और फूड डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा सकते हैं.”
भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 13 पैसे मजबूत हुआ और 87.28 के सर्वकालिक निचले स्तर से बढ़कर 86.98 पर पहुंच गया. रुपये में यह सुधार विदेशी निवेशकों की चिंताओं को कम करने में सहायक रहा, जिससे बाजार का मनोबल बढ़ा.
वेल्थमिल्स सिक्योरिटीज के इक्विटी स्ट्रैटेजी निदेशक क्रांति बथिनी ने कहा, “वैश्विक संकेत काफी सकारात्मक हैं, और अमेरिका द्वारा टैरिफ में ढील देने के बयानों ने भी बाजार को सहारा दिया है. दो दिनों की गिरावट के बाद भारतीय निवेशकों में खरीदारी की रुचि बढ़ी है. इसके अलावा, सर्विसेज PMI इंडेक्स (सेवा क्षेत्र की गतिविधि का सूचक) छह महीने के उच्च स्तर 57 पर पहुंच गया है, जो आर्थिक गतिविधियों में सुधार का संकेत देता है.”
आरबीआई द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद
निवेशकों को उम्मीद है कि आगामी आरबीआई पॉलिसी कमेटी में 25 आधार अंक (0.25%) की ब्याज दर में कटौती की जा सकती है. यह उम्मीद बाजार में आशावाद का एक और कारण बनी हुई है, क्योंकि कम ब्याज दरें उधारी लागत को कम कर सकती हैं और आर्थिक विकास को बढ़ावा दे सकती हैं.
बथिनी ने आगे कहा, “बाजार पहले से ही ब्याज दर में कटौती की संभावना को ध्यान में रख रहा है. यदि आरबीआई यह कदम उठाता है, तो यह आर्थिक सुधार और कॉर्पोरेट कमाई को और मजबूती दे सकता है.”







