यूनियन बजट 2025 के बाद पहले दिन खुले भारतीय शेयर बाजार मे बड़ी गिरावट आई. सेंसेक्स 700 अंक से अधिक गिरकर 76,774.05 के स्तर पर पहुंच गया और निफ्टी 23,300 के महत्वपूर्ण स्तर को तोड़ते हुए 23,239.15 पर आ गया. यह गिरावट वैश्विक अनिश्चितता, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नए टैरिफ, कमजोर रुपया और केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे पर मामूली खर्च के कारण मानी जा रही है. निवेशकों के लिए यह दिन काला सोमवार साबित हुआ, क्योंकि बाजार में हर तरफ मंदी का माहौल छा गया.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा, मैक्सिको और चीन पर नए टैरिफ लगाए हैं, जिससे ग्लोबल ट्रेड वार की आशंका बढ़ गई है. ट्रम्प ने कनाडा और मैक्सिको पर 25% और चीन पर 10% शुल्क लगाया है. इस कदम के बाद इन देशों ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है. चीन ने विश्व व्यापार संगठन (WTO) में इस फैसले को चुनौती देने की बात कही है. जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वी.के. विजयकुमार ने मनीकंट्रोल को बताया, “ट्रम्प नॉन-ट्रेड मुद्दों पर देशों को निशाना बनाने के लिए टैरिफ का उपयोग राजनीतिक टूल की तरह फिर से कर सकते हैं.”
बजट में बुनियादी ढांचे पर मामूली खर्च से निराशा
केंद्रीय बजट में बुनियादी ढांचे पर मामूली खर्च की घोषणा ने निवेशकों को निराश किया है. इससे बुनियादी ढांचे से जुड़े शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई. एलएंडटी के शेयर 4.42 फीसदी गिरे, जबकि अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर 2 फीसदी और इरकॉन इंटरनेशनल के शेयर 5 फीसदी से अधिक टूटे. बजट में पूंजीगत व्यय में मामूली वृद्धि ने बाजार की उम्मीदों को धराशायी कर दिया.
रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर
ट्रम्प के टैरिफ की घोषणा के बाद एशियाई करेंसीज़ में गिरावट के साथ भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. रुपया 87.07 प्रति डॉलर के स्तर पर आ गया, जो इसका अब तक का सबसे निचला स्तर है. व्यापारियों को उम्मीद है कि डॉलर की मजबूत मांग के कारण रुपया और गिर सकता है.
उपरोक्त सभी कारकों ने मिलकर बाजार को अस्थिर बना दिया है. निवेशकों के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि ग्लोबल ट्रेड वार, कमजोर रुपया और बजट में बुनियादी ढांचे पर कम खर्च की आशंका ने बाजार की राह और मुश्किल बना दी है. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
विदेशी निवेशकों ने ₹1,327.09 करोड़ के शेयर बेचे
- NSE के डेटा के अनुसार, 1 फरवरी को विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 1,327.09 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस दौरान घरेलू निवेशकों (DIIs) ने 824.38 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।
- RBI के रेट-सेटिंग पैनल की मीटिंग 5-7 फरवरी को होगी। मार्केट के विश्लेषकों का अनुमान है कि सैंट्रल बैंक 4 साल में पहली बार दरों में कटौती की शुरुआत करेगा।
इस हफ्ते 748 कंपनियां वित्त वर्ष 2024-25 के तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी
इस हफ्ते 748 कंपनियां वित्त वर्ष 2024-25 के तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) के नतीजे जारी करेंगी। इनमें कुछ बड़ी कंपनियों जैसे- एशियन पेंट्स, टाइटन, एयरटेल, पावर ग्रिड, डिवीज लैब्स, टाटा पावर, टोरेंट पावर, इन्फो एज, स्विगी, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI),ITC, ट्रेंट, ब्रिटानिया, लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC), महिंद्रा एंड महिंद्रा, NHPC, ऑयल इंडिया के अर्निंग पर बाजार की नजर रहेगी।
इससे पहले, पिछले हफ्ते ICICI बैंक, ICICI बैंक, बजाज ऑटो, टीवीएस मोटर, इंडियन ऑइल, टाटा मोटर्स, डाबर जैसी कंपनियों के नतीजे बाजार उम्मीद के मुताबिक रहे, जिसके चलते बाजार में तेजी देखने को मिली थी।







