जमुई जिले के बरहट प्रखंड क्षेत्र में ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह गया है, इसकी वजह है एक रहस्यमयी गुफा का दिखना, जिसके बारे में हर कोई जानने को उत्सुक है. दरअसल कुछ लकड़हारे जंगल गए थे. इसी बीच में जंगल में उन्हें एक गुफा दिखाई दी. जब उन लोगों ने गुफा के अंदर जाने की कोशिश की, तो उनके सामने जो नजारा दिखा उसे देखकर हर किसी की आंखें फटी की फटी रह गईं. लोग यह समझ नहीं पा रहे थे, कि वह गुफा के अंदर जिस चीज को देख रहे हैं वह वाकई सच है, या उन्हें किसी बात का भ्रम हुआ है. गुफा के अंदर का नजारा देखकर पूरा गांव आश्चर्यचकित है, और अब पूरा का पूरा गांव ही गुफा के बाहर बैठकर भजन-कीर्तन कर रहा है. लोग गुफा के आसपास इकट्ठे होकर गुफा के रहस्य को जानने के लिए प्रयासरत हैं.
गुफा के रहस्य जानने की कोशिश में ग्रामीण
दरअसल जमुई जिले के बरहट प्रखंड क्षेत्र के पंचकूला जंगल स्थित पहाड़ियों में एक रहस्यमई गुफा की बात सामने आने के बाद से ही, स्थानीय इलाके में यह चर्चा का विषय बन गई है. ग्रामीण गुफा के चारों तरफ बैठ गए हैं. स्थानीय ग्रामीणों का कहना है, कि गुफा के अंदर एक शिवलिंग है, तथा वहां एक ऋषि की जैसी एक प्राचीन मूर्ति है, जो तपस्या की अवस्था में बैठी है. इसके बाद से ग्रामीणों के बीच आस्था और भक्ति का भी माहौल देखने को मिल रहा है. गुफा के अंदर जाने का रास्ता काफी संकरा है, इसके बावजूद भी लोग टॉर्च लेकर गुफा के अंदर प्रवेश कर रहे हैं तथा हर कोई इसका रहस्य जानने की कोशिश में लगा हुआ है.
लकड़हारों ने बताई पूरी कहानी
वहीं स्थानीय ग्रामीण हीरा मांझी ने बताया, कि गांव के कुछ लोग जंगल की तरफ लकड़ी लाने गए थे. लेकिन इस दौरान उन्होंने गुफा का एक द्वार खुला देखा. जब लोग गुफा के अंदर प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, तब उन्हें अंदर एक शिवलिंग और एक ऋषि की प्रतिमा दिखाई थी. गौरतलब है कि यह गुफा जिले के प्रसिद्ध कुकुरझप डैम से करीब 3 किलोमीटर दूर स्थित है. गुफा के ऊपर बड़ी-बड़ी चट्टानें है. इसका एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि कुछ युवक टॉर्च लेकर गुफा में घुसने का प्रयास कर रहे हैं, तथा लोग काफी मशक्कत कर रहे हैं.
लोगों ने मूर्ति बाहर निकलवाने की मांग की
वहीं इस मामले का वीडियो सामने आने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण गुफा के बाहर बैठकर भजन-कीर्तन कर रहे हैं. लोगों ने यह मांग की है, कि इस गुफा का दरवाजा खुलवा कर प्रशासन के द्वारा इसके अंदर की प्रतिमा को बाहर निकलवाया जाए, ताकि लोग पूजा-पाठ कर सकें.







