महाकुंभ का आज 16वां दिन है। सुबह 8 बजे तक 45.50 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया। अब तक 15 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। मौनी अमावस्या से पहले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।
प्रयागराज में 13 जनवरी से महाकुंभ 2025 शुरू हो चुका है और दुनियाभर से साधु संत से लेकर श्रद्धालु मेले में पहुंच रहे हैं. हर दिन लाखों श्रद्धालु संगम स्नान का पुण्य प्राप्त कर रहे हैं. महाकुंभ मेले में अमृत स्नान (Amrit Snan) का बहुत अधिक महत्व होता है. महाकुंभ में पहला अमृत स्नान हो चुका है और दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के दिन होगा. अमावस्या की तिथि होने के कारण इस स्नान का बहुत अधिक महत्व है. मान्यता है कि इस दिन किए गए दान से कई गुना पुण्य प्राप्त होता है. मौनी अमावस्या (Mauni Amavasya) को दूसरे अमृत स्नान में करोड़ों श्रद्धालुओं के संगम में डुबकी लगाने का अनुमान है. मौनी अमावस्या का दिन पितृ दोष से मुक्ति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए उत्तम माना जाता है.
महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर दूसरे अमृत स्नान की तिथि
माघ माह में अमावस्या की तिथि 28 जनवरी, मंगलवार को रात 7 बजकर 35 मिनट से शुरू होकर 29 जनवरी, बुधवार को शाम 6 बजकर 5 मिनट तक है. सूर्योदय के अनुसार अमावस्या की तिथि 29 जनवरी को है. माघ माह की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. वहीं, मौनी अमावस्या के दिन सिद्धि योग का भी निर्माण होने जा रहा है.
दूसरे अमृत स्नान पर स्नान व दान का मुहूर्त
मौनी अमावस्या को ब्रह्म मुहूर्त स्नान और दान (Snan Daan) के लिए सबसे उत्तम समय माना जाता है. 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन में प्रात: काल 5 बजकर 25 मिनट से सुबह 6 बजकर 18 मिनट तक ब्रह्म मुहूर्त है. इस दौरान संगम स्नान और दान बहुत फलदाई होगा. इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं बन रहा है. दोपहर को 2 बजकर 22 मिनट से 3 बजकर 5 मिनट तक विजय मुहूर्त का निर्माण हो रहा है. शाम को 5 बजकर 55 मिनट से 6 बजकर 22 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त है. इन मुहूर्त में भी स्नान और दान करना उत्तम रहेगा. हालांकि इस दिन सुबह 11 बजकर 34 मिनट से 1 बजकर 55 मिनट तक राहुकाल लगने वाला है. हिंदू धर्म में राहुकाल में शुभ कार्य वर्जित माने जाते हैं. इसलिए इस समय स्नान और दान ना करना ही अच्छा होगा.
महाकुंभ में अमृत स्नान की तिथियां
महाकुंभ में मकर संक्रांति का अमृत स्नान संपन्न हो चुका है. अब मौनी अमावस्या, वसंत पंचमी, माघी पूर्णिमा (Maghi Purnima) और महाशिवरात्रि को अमृत स्नान होगा. दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या को 29 जनवरी, बुधवार को होगा. तीसरा अमृत स्नान वसंत पंचमी को होगा.
महाकुंभ में अमृत स्नान का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन संगम स्नान को अमृत स्नान कहा जाता है. अमृत स्नान के समय पवित्र नदियों में स्नान करने पर मोक्ष की प्राप्ति होती है और परिवार में सुख-समृद्धि आती है.
मौनी अमावस्या का महत्व
मान्यता है कि मौनी अमावस्या को पितृ धरती पर आते हैं. महाकुंभ में संगम में स्नान के साथ पितरों का तर्पण और दान करने से पितृदोष से मुक्ति मिलती है. ग्रहों की स्थिति के अनुसार तय की गई अमृत स्नान की तिथियां अत्यंत शुभ और पुण्यकारी मानी जाती हैं. मौनी अमावस्या पर स्नान से सभी पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है.
मौनी अमावस्या से पहले महाकुंभ में जबरदस्त भीड़:
महाकुंभ का आज 16वां दिन है। सुबह 8 बजे तक 45.50 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया। अब तक 15 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं। मौनी अमावस्या से पहले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसलिए सोमवार रात पांटून पुल नंबर- 15 बंद कर दिया गया। इसको लेकर लोगों ने सेक्टर-20 में प्रदर्शन किया। कुछ लोगों की पुलिस से झड़प हो गई।
इसके बाद श्रद्धालुओं ने बैरिकेडिंग तोड़ दी और मेले के अंदर चले गए। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि पुलिस वाले भी लोगों को रोकने की हिम्मत नहीं दिखा सके। हालांकि, रात करीब 9 बजे अधिकारियों के आदेश पर पांटून पुल 13, 14 और 15 को खोल दिया गया।
सोमवार देर रात महाकुंभ में अफसरों की मीटिंग के बाद हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। सभी सिक्योरिटी एजेंसियों, खुफिया एजेंसियों और पुलिस के अफसरों की दो मीटिंग क्राउड मैनेजमेंट और अन्य मामलों पर हुईं। ट्रैफिक प्लान को लेकर भी लंबी मीटिंग चली। मेला क्षेत्र में आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
DM ने प्रयागराज के लोगों से अपील की है कि मेला क्षेत्र में आप लोग कार से न आएं। समर्थ हैं तो पैदल आएं, नहीं तो बाइक से आएं। इससे देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। वहीं, झांसी से चलकर प्रयागराज जा रही पैसेंजर ट्रेन पर हरपालपुर के पास पथराव हुआ है। अंदर जाने के लिए यात्रियों ने शीशा तोड़ दिया।
रीवा-प्रयागराज रोड पर रात से सुबह तक लंबा जाम
बाहर से महाकुंभ मेला क्षेत्र की ओर आने वाले सभी रास्तों पर 10 किमी से ज्यादा लंबा जाम रात से ही लगा है। रीवा-प्रयागराज रोड की बात करें तो सुबह 4 बजे जाम इतना था कि 500 मीटर की दूरी तय करने में 2 घंटे से ज्यादा समय लगा। अभी भी यह रोड जाम है।
अमेरिकी रॉक बैंड कोल्डप्ले के को-फाउंडर और सिंगर क्रिस मार्टिन महाकुंभ पहुंचे। इस दौरान उनकी गर्लफ्रेंड और अमेरिकी एक्ट्रेस डकोटा जॉनसन भी नजर आईं। क्रिस और डकोटा को एक कार में बैठे देखा गया। भगवा रंग की ड्रेस पहने कपल महाकुंभ मेले में दिखाई दिए। डकोटा जॉनसन को हॉलीवुड फिल्म ’50 शेड्स ऑफ ग्रे’ को लेकर जाना जाता है।







