बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण को शिक्षा विभाग ने गुरुवार (23 जनवरी, 2025) को निलंबित कर दिया. आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस की टीम ने गुरुवार की सुबह डीईओ के बेतिया स्थित आवास समेत कई अन्य जिलों में उनके ठिकानों पर छापेमारी की. इसके बाद शिक्षा विभाग ने यह एक्शन लिया है.
बिहार में एक बार फिर से भ्रष्ट सरकारी अधिकारी के कारनामों का खुलासा हुआ है. दरअसल बिहार की स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने गुरुवार को बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी के ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति मामले में छापेमारी की है. मिली जानकारी के अनुसार बेतिया के जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण के अलग-अलग ठिकानों पर स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में कैश जब्त किया है. बताया जाता है कि विजिलेंस की टीम ने नोट गिनने वाली मशीन भी मंगाई है.
वहीं स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने बेतिया के अलावा दरभंगा और समस्तीपुर में छापेमारी की है. छापेमारी के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनीकांत प्रवीण करोड़ों की अवैध कमाई का खुलासा हुआ है. इस बारे में अधिक जानकारी देते हुए स्पेशल विजिलेंस यूनिट की टीम ने बताया कि रजनीकांत प्रवीण, जो वर्तमान में जिला शिक्षा अधिकारी बेतिया (पश्चिम चंपारण) के पद पर कार्यरत हैं, ने वर्ष 2005 से अब तक आपराधिक साजिश के तहत भारी चल-अचल संपत्तियां अर्जित की हैं.
आय से अधिक की संपत्ति का खुलासा
इन संपत्तियों की कुल अनुमानित राशि ₹1,87,23,625 है, जो उनकी वैध आय के स्रोतों से काफी अधिक है. यह अनुमान है कि उनके आय स्रोतों के अनुसार, उनकी कुल आय ₹2,52,00,000 है और खर्च ₹1,46,31,400 है. इसलिए उनके द्वारा वैध रूप से बचाई गई राशि ₹1,05,68,600 मानी जा सकती है.
इन धाराओं के तहत कार्रवाई
इसके बावजूद रजनीकांत प्रवीण और उनके परिवार के नाम पर चल-अचल संपत्तियों की कुल कीमत ₹2,92,92,225 पाई गई है. यह संपत्ति अवैध और भ्रष्ट तरीकों से अर्जित की गई मानी जाती है. यह आरोप है कि रजनीकांत प्रवीण के पास उनकी आय से अधिक ₹1,87,23,625 की संपत्ति है, जिसे वे संतोषजनक रूप से नहीं बता सकते हैं. ऐसे में यह स्पष्ट होता है कि रजनीकांत प्रवीण ने भ्रष्टाचार और अवैध तरीकों से संपत्ति अर्जित की है. रजनीकांत प्रवीण के पास आय से अधिक एक करोड़ 87 लाख से अधिक की मिली है. इस संबंध में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(b), 13(2) और 12 तथा बीएनएस 2023 की धारा 61(2)(a) के तहत मामला दर्ज किया गया है.







