जनता दल (यूनाइटेड) ने रविवार को जाति जनगणना के मुद्दे पर राहुल गांधी पर पाखंड करने का आरोप लगाया और कहा कि जब बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने इंडिया ब्लॉक की बैठकों में इस मुद्दे को उठाया तो उन्होंने चुप्पी साध ली. पार्टी ने यह भी पूछा कि कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने राज्य के जातिगत आंकड़े क्यों नहीं जारी किए हैं. जेडी(यू) के कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद संजय झा ने कांग्रेस नेता पर यह हमला ऐसे समय किया है जब एक दिन पहले ही राहुल गांधी ने पटना में एक कार्यक्रम में नीतिश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए जातिगत सर्वेक्षण को फर्जी बताया था. उन्होंने देश भर में जातिगत जनगणना की वकालत की थी.
पीटीआई से बात करते हुए झा ने कहा, “इससे बड़ा पाखंड और कुछ नहीं हो सकता. मैंने देखा कि राहुल गांधी चुप रहे, जबकि नीतिश कुमार कई जगहों पर इंडिया ब्लॉक की बैठकों में जातिगत जनगणना के पक्ष में जोरदार और तार्किक ढंग से बोल रहे थे.” नीतिश कुमार के नेतृत्व वाली जेडी(यू) इंडिया ब्लॉक का हिस्सा थी, इससे पहले कि वह विपक्षी गठबंधन से नाता तोड़कर भाजपा से हाथ मिला ले.
‘नीतीश जातिगत मुद्दा उठाने वाले एकमात्र नेता’
संयोग से, बिहार में जाति सर्वेक्षण तब किया गया था और उसके निष्कर्ष तब जारी किए गए थे, जब कांग्रेस कुमार के नेतृत्व वाली सरकार में भागीदार थी. झा ने कहा कि नीतिश कुमार जाति जनगणना का मुद्दा उठाने वाले एकमात्र नेता थे और इंडिया ब्लॉक के सभी सदस्य इसके गवाह थे. बिहार में जाति सर्वेक्षण का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि कुमार 1931 के बाद से एकमात्र नेता हैं, जब देश भर में जाति जनगणना हुई थी, जिन्होंने सामाजिक न्याय को आगे बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तरीके से विभिन्न जातियों की आबादी की गणना करने का फैसला किया.
राहुल पर कटाक्ष
राहुल गांधी पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता को अधिक स्पष्ट होना चाहिए और लोगों को बताना चाहिए कि क्या उन्हें लगता है कि बिहार के जाति सर्वेक्षण में कुछ समुदायों की गिनती अधिक और कुछ की कम की गई है. झा ने कहा कि उन्हें इस मुद्दे से बचना चाहिए, उन्होंने कहा कि कुमार ने आरक्षण के दायरे को बढ़ाने के लिए आंकड़ों का इस्तेमाल किया है, हालांकि यह मुद्दा वर्तमान में विचाराधीन है. कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि कर्नाटक में उसकी सरकार कई वर्षों से राज्य में जाति-वार जनसंख्या के आंकड़ों को दबाए बैठी है. उन्होंने पूछा कि गांधी इसे जारी क्यों नहीं करवाते.







