प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात के 118वें एपिसोड में महाकुंभ और रामलला का जिक्र किया। उन्होंने कहा- महाकुंभ में दुनियाभर से लोग आते हैं। यह सामाजिक समरसता का ऐसा संगम है, जहां जात-पात, ऊंच-नीच से परे लोग एक-दूसरे के साथ पवित्र स्नान करते हैं। भंडारों में भोजन और प्रसाद लेते हैं।
मोदी ने कहा- कुंभ एकता का महाकुंभ है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम को यह एक सूत्र में बांधता है। यह हजारों साल से चली आ रही परंपरा है। एक तरफ प्रयागराज, उज्जैन, नासिक और हरिद्वार में कुंभ होता है। वहीं, दूसरी तरफ गोदावरी, कृष्णा, कावेरी और नर्मदा नदी के तट पर पुष्करम मनाया जाता है।
प्रधानमंत्री ने अपने 30 मिनट के प्रोग्राम में 23, 25 और 26 जनवरी के अलावा रामलला, स्टार्टअप इंडिया, स्पेस सेक्टर, हाथी बंधु, टाइगर रिजर्व, अरुणाचल प्रदेश और निकोबार में वर्जिन कोकोनट ऑयल का भी जिक्र किया। 26 जनवरी की वजह से PM का प्रोग्राम इस बार एक हफ्ते पहले हुआ।
10 पॉइंट में PM के ‘मन की बात’…
1. देश के संविधान पर उन्होंने कहा- इस बार का ‘गणतंत्र दिवस’ बहुत विशेष है। संविधान सभा के दौरान अनेक विषयों पर लंबी-लंबी चर्चाएं हुईं। वे चर्चाएं, संविधान सभा के सदस्यों के विचार, उनकी वो वाणी, हमारी बहुत बड़ी धरोहर है।
PM ने संविधान को लेकर बाबा साहब अंबेडकर, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के भाषण के क्लिप सुनाए। PM ने कहा- इन महान विभूतियों की वाणी हमारी बहुत बड़ी धरोहर है। हमें इनसे प्रेरणा लेकर काम करना है।
2. नेशनल वोटर्स डे पर प्रधानमंत्री ने कहा- 25 जनवरी को नेशनल वोटर्स डे है। इसी दिन चुनाव आयोग की स्थापना हुई थी। देश में जब 1951-52 में पहली बार चुनाव हुए तो कुछ लोगों को संशय था कि देश का लोकतंत्र जीवित रहेगा। लेकिन जनता ने इसे साबित कर दिया कि भारत मदर ऑफ डेमोक्रेसी है।
3. प्रयागराज महाकुंभ पर PM ने कहा- प्रयागराज में महाकुंभ का श्रीगणेश हो चुका है। कुंभ का ये उत्सव विविधता में एकता का उत्सव मनाता है। संगम की रेती पर विश्व के लोग जुटते हैं। हजारों वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में कहीं भी कोई भेदभाव नहीं, जातिवाद नहीं। ‘कुंभ’, ‘पुष्करम’ और ‘गंगा सागर मेला’ – हमारे ये पर्व, हमारे सामाजिक मेल-जोल को, सद्भाव को, एकता को बढ़ाने वाले पर्व हैं। ये पर्व लोगों को परंपराओं से जोड़ते हैं।
हमने 11 जनवरी को पौष शुक्ल द्वादशी को राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की द्वादशी मनाई है। ये दिन प्रतिष्ठा द्वादशी का दिन बन गया है। हमें विकास के साथ विरासत को सहेजना है। उनसे प्रेरणा लेना है।
4. स्पेस सेक्टर पर PM ने कहा- एक भारतीय स्पेस टेक स्टार्टअप बेंगलुरु के पिक्सेल ने देश का पहला निजी सैटेलाइट कौंसीलेशन फायर फ्लाई, सफलतापूर्वक लॉन्च किया है। यह दुनिया का सबसे हाई रेजोल्यूशन हाइपर स्पेक्ट्रल सैटेलाइट कौंसीलेशन है। कुछ दिन पहले हमारे वैज्ञानिकों ने स्पेस डोकिंग कराई। अंतरिक्ष में पौधे उगाने और उन्हें जीवित रखने में भी लगे हुए हैं। हमारा देश स्पेस टेक्नोलॉजी में नए कीर्तिमान बना रहा है।
5. स्टार्टअप इंडिया पर PM ने कहा- कुछ दिन पहले ही स्टार्टअप इंडिया के 9 साल पूरे हुए हैं। हमारे देश में जितने स्टार्टअप 9 साल में बने हैं उनमें से आधे से ज्यादा टीयर-2 और टीयर-3 शहरों से हैं, और जब यह सुनते हैं तो हर हिन्दुस्तानी का दिल खुश हो जाता है, यानि हमारा स्टार्टअप कल्चर बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं है।
6. हाथियों पर मोदी ने कहा- असम का ‘नौगांव’ हमारे देश की महान विभूति श्रीमंत शंकरदेव जी का जन्म स्थान है। यहां हाथियों का झुंड फसलों को बर्बाद कर देते थे। 100 गांव के लोग परेशान थे। इन लोगों ने ‘हाथी बंधु’ के नाम से टीम बनाई। टीम ने करीब 800 बीघा बंजर भूमि पर मिल-जुल कर नेपियर घास लगाई। इस घास को हाथी बहुत पसंद करते हैं। इसका असर ये हुआ कि हाथियों ने खेतों की ओर जाना कम कर दिया।
7. टाइगर रिजर्व पर हमारी संस्कृति और विरासत हमें आस-पास के पशु-पक्षियों के साथ प्यार से रहना सिखाती है। ये हम सभी के लिए बहुत खुशी की बात है, कि बीते दो महीनों में, हमारे देश में दो नए टाइगर रिजर्व जुड़े हैं। इनमें से एक है छत्तीसगढ़ में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व और दूसरा- मध्य प्रदेश में रातापानी टाइगर रिजर्व।
8. अरुणाचल के दीपक नाबाम का जिक्र किया अरुणाचल प्रदेश में दीपक नाबाम जी ने सेवा की अनूठी मिसाल पेश की है। दीपक जी यहां लिविंग होम चलाते हैं। जहां मानसिक रूप से बीमार, शरीर से असमर्थ लोगों और बुजुर्गों की सेवा की जाती है, यहां पर ड्रग्स की लत के शिकार लोगों की देख-भाल की जाती है।
9. निकोबार का वर्जिन कोकोनट ऑयल निकोबार जिले में वर्जिन कोकोनट ऑयल को हाल ही में जीआई टैग मिला है। इस तेल के उत्पादन से जुड़ी महिलाओं को संगठित कर सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाए जा रहे हैं, उन्हें मार्केटिंग और ब्रांडिंग की स्पेशल ट्रेनिंग भी दी जा रही है। ये हमारे आदिवासी समुदायों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
10. सुभाष चंद्र बोस की जन्म-जयंती 23 जनवरी यानि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्म-जयंती को अब हम ‘पराक्रम दिवस’ के रूप में मनाते हैं। उनके शौर्य से जुड़ी इस गाथा में भी उनके पराक्रम की झलक मिलती है। कुछ साल पहले, मैं उनके उसी घर में गया था, जहां से वे अंग्रेजों को चकमा देकर निकले थे। उनकी वो कार अब भी वहां मौजूद है। वो अनुभव मेरे लिए बहुत ही विशेष रहा।
पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में कहा, “2025 की शुरुआत में ही भारत ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं. आज, मुझे ये बताते हुए गर्व है कि एक भारतीय स्पेस टेक स्टार्टअप, बेंगलुरू के ‘पिक्सेल’ ने भारत का पहला निजी सैटेलाइट कांस्टेलेशन – ‘फायर-फ्लाई’, सफलतापूर्वक लॉन्च किया है. यह सैटेलाइट कांस्टेलेशन दुनिया का सबसे हाई-रिज़ॉल्यूशन हाइपर स्पेक्ट्रल सैटेलाइट कांस्टेलेशन है.”
उन्होंने आगे कहा, ”इस उपलब्धि ने न केवल भारत को आधुनिक स्पेस टेक्नोलॉजी में अग्रणी बनाया है, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में भी एक बड़ा कदम है. ये सफलता हमारे निजी स्पेस सेक्टर की बढ़ती ताकत और इनोवेशन का प्रतीक है. मैं इस उपलब्धि के लिए ‘पिक्सेल’ की टीम, इसरो, और इन-स्पेस को पूरे देश की ओर से बधाई देता हूं.”
प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “कुछ दिन पहले हमारे वैज्ञानिकों ने स्पेस सेक्टर में ही एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की. हमारे वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट की स्पेस डॉकिंग कराई है. जब अंतरिक्ष में दो स्पेसक्राफ्ट कनेक्ट किए जाते हैं, तो इस प्रक्रिया को स्पेस डॉकिंग कहते हैं. यह तकनीक अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन तक सप्लाई भेजने और क्रू मिशन के लिए अहम है. भारत इसमें सफलता हासिल करने वाला चौथा देश बना.”
वैज्ञानिकों की दूरगामी सोच की तारीफ करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “हमारे वैज्ञानिक अंतरिक्ष में पौधे उगाने और उन्हें जीवित रखने के प्रयास भी कर रहे हैं. इसके लिए इसरो के वैज्ञानिकों ने लोबिया के बीज को चुना. 30 दिसंबर को भेजे गए ये बीज अंतरिक्ष में ही अंकुरित हुए. ये एक बेहद प्रेरणादायक प्रयोग है जो भविष्य में स्पेस में सब्जियां उगाने का रास्ता खोलेगा. ये दिखाता है कि हमारे वैज्ञानिक कितनी दूर की सोच के साथ काम कर रहे हैं.”
पीएम मोदी ने अंतरिक्ष में मैन्युफैक्चरिंग की तकनीकों को लेकर भारत के वैज्ञानिकों, इनोवेटर्स और युवा उद्यमियों की तारीफ करते हुए कहा, “आईआईटी मद्रास का ‘एक्सटेम’ केंद्र अंतरिक्ष में मैन्युफैक्चरिंग के लिए नई तकनीकों पर काम कर रहा है. ये केंद्र अंतरिक्ष में 3डी–प्रिंटेड बिल्डिंग, मेटल फोम्स और ऑप्टिकल फाइबर जैसे तकनीकों पर रिसर्च कर रहा है. ये सेंटर, बिना पानी के कंक्रीट निर्माण जैसी क्रांतिकारी विधियों को भी विकसित कर रहा है. ‘एक्सटेम’ की ये रिसर्च, भारत के गगनयान मिशन और भविष्य के स्पेस स्टेशन को मजबूती देगी. इससे मैन्युफैक्चरिंग में आधुनिक टेक्नोलॉजी के भी नए रास्ते खुलेंगे. ये सभी उपलब्धियां इस बात का प्रमाण हैं कि भारत के वैज्ञानिक और इनोवेटर्स भविष्य की चुनौतियों का समाधान देने के लिए कितने विजनरी हैं. हमारा देश, आज, स्पेस टेक्नोलॉजी में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है. मैं भारत के वैज्ञानिकों, इनोवेटर्स और युवा उद्यमियों को पूरे देश की ओर से शुभकामनाएं देता हूं.”







