प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ में श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगना जारी है। 18 जनवरी तक 7.72 करोड़ लोगों ने संगम में डुबकी लगाई है और ये सिलसिला लगातार जारी है। आज भी खबर लिखे जाने तक 30.80 लाख से ज्यादा लोगों ने संगम में डुबकी लगाई है। इस दौरान 10 लाख से अधिक कल्पवासी हैं और 20.80 लाख तीर्थयात्रियों ने यहां का दौरा किया है।
सीएम योगी प्रयागराज पहुंचे
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी आज प्रयागराज पहुंचे हैं। वह आज करीब 5 घंटे कुंभ परिक्षेत्र में रहेंगे और व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।
राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा ने भी महाकुंभ में किया स्नान
प्रयागराज में इस बार महाकुंभ के अवसर पर हर दिन लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु संगम में स्नान कर रहे हैं। इस दौरान कई बड़ी हस्तियां भी महाकुंभ में शामिल होने प्रयागराज पहुंच रही हैं। वहीं राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा भी प्रयागराज पहुंचे हैं। यहां उन्होंने आज रविवार को त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाई। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर एक पोस्ट करके इसकी जानकारी दी है।
एक्स पर अपनी पोस्ट में राजस्थान के सीएम भजनलाल शर्मा ने लिखा है, ‘प्रयागराज में आस्था, श्रद्धा और एकता के महासमागम ‘महाकुंभ-2025′ में पवित्र त्रिवेणी संगम पर आस्था की पावन डुबकी लगाने का अनुपम सौभाग्य प्राप्त हुआ। तत्पश्चात, लेटे हुए हनुमान जी महाराज के दिव्य दर्शन एवं पूर्ण विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर समस्त प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, मंगलमय एवं आरोग्यमय जीवन हेतु प्रार्थना की।’
राजनाथ सिंह ने भी लगाई डुबकी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी शनिवार को संगम में डुबकी लगाई थी और सीएम योगी आदित्यनाथ की महाकुंभ के सफल आयोजन के लिए तारीफ की थी और हार्दिक बधाई दी थी। राजनाथ सिंह ने कहा था कि पूरी दुनिया में श्रद्धालुओं का इतनी विशाल संख्या में जुटना कहीं नहीं होता है। इसके सफल आयोजन के लिए मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को हार्दिक बधाई देता हूं।
मौनी अमावस्या पर 10 करोड़ की होगी भीड़
महाकुंभ में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 17 पुलिस अधिकारियों की नई तैनाती की गई है। मौनी अमावस्या के मुख्य स्नान पर्व पर लगभग 10 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की उम्मीद है, जिससे पुलिस अधिकारियों के लिए सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन एक बड़ी चुनौती है।
इसलिए अनुभवी अधिकारियों को यहां भेजा गया है, जिसमें साइबर मुख्यालय लखनऊ के साइबर एक्सपर्ट एडिशनल एसपी श्वेताभ पांडेय, गाजियाबाद के पीयूष सिंह और गौतम बुद्धनगर के सुधीर कुमार शामिल हैं।

संगम क्षेत्र को तीन जोन में बांटा बिजनौर से डिप्टी एसपी अंजनी चतुर्वेदी, आजमगढ़ से अजय विक्रम सिंह, गौरव शर्मा, मुजफ्फरनगर से यतेंद्र सिंह, बाराबंकी से सुमित त्रिपाठी, बहराइच से रवि खोखर, लखीमपुर खीरी से रमेश तिवारी, सिद्धार्थनगर से सुबेंदु सिंह, यूपी-112 मुख्यालय से राहुल पांडेय, लखनऊ से विकास पांडेय, एटा से अमित राय, हरदोई से रविप्रकाश, आजमगढ़ से तारकेश्वर पांडेय और 43वीं वाहिनी एटा से उपसेनानायक कमल किशोर को भी तैनात किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मौनी अमावस्या के लिए संगम क्षेत्र में व्यवस्था को तीन जोनों में बांटकर किया जा रहा है।

28 फरवरी तक निषेधाज्ञा लागू, जानें पाबंदियां प्रयागराज कमिश्नरेट ने 28 फरवरी तक पूरे जिले प्रयागराज और महाकुंभ नगर में निषेधाज्ञा लागू की है, जिसका उद्देश्य महाकुंभ, गणतंत्र दिवस, मौनी अमावस्या और अन्य त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।
आदेश के तहत जुलूस, विरोध प्रदर्शन, ड्रोन का उपयोग, हथियार, भड़काऊ भाषण और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने पर पाबंदी है। नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी आयोजन, जुलूस या धरना बिना अनुमति नहीं होगा। दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए सहारे के लाठी-डंडे और सिख समुदाय की कृपाण को छूट दी गई है।
महाकुंभ में 2 लाख करोड़ का बिजनेस
प्रयागराज महाकुंभ में इस बार आस्था के साथ अर्थव्यवस्था का भी विशेष संगम देखने को मिलेगा। पौष पूर्णिमा से महाशिवरात्रि तक चलने वाले डेढ़ महीने के इस आयोजन में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि प्रति श्रद्धालु औसतन 5000 रुपए खर्च करेगा, जिससे कुल कारोबार लगभग 2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
जीडीपी में होगा 0.3% का योगदान इस कारोबार से सरकार को टैक्स के रूप में 25 हजार करोड़ रुपए की आमदनी होगी और देश की जीडीपी में 0.3% का योगदान होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, डेढ़ महीने का यह कारोबार संबंधित व्यवसायियों के लिए 8 महीने के नियमित कारोबार के बराबर होगा।

6 से 10 लाख अस्थायी रोजगार सृजित होंगे रोजगार के क्षेत्र में भी महाकुंभ बड़ा अवसर लेकर आ रहा है। स्टैफिंग रिक्रूटमेंट सर्विसेज और फर्स्ट मेरिडियन ग्लोबल की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान 6 से 10 लाख अस्थायी रोजगार सृजित होंगे। इनमें कुंभ की बसाहट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, परिवहन, डिजिटल सुरक्षा, मार्केटिंग, हॉस्पिटैलिटी और इवेंट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा मिलेगा। प्रसाद विक्रेता, नाई, पुरोहित, और पारंपरिक वस्तुओं के विक्रेताओं की आमदनी में भी काफी वृद्धि होगी। स्थानीय दुकानदारों का कारोबार भी सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।







