तीर्थराज प्रयागराज महाकुंभ की शुरुआत हो रही है. ऐसे में महाकुंभ के पहले दिन श्रद्धालुओं में संगम में डुबकी लगाने को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है. प्रयागराज के संगम तट पर आज से महाकुंभ का आगाज हो गया है. पौष पूर्णिमा का आज स्नान है. सुबह से ही श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगा रहे हैं. महाकुंभ 26 फरवरी तक चलेगा. बताया जा रहा है कि आज करीब 1 करोड़ श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाएंगे.
12 किमी एरिया में बने स्नान घाट श्रद्धालुओं से भरे हैं। सिर्फ संगम में हर घंटे 2 लाख लोग स्नान कर रहे हैं। आज से ही श्रद्धालु 45 दिन का कल्पवास शुरू करेंगे।
संगम पर एंट्री के सभी रास्तों पर भक्तों की भीड़ है। महाकुंभ के चलते वाहनों की एंट्री बंद है। श्रद्धालु बस और रेलवे स्टेशन से 10-12 किलोमीटर पैदल चलकर संगम पहुंच रहे हैं।
भीषण ठंड में विदेशी भक्त भी डुबकी लगा रहे हैं। ब्राजील के आए श्रद्धालु फ्रांसिस्को ने कहा- मैं योग का अभ्यास करता हूं। मोक्ष की खोज कर रहा हूं। भारत दुनिया का आध्यात्मिक हृदय है। जय श्रीराम।
60 हजार जवान सुरक्षा और व्यवस्था संभालने में लगे हैं। पुलिस कर्मी स्पीकर से लाखों की संख्या में आई भीड़ को मैनेज कर रहे हैं। जगह-जगह कमांडो और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान भी तैनात हैं।

एपल के को-फाउंडर स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स भी महाकुंभ पहुंच चुकी हैं। उन्होंने निरंजनी अखाड़े में अनुष्ठान किया। वह कल्पवास भी करेंगी।
महाकुंभ 144 साल में दुर्लभ खगोलीय संयोग में हो रहा है। महाकुंभ को लेकर गूगल ने भी खास फीचर शुरू किया। महाकुंभ टाइप करते ही पेज पर वर्चुअल फूलों की बारिश हो रही है।
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आज 1 करोड़ श्रद्धालु लगाएंगे डुबकी
प्रयागराज महाकुंभ मेला 2025 लाइव: महाकुंभ का आज से आगाज हो चुका है. आज पहला स्नान है. 13 जनवरी से लेकर 26 फरवरी तक में कुल तीन अमृत स्नान हैं. साथ ही तीन बड़े स्नान हैं. 14 जनवरी को पहला शाही स्नान है. पहने जूना अखाड़े के संत करेंगे. आज अबतक 65 लाख श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं.
14 जनवरी से शुरू होगा स्नान
दुनिया का सबसे बड़ा धात्मिक आयोजन का आज शुभारंभ होगा. कुंभ में आये हुए सभी अखाड़े आज से करेंगे कल्पवास. आज से कल्पवास शुरू होते ही अगले दिन 14 जनवरी मकर संक्रांति को होगा शाही स्नान. सबसे पहले नियमानुसार जूना अखाड़ा करेगा शाही स्नान. जूना अखाड़े के बाद एक के बाद एक सभी अखाड़े करेंगे शाही स्नान. धार्मिक ग्रंथो के अनुसार त्रिवेणी संगम पर स्नान करने से कई जन्मों के पाप कट जाते हैं. हर अखाड़े को तरह वर्षों बाद मिलता है सबसे पहले शाही स्नान का मौका. इसबार सबसे पहले जूना अखाड़ा करेगा शाही स्नान. 14 जनवरी को सुबह 4 बजे से शुरू हो जाएंगे शाही स्नान. आज यानी 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा के अवसर पर देश व दुनिया भर के श्रद्धालु गंगा में लगाये डुबकी. अपर मेला अधिकारी कुम्भ संजीव ओझा के द्वारा दी गई जानकारी. आज सभी साधु, संत, महंत, शंकराचार्य, पीठाधीश्वर, सरस्वती, नागा साधु करेंगे कल्पवास.
संगम तट पर उमड़ा आस्था का जनसैलाब
आज से प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत हो रही है. आज पौष पूर्णिमा का स्नान है. वैदिक पंचांग के अनुसार इस दिन स्नान के लिए सुबह 5:27 से लेकर सुबह 6:21 तक का सबसे शुभ माना गया है. वैसे ज्योतिष की माने तो पूर्णिमा तिथि पर दान आप किसी भी समय कर सकते हैं. महाकुंभ सनातन धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक और आध्यात्मिक पर्व है. महाकुंभ का आयोजन हर 12 सालों बाद किया जाता है. ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि महाकुंभ स्नान के पहले दिन एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी संगम में लगाएंगे.
महाकुंभ में होंगे तीन अमृत स्नान
प्रयागराज महाकुंभ में होंगे कुल 6 स्नान पर्व. इनमें से मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी पर होगा अमृत स्नान. प्रयागराज कुंभ मेले में कुल 6 स्नान पर्व होंगे. इसमें 3 अमृत स्नान पर्व होंगे और 3 स्नान पर्व होंगे. महाकुंभ मेला का पहला स्नान पर्व 13 जनवरी यानी सोमवार से शुरू होगा. पहला अमृत स्नान 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति पर होगा, दूसरा अमृत स्नान पर्व 29 जनवरी 2025 को मौनी अमावस्या पर होगा. तीसरा अमृत स्नान पर्व 2 फरवरी 2025 को बसंत पंचमी पर होगा, पांचवां स्नान पर्व 12 फरवरी 2025 को माघ पूर्णिमा पर होगा और आखिरी स्नान पर्व 26 फरवरी 2025 को महाशिवरात्रि पर होगा. इसी के साथ हो जाएगा महाकुंभ का समापन.
अभेद्द है महाकुंभ की सुरक्षा
आज से महाकुंभ महापर्व का आगाज हो चुका है. महाकुंभ के पहले दिन करीब 1 करोड़ लोग डुबकी लगाने वाले हैं. उम्मीद है कि इस बार के महाकुंभ में 40 से 50 करोड़ श्रद्धालु डुबकी लगाएंगे. वहीं इनकी सुरक्षा के लिए सरकार ने कड़ी व्यवस्था कर रखी है. पानी के अंदर 113 ड्रोन, कंट्रोल रूम से चौबीस घंटा निगरानी, एटीएस और एनएसजी के कमांडोज, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, पीएससी, पुलिस और एसटीएफ के जवान तैनात किए गए हैं. 2700 एआई कैमरे लगाए गए हैं. वहीं 7 रास्तों पर 102 पुलिस चौकी बनाई गई है. हाईटेक सीसीटीवी कंट्रोल रूम तैयार किया है. कुल 7 लेयर में महाकुंभ की सिक्योरिटी की गई है.







