पटना में बापू सेंटर पर 13 दिसंबर को हंगामे के बाद रद्द हुई BPSC 70वीं PT परीक्षा आज ली जा रही है। इसके लिए शहर में 22 सेंटर बनाए गए हैं। एक ही शिफ्ट में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक परीक्षा ली जा रही है। सुबह 9.30 बजे से एंट्री शुरू हुई। सेंटर पर पहुंचे डीएम चंद्रशेखर ने कहा है कि री एग्जाम के बाद प्रशांत किशोर पर एक्शन लिया जाएगा। डीएम ने कहा कि वो पब्लिक प्लेस धरना नहीं दे सकते। इस पर कोर्ट ने रोक लगा रखी है। हमारी तरफ से प्रशांत किशोर को लिखित नोटिस दिया है फिर भी नही हटे हैं।
वहीं सभी परीक्षा केंद्रों पर धारा 163 लागू है। परीक्षा केंद्र से 200 मीटर तक किसी को भी खड़े रहने की भी अनुमति नहीं है। पिछले बार हुई हंगामा के चलते जिला प्रशासन की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। डीएम डॉ. चंद्रशेखर सिंह और एसएसपी अवकाश कुमार ने प्रतिनियुक्त मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों को कदाचार करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सेंटर केन्द्र अधीक्षक को छोड़कर किसी के पास मोबाइल नहीं रहेगा। सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी।
आयोग ने माना था गड़बड़ी हुई
- 30 दिसंबर 2024 को छात्रों का एक डेलिगेशन मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा से मिले थे। उनकी ओर से पांच मांगों को रखा गया था।
- परीक्षा 13 दिसंबर को हुई थी। कैंडिडेट्स ने कहा था कि बापू सेंटर पर हुई परीक्षा का पेपर दिन में ही लीक हो गया था। आयोग ने भी गड़बड़ी मानी थी और दोबारा परीक्षा करवाने की बात कही थी। उसी दिन विरोध प्रदर्शन कर रहे एक कैंडिडेट को पटना कलेक्टर डॉ चंद्रशेखर सिंह ने थप्पड़ मार दिया था।
24 स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती
कदाचारमुक्त एग्जाम और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 24 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 22 जोनल मजिस्ट्रेट के अलावा 7 उड़नदस्ता दल को तैनात किया गया है। इनके साथ पुलिस पदाधिकारियों और सशस्त्र बलों की भी ड्यूटी लगी है। जिला नियंत्रण कक्ष में 14 मजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई है।
असामाजिक तत्वों और अफवाह फैलाने वाले लोगों के साथ पुलिस सख्ती से निपटेगी। सुबह 7 बजे से एग्जाम खत्म होने पर सेंटर्स से 200 मीटर की दूरी तक कैंडिडेट्स के अलावा किसी की एंट्री नहीं मिलेगी।
जिला प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन
1. किसी भी स्थिति में अनाधिकृत व्यक्ति या अभिभावक को एग्जाम सेंटर के अंदर एंट्री नहीं करना है।
2. सेंटर्स के 200 मीटर तक 5 या उससे अधिक लोगों को एक साथ खड़ा नहीं होना है।
3. किसी प्रकार के घातक हथियार और विस्फोटक सामग्री साथ लेकर नहीं चलना है।
4. जुलूस, प्रदर्शन और सड़क जाम पर प्रतिबंध है।
5. निजी या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना अपराध है।
6. वाहन या यातायात को बेवजह रोकना अपराध है।
7. ध्वनि विस्तारक यंत्र या लाउड स्पीकर बजाने पर प्रतिबंध रहेगा।
बीपीएससी पीटी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर राजधानी पटना मे तीन जनवरी को राजनीतिक दलों के साथ-साथ छात्र संगठन से जुड़े नेता भी सड़क पर उतर आए थे. पप्पू यादव बीपीएससी की 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करवाने की मांग को लेकर शुक्रवार को बिहार मे चक्का जाम का आह्वान किया गया था. राजनीतिक दलों और छात्र संगठनों की ओर से बुलाये गए चक्का जाम को लेकर शुक्रवार को पटना का जनजीवन अस्त व्यस्त रहा. इसको देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने शुक्रवार को पूर्णिया सांसद पप्पू यादव समेत कई राजनीतिक दलों के विधायकों और नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करायी है.
पप्पू यादव और उनके समर्थकों के अलावा छात्र संगठनों के लोग बिहार के कई जिलों में सड़कों पर उतर आए थे. सभी लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. बीपीएससी री-एग्जाम की घोषणा नहीं की गई तो पप्पू यादव और उनको समर्थकों ने चेतावनी दी कि जल्द ही 2025 में 74 से भी बड़ा बिहार में आंदोलन किया जायेगा. बिहार बंद के दौरान राजधानी पटना समेत कई जिलों में वाहनों को रोका गया और सड़क पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई. इसी मामले पर वामपंथी दलों तथा कांग्रेस के द्वारा अपने छात्र संघ के प्रतिनिधियों के साथ लगभग 150 की संख्या में कारगिल चौक से जेपी गोलम्बर होते हुए डाकबंगला चौराहा तक जुलूस निकाल कर यातायात बाधित कर दिया.
पटना जिला प्रशासन ने समर्थकों द्वारा हुड़दंग कर विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करने के आरोप में माले के विधायकों गोपाल रविदास, संदीप सौरभ, सुर्यकांत पासवान, महबूब आलम, सत्यदेव राम, अजीत कुशवाहा, सत्येन्द्र यादव, श्रीप्रकाश रंजन, अमरजीत कुशवाहा के अलावा कांग्रेस विधायक शकील अहमद खा और अन्य अज्ञात लोगों के विरूद्ध कोतवाली थाना में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है. जीआरपी थाने में सांसद पप्पू यादव के अलावा राजू दानवीर, राजीव, अभिजित सिंह, फैजान अहमद, प्रेमचंद्र सिंह, सूरज गुप्ता, पुरुषोत्तम कुमार सिंह पर एफआईआर दर्ज किया गया. यही नहीं पटना पुलिस ने कोचिंग संचालक गुरु रहमान पर भी केस दर्ज कर दिया है. गुरु रहमान के अलावा कई कोचिंग संचालकों पर छात्रों को भड़काने का आरोप लगाया है और इन सभी के खिलाफ गर्दनीबाग थाने में केस दर्ज किया गया है.
मुजफ्फरपुर में प्रशांत किशोर के खिलाफ परिवाद दायर
वहीं, जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर परिवाद दायर हुआ है. मुजफ्फरपुर जिले के कांटी के रहने वाले लड्डू सहनी ने प्रशांत किशोर पर परिवाद दायर कर आरोप लगाया है कि BPSC 70वीं परीक्षा में अनिमियता को लेकर छात्र जेपी गोलम्बर के पास धरना पर बैठे थे, तभी प्रशांत किशोर जबरन छात्रों को डरकार, धमकाकर प्रतिबंधित क्षेत्र में ले गए जहां छात्रों पर लाठी चार्ज किया गया. उन छात्रों में मेरे रिश्तेदार के बच्चे भी शामिल थे. इससे मर्माहत होकर मैंने परिवाद दायर मुजफ्फरपुर कोर्ट में किया है, जिसकी सुनवाई 10 तारीख को होनी है. वहीं अधिवक्ता प्रकाश कुमार ने बताया कि परिवादी के तरफ परिवाद पत्र दायर किया गया है, जिसमे कई जुर्म दफा लगाया गया है और इसको न्यायालय ने स्वीकृत कर लिया है.10 जनवरी को सुनवाई की तिथि तय की गई है.
इधर करीब 15 दिन से गर्दनीबाग में अभ्यर्थी पूरे एग्जाम के कैंसिल करने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। दूसरी ओर जनसुराज के संस्थापक गुरुवार शाम 5 बजे से गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति के नीचे आमरण अनशन पर बैठे हैं।
परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर प्रदर्शन
BPSC की प्रारंभिक परीक्षा 13 दिसंबर को बिहार के 912 सेंटरों पर हुई थी। पटना के बापू परीक्षा परिसर में अभ्यर्थियों ने धांधली का आरोप लगाया था। इसके बाद बापू परीक्षा सेंटर की परीक्षा रद्द कर दी गई थी। आयोग ने 4 जनवरी को एक सेंटर पर फिर से एग्जाम लेने का नोटिफिकेशन निकाला। अभ्यर्थी लगातार मांग कर रहे हैं कि BPSC प्रारंभिक परीक्षा फिर से हो। इसको लेकर अभ्यर्थी गर्दनीबाग पर धरना दे रहे हैं।
शुक्रवार को महागठबंधन छात्र संगठन ने पटना में जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। सीएम आवास का घेराव करने निकले छात्र संगठनों को पुलिस ने रोक दिया। इसके अलावा पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के समर्थकों ने बिहार रेल चक्का जाम किया। खुद पप्पू यादव पटना की सड़कों पर उतरे।







