जन सुराज पार्टी के संयोजक प्रशांत किशोर ने पटना के गांधी मैदान में छात्र सांसद बुलाई थी और इसके तहत वह छात्रों और उनके अभिभावकों से संवाद करने वाले थे. लेकिन, पटना जिला प्रशासन ने इस कार्यक्रम के आयोजन को अनुमति देने से इनकार कर दिया है. जिला प्रशासन ने 45 दिन पहले आवेदन दिए जाने का हवाला देते हुए इस कार्यक्रम पर रोक लगा दी है और कहा है कि गांधी मैदान में पर्याप्त जगह नहीं है. पटना के एडीएम लॉ एंड ऑर्डर के निर्देश में साफ तौर पर कहा गया है कि पटना के गांधी मैदान में फिलहाल किसी दूसरे कार्यक्रम के लिए जगह नहीं है और इसकी इजाजत नहीं दी जाएगी.
बता दें कि जन सुराज पार्टी ने शुक्रवार की शाम को पटना जिला प्रशासन को आवेदन दिया था, लेकिन पटना जिला प्रशासन ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है. प्रशासन ने यह भी साफ तौर पर कह दिया है कि गांधी मूर्ति के नीचे किसी भी प्रकार के आयोजन की अनुमति नहीं दी जाती है. वहीं, वर्तमान में गांधी मैदान में कई तरह के मेले और महोत्सव चल रहे हैं, जिसके कारण नए कार्यक्रम की अनुमति देना भी संभव नहीं है.
आंदोलन पर हैं बीपीएससी अभ्यर्थी
गौरतलब है कि बिहार में बीपीएससी 70वीं पीटी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर अभ्यर्थी आंदोलनरत हैं. परन्तु बिहार लोक सेवा आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी सूरत में परीक्षा रद्द नहीं होगी, क्योंकि पेपर लीक के कोई भी सबूत नहीं है. बीपीएससी ने दलील दी है कि पेपर लीक के कोई भी सबूत अब तक नहीं मिले हैं इस कारण इस परीक्षा को रद्द नहीं किया जाएगा. वहीं, अभ्यर्थी इस मांग पर अड़े हुए हैं कि परीक्षा को रद्द कर दिया जाए.
जिला प्रशासन ने पीके का प्लान फेल किया!
बता दें कि शुक्रवार को बीपीएससी परीक्षार्थियों को लेकर आंदोलन अभ्यर्थियों से प्रशांत किशोर ने मुलाकात की थी और उन्हें अपने आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए रणनीति बनाने का आह्वान किया था. उन्होंने छात्रों और उनके अभिभावकों को शनिवार को 29 दिसंबर को गांधी मैदान पहुंचने की अपील की थी, ताकि आंदोलन के अगले चरण की योजना बनाई जा सके. लेकिन, पटना जिला प्रशासन ने उनकी योजना पर पानी फेर दिया है और अब यह कार्यक्रम गांधी मैदान में नहीं हो पाएगा.
वहीं, प्रशांत किशोर के इस कार्यक्रम को अनुमति नहीं दिए जाने को लेकर राजनीतिक भी तेज हो गई है. जन सुराज पार्टी ने इसे छात्रों और अभ्यर्थियों की आवाज दबाने की साजिश कहा है. पार्टी के प्रवक्ता ने कहा है कि सरकार के लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के प्रति नकारात्मक रवैया को दर्शाता है. वहीं, बीपीएससी अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर पटना और आसपास के क्षेत्र में आवाज मुखर होती जा रही है.
छात्रों की मांग के साथ-साथ सियासत भी
दरअसल, बीपीएससी के छात्र इस मुद्दे पर राज्य सरकार से जवाब की मांग कर रहे हैं, लेकिन ना तो बिहार लोक सेवा आयोग और ना ही बिहार सरकार की ओर से उन्हें कोई भी आश्वासन मिला है. इस बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ ही जन सुराज पार्टी के प्रशांत किशोर और विभिन्न कोचिंग संस्थानों के संचालक भी छात्रों के साथ खड़े होने की बात कह रहे हैं और इस मुद्दे को अंजाम तक ले जाने का दावा कर रहे हैं.







