शिवहर में प्रगति यात्रा के क्रम में सीएम नीतीश कुमार आज गुरूवार को 187 करोड़ की लागत वाले 230 योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर लोगों को तोहफा देंगे। वे 53 योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। जबकि 177 योजनाओं का शिलान्यास करेंगे। प्रगति यात्रा के क्रम में गुरुवार को 11.30 बजे सीएम हेलीकॉप्टर से शिवहर पहुंचेंगे।
वहां से पिपराही प्रखंड के मैसौढा जाएंगे जहां विभिन्न योजनाओं का भ्रमण कर जायजा लेने के बाद वहीं से विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इसको लेकर हर स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है।पिपराही खेल मैदान परिसर में योजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास से संबंधित शिलापट्ट लगाया गया है।
यातायात व्यवस्था में भी बदलाव
सीएम जिन योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। उसमें जिला पंचायत संसाधन केंद्र, जिला अतिथि गृह भवन, बडौदा स्वरोजगार विकास संस्थान का भवन तथा मेसौढा पंचायत सरकार भवन, सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा वे मातृ शिशु अस्पताल भवन, जीएनएम स्कूल भवन, पिछड़ा अति पिछड़ा वर्ग छात्रावास भवन सहित अन्य योजनाओं का शिलान्यास करेंगे।
सीएम के कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शिवहर से लेकर पिपराही प्रखंड मुख्यालय तक जगह-जगह सड़कों का वैरर्केटिंग किया गया है। जहां जगह-जगह पुलिस वालों की तैनाती रहेगी। शिवहर से लेकर कुशहर तक जगह-जगह मार्केटिंग किया गया है और ड्राप गेट बनाया गया है।
जिस पर पुलिस वालों की तैनाती की गई है। प्रमुख सड़कों के मुख्य द्वार पर ड्रॉप गेट बनाया गया है ताकि सीएम के आने-जाने के समय उसको बंद कर दिया जाएगा। शिवहर शहर की यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है।
सीएम नीतीश कुमार आज अपनी प्रगति यात्रा के दौरान सीतामढ़ी पहुंचेंगे। इस दौरान वो पिछले 5 साल से बंद पड़े रीगा चीनी मिल का भी उद्घाटन करेंगे। इसके बाद मनियारी गांव में अन्य योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। सीतामढ़ी में 1932 में स्थापित रीगा चीनी मिल साल 2019 में बंद हो गई थी।
सीतामढ़ी जिले में चार साल से बंद रीगा चीनी मिल अब चालू हो जाएगा. इसका उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समेत अन्य मंत्री 26 दिसंबर को करेंगे. चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक पी. देवराजुलु ने ये जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि चीनी मिल का सीएम नीतीश कुमार, केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी और सूबे के दोनों डिप्टी सीएम संयुक्त रूप से करेंगे. तीन वर्षों के बाद इस मिल का विस्तार किया जाएगा. इससे मिल प्रबंधन, किसान व स्थानीय कारोबारी सब को लाभ मिलेगा.
मिल में इन चीजों का होगा विस्तार
मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि विस्तार के क्रम में इस मिल की पेराई क्षमता का विस्तार 5000 टीसीडी से बढ़कर 10000 टीसीडी तक किया जाएगा. डिस्टिलरी का विस्तार 45 केएलपीडी से 545 केएलपीडी तक, बिजली की आपूर्ति 11 मेगावाट से 50 मेगावाट तक करने के साथ ही प्रेस्डमड से 20 टीडीपी सीबीजी (कम्प्रेस्ड बायो गैस प्लांट) स्थापित किए जाएंगे. मुख्य महाप्रबंधक ने यह भी बताया कि पूर्व में जितने भी मजदूर इस मिल में काम करते थे, उन सबों की सेवा की जायेगी.
मुख्य महाप्रबंधक ने कहा किसी का साथ नहीं छोड़ा जाएगा. सभी कामगार स्थानीय होंगे. मिल के मालिक मरूगेश आर. के कर्नाटक मिल में 30 प्रतिशत कामगार बिहार के ही हैं. रीगा चीनी मिल को नए टेक्नोलॉजी से लैस किया जाएगा. इससे पूर्व यहां के किसानों को गन्ना के नए प्रभेद की खेती के लिए बीज उपलब्ध कराने के साथ ही तकनीकी जानकारी भी दी जाएगी. उन्होंने कहा कि यह चीनी मिल चालू होने जा रहा है, इसमें स्थानीय किसान नेता नागेंद्र प्रसाद सिंह का भी पूरा सहयोग मिला है.
मालिक मरूगेश निरानी ने वादा किया पूरा
चीनी मिल के नए मालिक ने मरूगेश आर. निरानी ने कुछ माह पूर्व दिसंबर में मिल को हर हाल में चालू करने की घोषणा की थी. वे मेसर्स निरानी सुगर, बंगलोर के चेयरमैन है. अपने वादे के मुताबिक निरानी मिल को नीयत समय पर चालू कराने जा रहे है. 26 को मिल के उद्घाटन के साथ ही क्षेत्र के करीब 40 हजार लोगों को प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा और वे आर्थिक रूप से संबल और खुशहाल होंगे.
मिल मालिक निरानी करीब 25 वर्षों से चीनी मिल के कारोबार में है. कहते हैं कि वे किसान परिवार से है. इस लिहाज से किसानों की स्थिति जनता हूं. इस क्षेत्र के लोग हार्ड वर्क करते है. उनकी कोशिश राजनीति से दूर रह किसानों के हित के बारे में सोचने की रहेगी. अधिक से अधिक रोजगार देने की पूरी कोशिश करूंगा. इधर, नए मिल मालिक से क्षेत्र के किसानों को काफी उम्मीदें हैं. लोगों को लगता नहीं था कि यह मिल फिर कभी चालू हो पायेगा, लेकिन मिल को खुद के हाथों में लेकर निरानी ने उन तमाम कयासों पर विराम लगा दिया.
पूर्व के चीनी मिल मालिक के जरिए समय पर किसानों को गन्ना का भुगतान नहीं किया जाता था. इस समस्या का समाधान न जिला प्रशासन और न राज्य सरकार ही कर सकी थी. किसानों के लिए भुगतान एक बड़ी समस्या थी. हालांकि अब किसानों को आसानी से भुगतान की पूरी उम्मीद है. कारण है कि कर्नाटक राज्य के मूल निवासी चेयरमैन निरानी ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा है कि वे हर सप्ताह गन्ना आपूर्ति के एवज में किसानों को भुगतान करेंगे. मिल मालिक निरानी की माने, तो फिलहाल इस मिल की क्षमता 11 मेगावाट बिजली उत्पादन की है. इसे बढ़ाकर 20 मेगावाट करेंगे. सरकार को भी बिजली की आपूर्ति करेंगे.
अधिकारी लगातार ले रहे मिल का जायजा
26 दिसंबर को सीएम के चीनी मिल का उद्घाटन करने को लेकर वहां भी प्रबंधन की ओर से तैयारी की जा रही है. डीएम रिची पांडेय समेत अन्य वरीय अधिकारी लगातार मिल में पहुंच कर तैयारी का जायजा ले रहे हैं. गौरतलब है कि गन्ना पिछले 4 सालों से मिल के बंद रहने से 40 हजार गन्ना किसानों के साथ हजारों कामगार, छोटे-बड़े दुकानदार, व्यापारी, वाहन कारोबारी, उनसे जुड़े परिवार के कम से कम 5 लाख की आबादी बुरी तरह प्रभावित हुई है. इन सभों के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई थी. मिल चालू होने से लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक होगी और पुराने दिन फिर लौट आएंगे.







