हरियाणा के सूरजकुंड में भाजपा नेताओं के दो दिनों तक मंथन के के साथ ही फिर स्पष्ट कर दिया है गया है कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाएगा. इस बीच जेडीयू ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक पोस्टर जारी कर नीतीश कुमार का मतलब समझा दिया है. एनडीए के भीतर की राजनीति को समझने वाले इस का अर्थ भी निकल रहे हैं. जिस तरह से प्रगति यात्रा में नीतीश कुमार खामोशी के साथ अकेले ही आगे बढ़ रहे हैं, और इस यात्रा में दोनों डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा साथ नहीं हैं यह सीधा-सीधा सियासी संदेश है कि नीतीश कुमार अपनी शर्तों पर राजनीति करते हैं.
दरअसल, जेडीयू को पोस्टर में बताया गया है कि नीतीश मतलब सबकी स्वीकार्यता, नीतीश मतलब बिहार का विकास, नीतीश मतलब नौकरी और रोजगार, नीतीश मतलब सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, नीतीश मतलब सर्वोत्तम विकल्प इसलिए तो 2025 फिर से नीतीश. वहीं, दूसरी ओर नीतीश कुमार के नेतृत्व को लेकर कोई कंफ्यूजन नहीं है. एनडीए ने साफ कर दिया है कि 2025 में नेतृत्व में नीतीश कुमार ही चुनाव लड़ेंगे. हरियाणा के सूरजकुंड में बिहार बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक भी यह साफ कर दिया है कि नीतीश कुमार का नेतृत्व और पीएम नरेंद्र मोदी का नेतृत्व ही के डबल इंजन के साथ ही चुनाव में जाएंगे.
नीतीश कुमार को लेकर जेडीयू का पोस्टर.
भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि एनडीए में नीतीश कुमार के नेतृत्व को लेकर विपक्ष द्वारा अफवाह फैलाया जा रहा है. गिरिराज सिंह, प्रेम कुमार, दिलीप जायसवाल जैसे सभी नेता एक के बाद आगे आए और साफ कर दिया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही सरकार चल रही है और आगे भी चलती रहेगी. इसके पहले बिहार के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने भी यही बात दोहराई थी. वहीं, दिल्ली में हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भी यही बात कही गई.
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी साफ तौर पर कह दिया है कि 2025 का चुनाव भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा. पूरे हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा भी दमखम के साथ तैयार है. हम के नेता और मंत्री संतोष सुमन ने भी कहा है कि नीतीश कुमार की कोई नाराजगी नहीं है एनडीए में सब एक है. नीतीश कुमार की यात्रा में बीजेपी से मंत्री नहीं होने के सवाल पर संतोष सुमन ने कहा कि भाजपा का कार्यक्रम चल रहा था सब मंत्री वहीं पर व्यस्त थे.







