पटना में आयोजित जदयू की पटना महानगर इकाई के कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार शामिल हुए। वहीं पटना महानगर जिलाध्यक्ष आसिफ कमाल ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम के दौरान मंक्षी श्रवण कुमार ने सीएम नीतीश कुमार के कार्यों को जमकर सराहा।
कार्यक्रम के दौरान मंक्षी श्रवण कुमार ने सीएम नीतीश कुमार के कार्यों को जमकर सराहा।
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पूरे बिहार के उत्थान में लगे हैं। उनकी पहल पर 1.2 लाख महिलाओं को दो-दो लाख रुपये की विशेष सहायता दी जा रही है।
10 लाख से ज्यादा महिलाओं के जीविका समूह चल रहे
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि महिलाओं के 10.63 लाख जीविका समूह चल रहे हैं।
सरकार के स्तर पर तालाब के रखरखाव एवं बकरी पालन के लिए भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
सरस मेला में पहली बार बिहार की महिला उद्यमियों को स्टाल लगाने में प्राथमिकता दी गई है।
संवाद यात्रा को लेकर चर्चा में
बिहार में अगले साल होने वाले चुनाव से पहले सीएम नीतीश कुमार महिलाओं पर सबसे ज्यादा फोकस कर रहे हैं। महिलाएं सीएम नीतीश का सबसे बड़ा वोट बैंक मानी जाती है, जिनकी वजह से प्रदेश में शराबबंदी जैसे फैसले भी लिए गए हैं। अब सीएम महिला संवाद कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं से जुड़ी योजनाओं का जायजा लेंगे।
सीएम नीतीश ने किया आरक्षण दिलाने का काम
जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने इस मौके पर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासनकाल में सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक रूप से स्थान दिलाने को आरक्षण दिया गया। पहले की सरकार अनुसूचित जाति के लोगों का इस्तेमाल केवल वोट बैंक के रूप में करती थी।
कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए हुआ काम
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने इस अवसर पर कहा कि नीतीश कुमार के शासनकाल में कमजोर वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए काम हुआ है। महिलाओं के लिए नीतीश कुमार ने जो काम किया, वह देश स्तर पर एक मॉडल के रूप में है।
जदयू के प्रदेश उपाध्यक्ष व विधान पार्षद रवींद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ राज्य में सभी को मिले, इस दिशा में आने वाले समय में पार्टी लक्ष्य तय कर काम करेगी। प्राथमिक संगठन को भी मजबूत करना है।
कई दिग्गज नेता हुए शामिल
कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यक्रम में पूर्व सांसद चंद्रेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी, पूर्व मंत्री जयकुमार सिंह, कहकशां परवीन, रामसेवक सिंह, ललित नारायण मंडल, अरुण मांझी, निहोरा प्रसाद यादव और अरविंद निषाद भी मौजूद थे।







