संभल में हुई हिंसा के बाद विपक्षी दलों की तरफ से सरकार पर लगातार हमले हो रहे हैं. इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) बुधवार को दिल्ली से संभल जाने के लिए निकली. पुलिस की तरफ से कांग्रेस नेताओं को संभल जाने से रोकने के लिए जगह-जगह पर बैरिकेडिंग लगाए गए हैं. दोनों ही नेताओं को पुलिस ने गाजिपुर बॉर्डर पर ही रोक दिया.
विपक्ष के नेता राहुल गांधी को हिंसा प्रभावित संभल जाने से रोके जाने पर कुछ विपक्षी सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट किया. राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य कांग्रेस नेता सुबह संभल जाने के लिए गाजीपुर सीमा पर पहुंचे थे. वहां भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच उन्हें आगे नहीं जाने दिया गया.
राहुल गांधी को संभल जाने से रोके जाने पर सपा के चीफ अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार क्या छिपाना चाहती है? पहले दिन से ही समाजवादी पार्टी समेत सभी ने कहा है कि संभल प्रशासन ने जो कुछ भी किया है, वह भाजपा के निर्देश पर किया है… वे किसी भी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को संभल जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं. वे क्या छिपाने की कोशिश कर रहे हैं?”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि प्रदर्शन के दौरान संसद भवन में एंट्री बाधित न हो, ताकि सदस्यों को असुविधा न हो. उन्होंने कहा कि सदस्यों का आचरण ऐसा होना चाहिए जिससे सदन की गरिमा बनी रहे.
उत्तर प्रदेश स्थित संभल में हिंसा के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी की अगुवाई में सांसद आज जिले का दौरा करेंगे. इससे पहले कई जिलों की पुलिस अलर्ट है.
यूपी पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर, छिजारसी टोल प्लाजा, ब्रजघाट टोल प्लाजा, अमरोहा बॉर्डर, संभल बॉर्डर पर बेरिकेड्स लगाए हैं.
लोकसभा नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के आज हिंसा प्रभावित संभल का दौरा करने की संभावना के कारण बृजघाट, अमरोहा में पुलिस बैरिकेडिंग लगाई गई है.
सुबह 10.30 बजे राहुल गांधी संभल के लिए रवाना हुए. इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ता भी दिल्ली यूपी बॉर्डर पर जुटे हैं.संभल में 10 दिसंबर तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है.संभल के जिला कलेक्टर ने आसपास के जिलों के कलेक्टर को राहुल गांधी और उनके पार्टी के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पत्र भी लिखा है.कांग्रेस का कहना है कि संभल में मौजूदा समय में धारा 163 लागू है, तो ऐसी स्थिति में प्रशासन को पार्टी की तरफ से पांच लोगों को तो जाने की इजाजत देनी ही चाहिए.
दूसरी ओर संभल हिंसा के आरोपियों से मुलाकात करने में मुरादाबाद के जेलर और डिप्टी जेलर सस्पेंड. मुरादाबाद के जेल अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को लिखा गया. संभल हिंसा में गिरफ्तार किए गए आरोपियों से समाजवादी पार्टी के स्थानीय नेता बिना जेल मैन्युअल का पालन किया ही मुलाकात करने पहुंच गए थे







