बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 2025 विधानसभा चुनाव के पहले एक बार फिर से बिहार में यात्रा पर निकलेंगे. सीएम नीतीश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के बाद महिला संवाद यात्रा पर निकलने वाले हैं. महिला संवाद यात्रा सीएम नीतीश कुमार की 15वीं यात्रा होगी, जिसके माध्यम से वो राज्य भर में महिलाओं से मुखातिब होंगे. बिहार कैबिनेट ने नीतीश की महिला संवाद यात्रा पर 225 करोड़ रुपए के खर्च के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. सीएम की यात्रा का जिम्मा ग्रामीण विकास विभाग के जिम्मे होगा. मिली जानकारी के अनुसार, अभी यात्रा की तारीख तय नहीं हुई है, लेकिन संभावना है कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र (25 से 29 नवंबर) के बाद मुख्यमंत्री दिसंबर के पहले सप्ताह में यात्रा पर निकलेंगे.
राजनीति के लिहाज से देखा जाए तो बिहार में महिलाएं नीतीश कुमार की बड़ी वोट बैंक हैं. इसलिए विधानसभा चुनाव 2025 से पहले नीतीश महिलाओं का मन टटोलने के लिए बिहार की यात्रा करने जा रहे हैं. राजनीति के जानकारों का भी मानना है कि नीतीश कुमार महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय शख्सियत हैं. चुनावी माहौल जैसा भी हो नीतीश की महिला वोट बैंक पर पूरी पकड़ रहती है. नीतीश कुमार की शराबबंदी, स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने जैसी नीतियों के अलावा बिहार में महिलाओं को चुनाव से नौकरी तक में आरक्षण और जीविका दीदियों को विभिन्न तरह के काम और रोजगार के मौके देने जैसी बड़ी पहल है.
सवालों के जवाब ढूंढने निकलेंगे नीतीश कुमार
राजनीति के जानकार कहते हैं कि हाल में जब पटना हाईकोर्ट ने शराबबंदी को लेकर तल्ख टिप्पणी की है तो इसके खिलाफ एक माहौल बना है. पटना उच्च न्यायालय ने कहा था कि माफियाओं के कब्जे में सारा तंत्र है और पुलिस से मिलीभगत के कारण शराबबंदी सफल नहीं है और यह अपने लक्ष्य से भटक गया है. अब जब सीएम नीतीश कुमार महिला संवाद यात्रा पर निकलेंगे तो उनका फोकस यह होगा कि शराबबंदी की जमीनी हालात का जायजा लेंगे. सीएम नीतीश ने जब बिहार में 2016 में शराबंदी लागू की थी तो इससे पहले महिलाओं की राय को ही आधार बनाया था. अब एक बार फिर इस पर उठ रहे सवालों को वह इसी महिलाओं से संवाद और विमर्श कर जवाब ढूंढेंगे.
नीतीश कुमार अब तक 14 यात्रा कर चुके
बता दें कि नीतीश कुमार ने सत्ता संभालने के बाद वर्ष 2005 में सबसे पहली बार बिहार की यात्रा की थी. लालू यादव और राबड़ी देवी की सत्ता से विदाई करानेवाले इस यात्रा का नाम न्याय यात्रा था. इसके बाद नीतीश कुमार ने अलग-अलग समय पर अलग-अलग वजह और मकसद से यात्राएं कीं. नीतीश ने लोकसभा चुनाव 2009 से पहले जनवरी में विकास यात्रा की, तो जीत के बाद जून में धन्यवाद यात्रा पर निकल गए. इसके बाद दिसंबर में प्रवास यात्रा की जिसका मकसद बिहार विधानसभा चुनाव 2010 से पहले सरकार के चार साल की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाना था.
चुनाव से पहले नीतीश ने 2010 के अप्रैल में विश्वास यात्रा की जिससे उनका वोट बैंक बेहद मजबूत हुआ. इस चुनाव में जेडीयू 115 सीट के साथ राज्य में अपने सबसे शानदार प्रदर्शन तक पहुंची. विधानसभा चुनाव में भारी जीत के बाद नीतीश ने 2011 में सेवा यात्रा की, तो 2012 में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने की मांग के साथ अधिकार यात्रा पर निकल गए. लोकसभा चुनाव 2014 से पहले नीतीश ने संकल्प यात्रा की, लेकिन चुनाव में नुकसान हुआ.
अपनी यात्रा के जरिये फिर जानेंगे जमीन के हालात
लोकसभा चुनाव के झटके से उबरकर बिहार विधानसभा चुनाव 2015 से पहले नीतीश नवंबर 2014 में संपर्क यात्रा पर निकले. 2015 में महागठबंधन सरकार बनने के बाद नीतीश कुमार ने सात निश्चय लागू किया. 2016 में निश्चय यात्रा करने निकले. नीतीश ने 2017 में समीक्षा यात्रा, 2019 में जल जीवन हरियाली यात्रा, 2021 में समाज सुधार यात्रा और 2023 में उन्होंने समाधान यात्रा की. एक बार फिर से 2024 में नीतीश की संवाद यात्रा आधी आबादी के नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है.







