लोकसभा में विपक्ष के नेता (LoP) और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दो दिन के जम्मू-कश्मीर दौरे पर हैं। दोनों नेता 21 अगस्त की शाम श्रीनगर पहुंचे।
नेशनल कॉन्फ्रेंस-कांग्रेस के बीच बुधवार को सीट शेयरिंग पर चर्चा हुई है। कांग्रेस, NC के साथ गठबंधन की संभावना तलाश रही है। इसलिए आज फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला भी राहुल-खड़गे से मुलाकात कर सकते हैं।
शाम 4 बजे राहुल-खड़गे जम्मू में कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। फिर दिल्ली रवाना हो जाएंगे। चर्चा है इस दौरान प्री-पोल अलायंस के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) नेता उमर अब्दुल्ला से मुलाकात हो सकती है।
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा ने एनसी महासचिव अली मोहम्मद सागर के साथ मीटिंग की। इस दौरान कांग्रेस ने कश्मीर से 12 सीटों की मांग की। साथ ही जम्मू में एनसी को इतनी ही सीटें देने की पेशकश की।
हालांकि, एनसी नेता घाटी से इतनी सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ने के लिए तैयार नहीं दिखे। बाद में, एनसी नेताओं ने कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे को लेकर अब्दुल्ला से मुलाकात की और उनके साथ कांग्रेस की मांग पर चर्चा की।
राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की बड़ी बातें:
वैसे हम आपको कार्यकर्ता कहते हैं लेकिन आप परिवार हो। राज्यों में अलग-अलग चुनाव हो रहे हैं। जैसे ही हमें पता लगा कि चुनाव होने हैं तो खड़गे जी और मैंने तय किया कि हम सबसे पहले जम्मू-कश्मीर आएंगे। हम पूरे देश को मैसेज देना चाहते हैं कि हमारे लिए यहां का प्रतिनिधित्व करना और उनका स्टेटहुड वापस दिलाना सबसे जरूरी है।
झेलम किनारे कश्मीरी फूड और लाल चौक पर आइसक्रीम खाने पहुंचे
एक अधिकारी ने बताया कि राहुल और खड़गे देर शाम श्रीनगर के मशहूर अहदूस रेस्टोरेंट में डिनर करने पहुंचे। यह रेस्टोरेंट कश्मीरी खान-पान के लिए प्रसिद्ध है। यहां से झेलम नदी का नजारा दिखता है। अभी यह पता नहीं चल पाया है कि राहुल रेस्टोरेंट में सिर्फ डिनर करने गए थे या किसी से मिलने गए थे।
हालांकि, पोलो व्यू रेसिडेंसी रोड एरिया स्थित रेस्टोरेंट में राहुल के अचानक पहुंचने से वहां मौजूद सभी लोग काफी हैरान थे। होटल के चारों ओर कड़ी सुरक्षा तैनात की गई थी। डिनर के बाद राहुल लाल चौक पर एक आइसक्रीम पार्लर पहुंचे।
जम्मू और कश्मीर में 90 विधानसभा सीटें
जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग ने 5 मई 2022 को अपनी रिपोर्ट पेश की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू और कश्मीर में 90 विधानसभा सीटें और 5 संसदीय सीटें यानी लोकसभा सीटें होंगी। डिवीजन की नजर से देखें तो जम्मू डिवीजन में 6 सीटें बढ़ाकर 43 विधानसभा सीटें की गईं और कश्मीर घाटी में 1 सीट जोड़कर 47 सीटें बनाईं गईं।
जम्मू डिवीजन के सांबा जिले में रामगढ़, कठुआ में जसरोता, राजौरी में थन्नामंडी, किश्तवाड़ में पड्डेर-नागसेनी, डोडा में डोडा पश्चिम और उधमपुर में रामनगर सीट जोड़ी गईं। वहीं, कश्मीर घाटी में कुपवाड़ा जिले में त्रेहगाम नई सीट शामिल की गई। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर में लोकसभा की 5 सीटें बनाईं गईं, जो बारामूला, श्रीनगर, अनंतनाग-राजौरी, उधमपुर और जम्मू हैं।
NC-PDP को साथ लाने की कोशिश में कांग्रेस
कांग्रेस NC और महबूबा मुफ्ती की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) से गठबंधन करना चाहती है। कांग्रेस महासचिव जीए मीर ने 18 अगस्त को कहा था कि NC और PDP के लिए राज्य का मुद्दा निजी मुद्दों से ऊपर होना चाहिए। जम्मू-कश्मीर में तीनों पार्टियों को मिलकर चुनाव लड़ने की जरूरत है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गांधी परिवार पूर्व CM गुलाम नबी आजाद की भी पार्टी में वापसी चाहता है। इसके लिए सीनियर नेताओं को उनसे बात करने के लिए कहा गया है। हालांकि, उनकी पार्टी ने इसे खारिज किया है।
फारूक ने कहा था- चुनाव से पहले गठबंधन नहीं करेंगे
हालांकि, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) चुनाव से पहले गठबंधन नहीं करना चाहती है। NC के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने 7 अगस्त को कहा था कि जम्मू-कश्मीर में पार्टी को अपने दम पर बहुमत मिलेगा।
लोकसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस INDIA ब्लॉक का हिस्सा थी। तब जम्मू संभाग की 2 और केंद्र शासित लद्दाख की एकमात्र सीट कांग्रेस को दी गई थी। वहीं, कश्मीर की तीनों सीटों पर NC ने अपने उम्मीदवार उतारे थे।
कांग्रेस जम्मू की दोनों सीटें हार गई थी, जबकि लद्दाख में NC के बागी नेता मोहम्मद हनीफा को जीत मिली थी। कश्मीर में 2 सीटों पर NC जीती थी, लेकिन बारामूला सीट पर पार्टी के सीनियर लीडर और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को हार का सामना करना पड़ा था।
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 19 अगस्त को अपना घोषणापत्र जारी किया था। इसमें आर्टिकल-370 और राज्य का विशेष दर्जा वापस दिलाने, भारत-पाकिस्तान वार्ता पर जोर देने और सभी राजनीतिक कैदियों की रिहाई समेत कई वादे किए गए हैं।
2 दिन पहले कांग्रेस की पहली लिस्ट पर हुई थी बैठक
जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव को लेकर दिल्ली 19 अगस्त को कांग्रेस की बैठक हुई थी। बैठक में खड़गे और राहुल गांधी के साथ कांग्रेस की इलेक्शन स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य भी मौजूद थे। बैठक में उम्मीदवारों के सेलेक्शन प्रोसेस और प्रोसेस की गाइडलाइन पर बातचीत हुई थी। कांग्रेस ने 1 अगस्त को सुखविंदर सिंह रंधावा को जम्मू-कश्मीर की स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया था।







