प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को केरल के वायनाड पहुंचे. जहां उन्होंने भूस्खलन प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया. बता दें कि केलर के वायनाड में जुलाई के आखिरी सप्ताह में भारी बारिश के बाद भारी भूस्खलन हुआ था. जिमसें 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. इस हादसे के बाद कांग्रेस सांसद राहुल गांधी वायनाड पहुंचे थे और उन्होंने आपदा प्रभावित इलाकों का दौरा किया था. पीएम मोदी ने शनिवार को भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से भूस्खलन प्रभावित चूरलमाला, मुंडक्कई और पंचिरिमट्टम की बस्तियों का हवाई सर्वेक्षण किया, जिसके बाद करीब सवा ग्यारह बजे कन्नूर एयरपोर्ट से वायनाड के लिए रवाना हुए.
उन्होंने रास्ते में लैंडस्लाइड प्रभावित चूरलमाला, मुंडक्कई और पुंचिरीमट्टम गांवों का हवाई सर्वेक्षण किया। मोदी ने वो जगह भी देखी, जहां से 30 जुलाई की तबाही शुरू हुई थी। इसी जगह से इरुवाझिनजी पुझा नदी भी शुरू होती है।
मोदी का हेलीकॉप्टर वायनाड स्थित कलपेट्टा के एक स्कूल में उतरा, जहां से वे सड़क के रास्ते लैंडस्लाइड प्रभावित इलाकों में गए हैं। मोदी वहां रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी लेंगे। फिर राहत शिविरों और अस्पतालों में लैंडस्लाइड पीड़ितों और जिंदा बचे लोगों से मुलाकात करेंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे, जहां उन्हें हादसे और रेस्क्यू ऑपरेशन के बारे जानकारी दी जाएगी। पीएम के साथ केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी भी वायनाड गए हैं।
राहुल ने वायनाड दौरे के लिए पीएम का धन्यवाद दिया
नेता प्रतिपक्ष और वायनाड के पूर्व सांसद राहुल गांधी ने वायनाड दौरे को लेकर PM मोदी को धन्यवाद कहा है। उन्होंने X पर लिखा- PM के वायनाड जाने का फैसला अच्छा है। मुझे भरोसा है कि जब प्रधानमंत्री लैंडस्लाइड से हुई तबाही खुद देखेंगे, तो वह इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित कर देंगे। राहुल संसद में वायनाड हादसे को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग कर चुके हैं।
वायनाड में 30 जुलाई को हुई लैंडस्लाइड में अब तक 400 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। 138 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। 9 दिन रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के बाद 8 अगस्त को सेना वायनाड से वापस लौट गई है। अभी NDRF रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है।







