पूर्णिया के हाई प्रोफाइल गोपाल यादुका मर्डर मामले में पूर्व विधायक बीमा भारती के पति अवधेश मंडल ने सोमवार को पूर्णिया सिविल कोर्ट में सरेंडर किया है। कोर्ट ने अवधेश मंडल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इस मामले में आरोपी बेटा अब भी फरार है।
अधिवक्ता जय हिंद कुमार ने कहा कि गोपाल यादुका हत्याकांड में अवधेश मंडल को अप्राथमिक अभियुक्त बनाया गया है। इस मामले को लेकर अवधेश मंडल ने कोर्ट में सरेंडर किया और बेल पिटिशन फाइल किया। सीजीएम कोर्ट ने उनके बेल पिटिशन को रिजेक्ट कर दिया है। अब वो सेशन कोर्ट में अपील करेंगे।

अवधेश मंडल भी मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद से ही फरार था। हालांकि, आज उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पूर्णिया पुलिस ने अवधेश मंडल पर हत्या की साजिश के आरोप में गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी कर रही थी।
अवधेश मंडल रुपौली विधानसभा क्षेत्र से 5 बार की पूर्व विधायक बीमा भारती के पति हैं। हत्याकांड में शामिल बेटा राजा अब भी फरार है, जिसको पुलिस तलाश रही है।
हत्या के साजिशकर्ता हैं बाप-बेटा
पूर्णिया पुलिस ने पूर्व विधायक बीमा भारती के पति अवधेश मंडल और बेटे राजा को गोपाल यादुका की हत्या का साजिशकर्ता बनाया है। हत्याकांड के बाद से दोनों फरार थे। इससे पहले दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने पूर्व MLA बीमा भारती के घर पर कुर्की-जब्ती का इश्तेहार चिपकाया था।

चार अरोपियों से पूछताछ में दोनों पिता-पुत्र का नाम सामने आया था
पुलिस ने हत्याकांड के आरोपी विकास कुमार, ब्रजेश यादव, संजय भगत और विशाल राय को गिरफ्तार किया। इसके बाद 48 घंटे की रिमांड पर लिया था। इन चारों आरोपियों से पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों ने हत्याकांड में दोनों पिता-बेटे की संलिप्तता सामने आई थी। हालांकि, बीमा भारती ने मीडिया के सामने आकर अपने पति और बेटे का बचाव किया था।
राजनीति के तहत फंसाया जा रहा है
अवधेश मंडल के भाई संजय कुमार मंडल ने कहा कि इस मामले में गोपाल यादुका के परिजनों ने डीआईजी, एसपी और मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने बताया है कि इस मामले में आरोपी अवधेश मंडल और उनका बेटा राजा नहीं, बल्कि कोई और है। लेकिन राजनीति के तहत दोनों को फंसाया गया है।
लोकसभा और विस उपचुनाव में हार गई थी बीमा भारती
बता दें कि बीमा भारती रुपौली से पांच बार की विधायक रह चुकी हैं। जदयू से इस्तीफा देकर बीमा भारती ने बतौर राजद प्रत्याशी लोकसभा का चुनाव लड़ा था। मगर इस चुनाव में उन्हें करारी हार मिली। इसके बाद बीमा भारती ने विधानसभा उपचुनाव में छठी बार अपनी किस्मत आजमाई थी। इस चुनाव में भी निर्दलीय प्रत्याशी शंकर सिंह के आगे हार का मुंह देखना पड़ा। लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव दोनों में ही वे तीसरे नंबर पर रही।







